पुलिस ने क्राइम कंट्रोल करने के लिए खड़ी की यह फौज

सामाजिक व जनहित के कार्यों में पुलिस के साथ कंधा से कंधा मिलाकर पुलिस की सहभागी के रूप में काम करने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय ने थानों में पुलिस मित्रों की फौज खड़ी कर दी है।

By: Ashish Sikarwar

Published: 02 Aug 2020, 11:14 PM IST

चौमूं. सामाजिक व जनहित के कार्यों में पुलिस के साथ कंधा से कंधा मिलाकर पुलिस की सहभागी के रूप में काम करने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय ने थानों में पुलिस मित्रों की फौज खड़ी कर दी है। यहां चौमूं थाने सहित जयपुर ग्रामीण के गोविंदगढ़, कालाडेरा और सामोद में हाल ही में करीब 364 पुलिस मित्र लगाए गए हैं। पुलिस का मानना है कि ऐसे में अब क्षेत्र में बढ़ते अपराध पर लगाम लगाई जा सकेगी।
जानकारी के मुताबिक राजस्थान के तत्कालीन महानिदेशक कपिल गर्ग ने 2019 में थानों में पुलिस मित्र योजना की शुरुआत की थी। योजना के शुरू होने के साथ ही युवाओं ने पुलिस मित्र बनने के लिए बढ़-चढ़कर आवेदन किया। पुलिस का प्रयास सेवानिवृत सैनिक एवं कर्मचारियों को इसमें ज्यादा से ज्यादा मौका दिया गया है। पुलिस अधिकारियों को मानना है कि जहां सेवानिवृत सैनिक नहीं मिले, वहां स्वच्छ छवि वाले युवाओं को भी मौका मिला है। (निसं.)

 

मित्र तो लगा दिए, लेकिन रिक्त पदों पर नहीं ध्यान
हालांकि पुलिस मुख्यालय ने एक थाने में 50 से अधिक पुलिस मित्र लगाए हैं, लेकिन पुलिस अधिकारी व सिपाहियों के रिक्त पदों की तरफ अधिकारियों का कतई ही ध्यान नहीं है। ऐसे में थानों में दर्ज मुकदमों की पेंडेंसी बढ़ती जा रही है। साथ ही अपराधियों की धरपकड़ में भी कमी देखने को मिल रही है।

 

ग्रामीण के तीन व चौमूं थाने में 364 मित्र लगाए
चौमूं थाने सहित जयपुर ग्रामीण के गोविंदगढ़, कालाडेरा व सामोद थाने में 364 मित्र लगाए हैं। गोविंदगढ़ में 60, सामोद में 123, कालाडेरा में 96 व चौमूं में 85 मित्र लगाए हैं।

 

फैक्ट फाइल
चारों थानों में ये हैं रिक्त पद
पद रिक्त
उपनिरीक्षक 4
सहायक उपनिरीक्षक 14
कांस्टेबल 52

 

अधिकारियों को बताएंगे
पुलिस मित्रों को लगाए जाने से क्षेत्र में सामाजिक गतिविधियों में पुलिस की सक्रिय भागीदारी बढ़ेगी है। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने से अपराध होने से भी बच सकेंगे। पुलिस अधिकारी व सिपाही के पद भरने के लिए अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
हेमराजसिंह, थाना प्रभारी, चौमूं

Ashish Sikarwar
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned