राहत की खबर : एक छोटे से गांव के शोधार्थी ने ढूंढी कोरोना की संभावित ड्रग

कोविड-19 से निजात के लिए दुनियाभर में वैक्सीन की खोज की जा रही वहीं भारत में भी विभिन्न संस्थानों के वैज्ञानिक व शोधार्थी भी वैक्सीन पर शोध कर रहे हैं। इसी कड़ी में भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश के पीएचडी रिचर्स स्कॉलर और करीरी की ढाणी ठाकारावाली के किसान परिवार के डॉ. रोहिताश यादव ने कोरोना की संभावित ड्रग की पहचान का दावा किया है।

By: Ashish Sikarwar

Published: 29 Jun 2020, 11:22 PM IST

कुश शर्मा. बिलांदरपुर
कोविड-19 से निजात के लिए दुनियाभर में वैक्सीन की खोज की जा रही वहीं भारत में भी विभिन्न संस्थानों के वैज्ञानिक व शोधार्थी भी वैक्सीन पर शोध कर रहे हैं। इसी कड़ी में भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश के पीएचडी रिचर्स स्कॉलर और करीरी की ढाणी ठाकारावाली के किसान परिवार के डॉ. रोहिताश यादव ने कोरोना की संभावित ड्रग की पहचान का दावा किया है। इस विषय पर उनका रिचर्स पेपर संयुक्त राज्य अमेरिका की प्रतिष्ठ अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका जनरल ऑफ बायोमोलिक्यूलर स्ट्रक्चर व डायनामिक्स में 22 जून को प्रकाशित भी हुआ है।
एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने कहा कि संस्था स्तर पर शोध को बढ़ावा देने के लिए कार्य हो रहा है। इसके लिए संस्थान स्तर पर प्रतिवर्ष पांच करोड़ की धनराशि दी जाती है। इसे आने वाले समय में बढ़ाया जा सकता है। प्रो. रविकांत ने कहा कि यादव ने शोधकार्य में कोरोना के विभिन्न टारगेट की पहचान करके संभावित ड्रग को खोजा है।

 

संक्रामक बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाओं पर किया अध्ययन
यादव ने बताया की शोधपत्र में कोरोना के न्यूक्लियोकैप्टिस फास्फोप्रोटीन की तीन संभावित जगहों पर 8722 नए ड्रग मॉलिक्यूलस एवं 265 संक्रामक बीमारियों के काम में आने वाली दवाओं के साथ अध्ययन किया। तीन संभावित ड्रग मॉलिक्यूलस की पहचान की। इनमें से दो नए ड्रग मोलिक्यूल हैं, जबकि एक एचआईवी संक्रमण रोकने में काम आने वाली जिडोवुडीन है। जिडोवुडीन को कोरोना उपचार की कड़ी में एक महत्वपूर्ण ड्रग के तौर पर देखा जा सकता है। इसकी पुष्टि क्लीनिकल ट्रायल से की जा सकती है। यादव ने बताया कि यह कार्य एम्स के डिपार्टमेंट ऑफ फॉर्माकोलॉजी में किया। इस कार्य को डीन एकेडमिक्स प्रोफेसर मनोज गुप्ता ने इसे एम्स व फॉर्माकोलॉजी विभाग की बड़ी उपलब्धि बताई। विभागाध्यक्ष प्रो. शैलेंद्र हांडू ने कोविड पर किए अनुसंधान पर खुशी जाहिर की है। यादव ने बताया कि इस कार्य के लिए विभाग के डॉ. पुनीत धमीजा जॉन्स हॉपिकिंस यूनिवर्सिटी, अमेरिका के डॉ. कपिल सूचल व सऊदी के सांकरा मेडिकल इंस्टिट्यूट के डॉ मोहम्मद इमरान ने भी सहयोग किया है।

खाद-बीज व्यापारी निकला कोरोना पॉजिटिव, ग्रामीणों में दहशत
बिलांदरपुर ग्राम पंचायत के जगतपुरा के भिंडों की ढाणी में एक व्यक्ति के कोरोना पॉजिटिव आने पर ग्रामीणों व ढाणीवासियों में दहशत का माहौल है। ब्लॉक सीएमएचओ डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि ग्राम जगतपुरा के भिंडों की ढाणी निवासी 35 वर्षीय व्यक्ति के 27 जून को जुकाम की शिकायत आने पर राडावास पीएचसी में रैंडम सैंपल लिए थे। व्यक्ति की खाद-बीज की दुकान है। रिपोर्ट 29 जून को पॉजिटिव आई। सूचना पर मौके पर पहुंचे धानोता पीएचसी प्रभारी अमीचंद हरीतवाल ने बताया कि व्यक्ति के संपर्क में आए राडावास के 12 व जगतपुरा के 18 लोगों के सैंपल लेकर होम क्वारंटीन किया है। वही पॉजिटिव व्यक्ति को निम्स अस्पताल भेजा है। पॉजिटिव आने पर ग्राम सचिव फूलचंद रेवड़ ने ढाणी को सेनेटाइज करवाया।

Ashish Sikarwar
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