दुनिया से अलविदा हुए राम-श्याम

दुनिया से अलविदा हुए राम-श्याम

Ramakant Dadhich | Updated: 12 Jun 2019, 11:16:39 PM (IST) Bagru, Jaipur, Rajasthan, India

- जुड़वा भाइयों की मौत से घर-परिवार में मचा कोहराम, एक ही चिता पर किया अन्तिम संस्कार

चौमूं. थाना क्षेत्र सामोद के चौमंू-अजीतगढ़ स्टेट हाइवे पर सामोद जतीजी मंदिर के पास बुधवार को अजीतगढ़ से चौमूं की ओर जा रही रोडवेज बस ने सामने से आ रही बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयंकर थी कि बाइक सवार जुड़वा भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अनियंत्रित बस सडक़ किनारे पेड़ से टकरा गई, जिससे मजबूत पेड़ भी टूट गया। गनीमत रही कि पेड़ से टकरा कर बस रुक गई अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को एम्बुलेंस से चौमूं के राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए।
अमरसर की उदिका की ढाणी से बुधवार सुबह परिजनों को जल्द आने की कहकर चौमूं में बिल्व पत्र बेचने रवाना हुए उन भाइयों को नहीं पता था कि परिजनों से उनका यह आखिरी मिलन है और इसके बाद वे उनसे कभी नहीं मिल पाएंगे। ये उन दो जुड़वा भाइयों की दास्तां है, जो मोटरसाइकिल पर सवार थे और बुधवार को सामोद थाना इलाके में जतीजी के मंदिर के पास रोडवेज की टक्कर के बाद काल का ग्रास बन गए। साथ-साथ जन्मे भाइयों की एक साथ ही मौत होने का समाचार फैलने के बाद न सिर्फ उनकी ढाणी, बल्कि अमरसर समेत आसपास क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मेहनत-मजदूरी कर परिवार चलाने वाले जगदीशप्रसाद सैनी के घर में पुत्र कमलेश सैनी व पुत्री के बाद जुड़वा पुत्र हुए तो घर-परिवार में खुशियां फैल गई। घर-परिवार व रिश्तेदारों के कहने पर एक पुत्र का नाम राम उर्फ आनंद तो दूसरे का नाम श्याम रखा। दो साल पहले बेटी चंदा और करीब दस महीने पहले कमलेश व श्याम की नाथावाला में शादी की गई। सब कुछ ठीक चल रहा था कि छह माह पहले बीमारी के चलते जगदीश की पत्नी प्रभाती देवी भी चल बसी। इसे परिजन भूल भी नहीं पाए थे। बिल्व पत्रों को चौमूं में बेचने के लिए श्याम व आनंद मोटरसाइकिल से रवाना हुए तो परिजनों ने भीषण गर्मी होने के कारण जल्द लौटने को कहा, जिस पर वे दोनों जल्द लौटने की बात कहकर चौमूं आ गए, जहां बिल्वों को बेचकर वे मोटरसाइकिल से लौट रहे थे कि सामोद थाना क्षेत्र में चौमूं-अजीतगढ़ रोड पर बंदौल में जतीजी के मंदिर के मोड़ पर अजीतगढ़ की तरफ से चौमूं की तरफ आ रही रोडवेज बस की चपेट में आ गए। इसकी खबर फैलते ही बड़ी संख्या में असरसर समेत आस-पास के लोग चौमूं पहुंच गए।


साथ जन्मे, साथ मरे
श्याम और आनंद जुड़वा के तौर पर साथ जन्मे थे। दोनों साथ-साथ पले-बढ़े। पढ़ाई की, लेकिन श्यामलाल पढ़ाई में होशियार और आनंद उर्फ रामलाल कमजोर था। श्याम ने प्रथम वर्ष की परीक्षा दी थी तथा आनंद ने दसवीं की परीक्षा दी थी, जिसमें फेल हो गया था, लेकिन इन सबके विपरीत दोनों भाई साथ रहते थे।


एक की चिता पर अन्त्येष्टि
जैसे ही घर पर मौत की खबर पहुंची तो कोहराम मच गया। आसपास के लोग एवं रिश्तेदार मौके पर जमा हो गए। जैसे ही घर से दोनों भाइयों की अर्थियां निकली तो लोगों की आंखें नम हो गई, जहां-जहां से शवयात्रा निकली, वहां यही हाल था। बाद में एक ही चिता पर दोनों भाइयों का अन्तिम संस्कार किया गया, जहां उनके चेचेरे भाई ने मुखाग्नि दी।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned