किसानों के खातों पर जिम्मेदारों का ‘डाका’

किसानों के खातों पर जिम्मेदारों का ‘डाका’
किसानों के खातों पर जिम्मेदारों का ‘डाका’

Ramakant Dadhich | Publish: Sep, 23 2019 11:41:54 PM (IST) Bagru, Jaipur, Rajasthan, India

कुछ जिम्मेदारों की ओर से किसानों के खाते में राशि होने के बाद भी चक्कर कटवाए जा रहे हैं। कई स्थानों पर तो पोस मशीन में किसान का अंगूठा लगाकर उसके खाते से राशि निकाल ली जाती है।

गोविन्दगढ़. किसानों की सुविधा के लिए सरकार की ओर से सहकारी समिति में मिनी एटीएम, पोस मशीन उपलब्ध करवाई गई है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। लेकिन समिति पर कुछ जिम्मेदारों की ओर से किसानों के खाते में राशि होने के बाद भी चक्कर कटवाए जा रहे हैं। कई स्थानों पर तो पोस मशीन में किसान का अंगूठा लगाकर उसके खाते से राशि निकाल ली जाती है और किसान को कुछ दिनों बाद आकर राशि लेने की बात कही जा रही है। जानकारी अनुसार सोमवार को गोविन्दगढ़ पंचायत समिति के ग्राम लोहरवाड़ा स्थित लोहरवाड़ा ग्राम सेवा सहकारी समिति मेें सामने आया। जहां सहकारी समिति के व्यवस्थापक ने किसान का अंगूठा पोस मशीन पर लगा कर किसान के बंैक खाते से रुपए निकाल लिए तथा किसान को पोस मशीन से निकली पर्ची पर साइन कर उस पर ‘बाकी’ लिख दी तथा एक माह बाद आकर राशि ले जाने की बात कही। लेकिन अंगूठा लगाने पर मोबाइल मेें मैसेज आने से व्यवस्थापक की पोल खुल गई।

यह है पूरा मामला
कानजी की ढाणी भोपवास निवासी भगवान सहाय जाट सोमवार को लोहरवाड़ा ग्राम सेवा सहकारी समिति मेें अल्पकालीन ऋण लेने पहुंचा। जहां व्यवस्थापक ने किसान से पोस मशीन पर अंगूठा लगा कर एक माह बाद पैसे लेने के लिए आने को कहा। किसान ने यह बात अपने बेटे को बताई तथा मोबाइल मेें मैसेज आने पर दी जयपुर सैन्ट्रल कॉपरेटिव बैंक शाखा गोविन्दगढ़ पहुंचा। जहां पर किसान ने डायरी मेें एन्ट्री करवाई तो खाते मेेें २९ अगस्त को २० हजार रुपए आने व सोमवार को निकालने का मामला सामने आया। किसान ने आरोप लगाया कि जब इस बारे मेें व्यवस्थापक से बात की तो उसने न तो संतोषपूर्ण जबाव दिया और न ही राशि।

सहकारी समितियों में चल रहा गोरखधंधा
सूत्रों की मानें तो ग्रामीण क्षेत्र मेें स्थित सहकारी समितियों मेें किसानों को पोस मशीन पर अंगूठा लगाते ही रुपए नहीं देने के मामले सामने आ रहे हैं। किसानों ने बताया कि सहकारी समितियों से मिलने वाला अल्पकालीन ऋण समय पर नहीं मिल रहा है। जबकि खरीफ की फसल कटाई के साथ ही रबी की फसल बुवाई का समय निकट आ गया है। ऐसे मेें किसान ऋण के लिए सहकारी समिति एवं बैंक के चक्कर काट रहे हैं।

एटीएम कार्ड नहीं उन्हें अधिक परेशानी
जानकारी के अनुसा खाते खोलने के साथ ही किसानों को एटीएम कार्ड भी दिए जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो अब ४० प्रतिशत किसानों व इस वित्तीय वर्ष में जिन किसानों के सहकारी बैकों मेें खाते खुले हैं उनके एटीएम कार्ड जारी नहीं किए गए हैं। ऐसे मेें किसानों को मजबूरन सहकारी समिति के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

इनका कहना है...

- सहकारी समिति मेें नकद रुपए नहीं थे। ऐसे मेें पोस मशीन पर किसान का अगूंठा लगा करा विड्राल करवा लिए थे। किसान की अमानत सहकारी समिति मेें सुरक्षित है कभी भी पैसा ले जा सकता है ।
रमेशकुमार, व्यवस्थापक
ग्राम सेवा सहकारी समिति लोहरवाड़ा

- किसान को बिना बताए उसके खाते का पैसा निकाल गंंभीर बात है। शाखा में पहले लगातार कैश आ रहा था। पिछले कुछ दिनों से कैश नहीं आ रहा है। ऐसे मेें व्यवस्थापक ने किसान की अमानत सहकारी समिति मेें सुरक्षित रख ली होगी। मामले की जानकारी की जाएगी ।
कपिल माथुर, शाखा प्रबंधक
दी जयपुर सैन्ट्रल कॉपरेटिव बैंक, गोविन्दगढ़

- बजट के अनुसार सभी को राशि दी जा रही है। प्रदेश मेें जयपुर जिले की बैंक शाखाओं में सबसे अधिक रुपए दिए गए हैं। ऋण वितरण मेें पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल व किसानों को एटीएम कार्ड देने के साथ ही सहकारी समितियों मेें पोस मशीन दे रखी है, जिससे अंगूठा लगाते ही किसान पैसे ले जाए। जानकारी में आया है कि गांवों के लोगों को विश्वास मेें लेकर कई व्यवस्थापक ऐसी हरकत कर लेते हैं। जो गंभीर मामला है।
इन्द्राज मीणा, मुख्य प्रबंधक
सैन्ट्रल कॉपरेटिव बैंक, जयपुर

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