सरकारी दवा मिली कूड़े में, सीएम ने लगाई क्लास

राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेनवाल मांजी में चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की अनेदखी के चलते सरकारी दवाइयां अस्पताल पीछे फेंकी जा रही हैं तो मरीजों को बाजार से दवाइया लेते देखा जा सकता है।

By: Ashish Sikarwar

Published: 02 Mar 2020, 12:02 AM IST

रेनवाल मांजी. राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेनवाल मांजी में चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की अनेदखी के चलते सरकारी दवाइयां अस्पताल पीछे फेंकी जा रही हैं तो मरीजों को बाजार से दवाइया लेते देखा जा सकता है।
राजधानी से मात्र 30 किलोमीटर दूर स्थित राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेनवाल मांजी में चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री नि:शुल्क योजना के तहत मरीजों को मिलने वाली दवाई सेट्रिजीन सिरप आई की करीब 200 शीशी अस्पताल के पीछे कच्छरे में फेंक दी, जबकि अस्पताल में मरीजों को अधिकतर बाहर की दवाइयां लिखी जा रही हैं। इसके चलते गरीब तबके के मरीजों को मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना का फायदा कम मिल रहा। ऐसे वे महंगे दामों पर निजी मेडिकल स्टोर से दवाइयां खरीदने की मजबूर हैं।

 

कर्मचारियों में मचा हडक़ंप
अस्पताल के पीछे पड़ी दवाइयों की फोटो जब पत्रिका संवाददाता ने खींची तो कर्मचारियों में हडक़ंप मच गया। केंद्र कार्यरत एक कर्मचारी ने अस्पताल के पीछे पड़ी शीशियों पर कागज डालकर जलाया। केंद्र के एक कर्मचारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों की अनदेखी के चलते दवा स्टोर रूम में दवाइयों के डीबों के नीचे सेट्रिजीन सरिप आई का कार्टून दबा रहने की वजह से एक काटूर्न एक्सपायर होने की वजह से अस्पताल के पीछे डालकर जलाया गया। दो माह पहले भी मरीजों को राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर बाहर की दवाइयां लिखने पर चिकित्सा विभाग के मुख्य अधिकारी द्वारा कर्मचारियों को फटकार लगाई गई थी। इस बारे में फागी ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी दिनेशकुमार शर्मा ने बताया मुख्यमंत्री नि:शुल्क एक्स्पायर दवाई की शीशियां अस्पताल के पीछे फेंकने की जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Ashish Sikarwar
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