इन हजारों बेजुबानों पर भारी न पड़ जाए लॉकडाउन

कोरोना का असर अब गोशालाओं में भी दिखने लगा है। जयपुर के समीप बनी गोशालाओं में चारे की किल्लत बढ़ गई है। जल्द ही व्यवस्था नहीं हुई तो गोवंश के भूखे मरने की नौबत आने वाली है। गंभीर बात ये है कि पंजाब व हरियाणा से चारा नहीं पहुंच रहा है।

बगरू. कोरोना का असर अब गोशालाओं में भी दिखने लगा है। जयपुर के समीप बनी गोशालाओं में चारे की किल्लत बढ़ गई है। जल्द ही व्यवस्था नहीं हुई तो गोवंश के भूखे मरने की नौबत आने वाली है। गंभीर बात ये है कि पंजाब व हरियाणा से चारा नहीं पहुंच रहा है। ऐसे में हजारों गायों के निवाले पर संकट आ गया है। अधिकतर गोशालाओं में एक-दो या अधिकतम पांच दिनों का ही चारा रहा गया है।
बगरू कस्बा स्थित श्रीरामदेव गोशाला सहित आसपास संचालित एक दर्जन से अधिक गोशालाओं में लोक डाउन से पंजाब, हरियाणा सहित अन्य राज्यों से आने वाला चारा नहीं पहुंच रहा है। समस्या को लेकर गोशाला संचालकों ने सरकार से इन वाहनों के लिए विशेष व्यवस्था कराने की मांग की है। रामदेव गौशाला व्यवस्थापक बनवारीलाल शर्मा व भंवरलाल बेसरवाडिय़ा ने बताया कि आसपास की एक दर्जन से अधिक गोशालाओं में 7500 से अधिक गोवंश है। जहां दो या तीन दिन का चारा बचा है।
समिति द्वारा महंगे दामों में आसपास के क्षेत्र से चारे लाने की व्यवस्था की जा रही है। गोशाला परिवार समिति जयपुर द्वारा बगरू सहित आठ गोशाला संचालित की जा रही हैं। जिनमें एक गोशाला में प्रतिदिन एक चारे की गाड़ी आती है। लॉक डाउन होने से पंजाब व हरियाणा से आने वाले वाहनों को अनुमति नहीं दी जा रही। जिससे चारा संकट गहरा गया है। जहां गोशालाओं में चारे से गोदाम भरे रहते थे वहीं अब नाममात्र का चारा रह गया है।

 


मुरलीपुरा : चारे की समस्या, गायें खा ककडिय़ां
पचकोडिय़ा. कस्बें के समीप मुरलीपुरा ग्राम की श्री बजरंग बली गोशाला में लॉक डाउन के बाद चारे की समस्या हो गई है। समिति अध्यक्ष गोपाल घासल ने बताया कि फिलहाल स्थानीय स्तर पर ही चारे की व्यवस्था से ही काम चल रहा है। स्थानीय किसान लॉकडाउन में ककड़ी गोशालाओं में पहुंचा रहे हैं। पिछले 6 माह में गौशालाओं में अनुदान नहीं मिला है अभी यहां 400 गायें हैं। (निसं)

 

दूदू : सुधासागर गोशाला 400 गोवंश, 4 दिन का चारा
दूदू. नरैना रोड स्थित सुधासागर दयोदय गोशाला में लगभग 400 से अधिक गौवंश है। यहां 5-6 दिन पहले चारा आया था, लेकिन अब चारा नहीं आने से 4 दिन का ही चारा बचा है। गोशाला समिति के संरक्षक श्रवण लाल चौधरी ने बताया कि लगभग 400 गौवंश के लिए प्रतिदिन 40 मन चारे की आवश्यकता होती है। प्रतिमाह करीब चार लाख का चारा एकत्र करना पड़ता है। अगर समय पर चारा नहीं मिला तो समस्या होगी। (निसं)

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Ashish Sikarwar
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