शिक्षकों के तबादलों का विरोध, पांच घंटे प्रदर्शन

3 शिक्षकों का तबादला होने से गुस्साए विद्यार्थियों ने सोमवार सुबह मुख्य स्टैंड पर जाम लगाकर धरना प्रदर्शन किया।

By: Ramakant dadhich

Updated: 30 Sep 2019, 11:50 PM IST

खेजरोली. कस्बे के श्रीदुलीचंद धमोड राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के 3 शिक्षकों का तबादला होने से गुस्साए विद्यार्थियों ने सोमवार सुबह मुख्य स्टैंड पर जाम लगाकर धरना प्रदर्शन किया। इससे विद्यार्थियों ने विद्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। इससे यातायात व्यवस्था बाधित रही। वाहनों की लम्बी कतार लग गई। सूचना पर पहुंचे थानाधिकारी व सरपंच के आश्वासन पर करीब पांच घंटे के बाद धरना प्रदर्शन समाप्त किया। जानकारी के अनुसार राज्य सरकार ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में हिंदी विषय के व्याख्याता हीरालाल सैनी, अनिवार्य हिन्दी के व्याख्याता हेमंत कुमावत एवं राजनीतिक विज्ञान के व्याख्याता मदनलाल शर्मा का तबादला अन्यत्र कर दिया। सोमवार सुबह इसकी खबर विद्यार्थियों को मिली तो उन्होंने इसका विरोध जताना शुरू कर दिया। इसे लेकर विद्यार्थियों ने मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। रैली के रूप में नारे लगाते हुए मुख्य स्टैंड पर पहुंचे, जहां सडक़ पर बैठकर धरना शुरू कर दिया, जिससे जाम की स्थिति बन गई। विद्यार्थियों के हाथों में तख्तियां थी, जिन पर लिखा था कि ‘हमारे सर को वापस करो, नहीं तो स्कूल बंद करो’ समेत अन्य नारे लिखे हुए थे। विद्यार्थियों ने सरकार के खिलाफ भी नारे लगाए।

जाम से हुए चालक परेशान
मुख्य स्टैंड से गुजरने वाले रास्तों पर विद्यार्थी ने लंबी कतार लगाकर बैठ गए, जिससे जाम की स्थिति बन गई। एक भी दुपहिया व चौपहिया वाहन को आने-जाने नहीं दिया। करीब एक किलोमीटर लंबी वाहनों की लाइन लग गई और कस्बे से बाहर जाने वाले वाहनों को काफ ी मशक्कत करनी पड़ी। जाम की सूचना पर पुलिस चौकी खेजरोली के इंचार्ज हनुमानप्रसाद मीणा मय जाप्ते सहित मौके पर पहुंचकर विद्यार्थियों से समझाइश की, लेकिन विद्यार्थियों के आगे एक नहीं चली।

थानाधिकारी व सरपंच को झेलना पड़ा विरोध
विरोध-प्रदर्शन व रास्ता जाम की सूचना पर सरपंच मदन बाबाजी, गोविन्दगढ़ थानाधिकारी अरविंद भारद्वाज, अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रामेश्वरलाल सामोता, पीईईओ शंकरलाल माली, शिक्षक संघ अध्यक्ष गोविंदगढ़ जितेंद्र सिंह पूनिया, मोहनलाल सैनी भी मौके पर पहुंचे। थानाधिकारी और सरपंच को विद्यार्थियों का विरोध झेलना पड़ा, लेकिन थाना अधिकारी ने कानून अपने हाथ में न लेने को लेकर समझाइश की। उन्होंने बताया कि शुद्ध हवा, पानी और शुद्ध वातावरण पर जैसे सभी का हक होता है, वैसे ही अच्छे शिक्षकों पर भी सभी विद्यालयों के विद्यार्थियों का हक बनता है। जितना विकास आपके स्कूल का हुआ है, उतना ही विकास दूसरी स्कूल का भी होना चाहिए। इसलिए स्थानांतरण होने वाले शिक्षक को लेकर विरोध प्रदर्शन नहीं करते हैं। स्थानांतरण होना एक सरकारी प्रक्रिया है। सरपंच मदन बाबाजी ने कहा कि वो विद्यार्थियों की बात शिक्षा मंत्री तक पहुंचाएंगे और शिक्षकों का स्थानांतरण रद्द करवाने का प्रयास करेंगे। इसके लिए विद्यार्थियों को मंगलवार सुबह 10 बजे अभिभावकों के साथ विद्यालय बुलाया, जिससे अभिभावकों को विधायक एवं शिक्षामंत्री से मिलवाकर स्थानांतरण रद्द करवाने के प्रयास किए जाएं। इसके बाद दोपहर करीब १२ बजे धरना प्रदर्शन समाप्त किया गया। इधर, विद्यार्थियों की ओर से गेट पर ताला लगाने के बाद शिक्षक भी अंदर नहीं जा सके, जिसके चलते पांच घंटे तक शिक्षण कार्य प्रभावित रहा।

Ramakant dadhich Desk/Reporting
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