आठ लाख रुपए के लालच में किया कांस्टेबल का कत्ल

पुलिस वर्दी को नाले में फेंका, डाकघर व एलआईसी एजेंट के अलावा वार्ड पंच है आरोपित।

By: Teekam saini

Published: 13 Mar 2018, 07:22 PM IST

कोटपूतली (जयपुर). पुलिस कांस्टेबल की हत्या कर शव को रस्सी से बांध कर सड़क किनारे पटकने के मामले का पुलिस ने सोमवार को खुलासा करते हुए आरोपित प्रागपुरा ग्राम पंचायत के वार्डपंच गिरिराज शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। मृतक कांस्टेबल ख्यालीराम आरोपित गिरिराज शर्मा से 8 लाख रुपए मांगता था। गिरिराज ने रुपयों के लालच में आकर ही हत्या कर दी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामस्वरूप शर्मा ने बताया कि चतुर्भुज चौकी पर कार्यरत कांस्टेबल ख्यालीराम यादव का शव 9 मार्च को पवाना अहीर के समीप सड़क के किनारे मिला था। उसका शरीर रस्सी से बंधा हुआ था एवं वर्दी गायब मिली। पूछताछ में पता चला कि ख्यालीराम को प्रागपुरा निवासी गिरिराज शर्मा के साथ देखा गया था। कांस्टेबल के पुत्र भुवनेश्वर की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने तीन दिन में ही वारदात से पर्दा उठा दिया।

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रुपए हड़पने के लिए रची साजिश
कांस्टेबल की डाकघर में जमा 8 लाख रुपए की राशि अक्टूबर 2017 में ही उसने निकाली थी। यह राशि उसी समय से आरोपित गिरिराज के पास थी। कांस्टेबल उससे तकाजा करने लगा तो मन में रुपए हड़पने का लालच आ गया। इस पर कांस्टेबल को ठिकाने लगाने साजिश रची।

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यूं दिया वारदात को अंजाम
आरोपित बैंक खाता अपडेट व आधार से जुड़वाने की बात कहकर कांस्टेबल को बैंक व डाकघर ले गया। लोकेशन छिपाने के लिए फोन भी ऑफिस में ही छोड़ दिया। डाकघर में दस्तावेज जमा कराने के बाद उसने लस्सी में नींद की गोलियां मिलाकर कांस्टेबल को पिला दी और अंधेरा होने पर आरोपित ने उसका गला व मुंह दबा कर हत्या कर दी। इसके बाद उसकी वर्दी उतार कर शरीर को रस्सी से बांध पवाना के समीप पटक दिया और वर्दी को कंवरपुरा व गोरधनपुरा के बीच नाले में फेंक कर घर जाकर सो गया।

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पहले दिन ही हो गया था शक
थाना प्रभारी ने बताया कि ख्याली राम को आखिरी बार प्रागपुरा निवासी गिरिराज शर्मा के साथ देखे जाने पर पहले दिन से ही उस पर शक हो गया था। गिरिराज को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह बार-बार बयान बदलता रहा। इससे पुलिस का शक गहरा गया। सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया।

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प्रति माह मिलता था 40 हजार कमीशन
आरोपित भारतीय जीवन बीमा निगम निगम व डाकघर में लघु बचत योजना अभिकर्ता के रूप का कार्य करता है। उसे अभिकर्ता के कमीशन के रूप में करीब 40 हजार रुपए मासिक आय होती थी। उसकी साख के चलते ही कांस्टेबल उससे जुड़ा था। इसी साख के चलते ही गिरिराज को प्रागपुरा ग्राम पंचायत में निविरोध वार्ड पंच चुना गया था।

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