क्या हुआ तेरा वादा...ठोस नहीं था इरादा!

क्या हुआ तेरा वादा...ठोस नहीं था इरादा!

Teekam Saini | Publish: Jan, 01 2018 11:07:26 PM (IST) Chomu, Jaipur, Rajasthan, India

- विधायक, पालिकाध्यक्ष व अधिकारियों की बैठकें रहीं बेनतीजा, मुख्य मार्गों पर होने वाली अवैध पार्किंग और अतिक्रमण बरकरार।

चौमूं (जयपुर)। नया साल भी शुरू हो गया, लेकिन मुख्य मार्गों पर गड़बड़ाए यातायात और अवैध वाहन पार्किंग की समस्या ज्यों की त्यों है। उपखंड कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारी के साथ बैठक, तो कभी नगरपालिका सभागार में ब्लॉक के सभी विभागों के आला अधिकारियों से घंटों चर्चा और तो निवास पर प्रेसवार्ता में किए गए विधायक के वायदे और नतीजा सिफर। बैठक, चर्चा और प्रेसवार्ता जैसे तमाम प्रयासों के जरिए सुर्खियां बंटोरने वाले विधायक अब तक इस समस्या का स्थाई समाधान नहीं करवा पाए। इसलिए एक बार फिर लोगों को जाम के साथ नए साल की शुरुआत करनी पड़ रही है। वैसे तो चौमूं नगरपालिका क्षेत्र के अधिकांश सभी छोटे-बड़े बाजारों और मार्गों पर अवैध वाहन पार्किंग के साथ अतिक्रमण की समस्या देखी जा सकती है, लेकिन इससे सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र है थाना मोड़ चौराहा। चौराहे से जाने वाले चारों मुख्य मार्गों पर यह समस्या 'नासूर' बनती जा रही है। चौराहे से मुख्य बस स्टैंड की ओर जाने वाले रास्ते पर यहां संचालित निजी कार्यालयों, हॉस्पिटलों, मॉल, कॉम्पेक्सों और दुकानों में आने वाले वाहनों को यहां-वहां खड़ा कर कब्जा कर लेते हैं। वहीं जयपुर की ओर जाने वाले सड़क मार्ग को तहसील कार्यालय, जलदाय विभाग और न्यायालय में आने वाले लोग घेर लेते हैं। धौली मंडी वाले रास्ते पर अवैध थडिय़ों के साथ और ग्राहकों के वाहन खड़े हो जाते हैं। बचे मंडी वाले रास्ते पर किसानों और व्यापारियों के वाहनों का कब्जा रहता है।
पत्रिका ने उठाया मुद्दा, तो बनाई फौरी योजना
राजस्थान पत्रिका ने अपने 'जनता का दर्द, सुगम हो यातायात' अभियान के जरिए इस मुद्दे को बड़ी प्रमुखता से उठाया था। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ आमजन से भी चर्चा की। सभी ने इस समस्या को कस्बे की प्रमुख समस्या बताते हुए इससे निजात दिलाने की मांग की। 29 सितम्बर से 6 अक्टूबर तक के अंक में अभियान के रूप में समाचारों को प्रमुखता से प्रकाशित किया।
दो बड़ी बैठकों का असर नहीं
जाम, बेतरतीब पार्किंग और अतिक्रमण को लेकर कोरी गंभीरता दिखाते हुए विधायक स्तर पर दो बड़ी बैठक और प्रेसवार्ता तक हो चुकी हैं। पत्रिका अभियान के बाद पहली बैठक 7 अक्टूबर को उपखंड अधिकारी कार्यालय में हुई। इसमें विधायक के साथ एसडीएम, चौमूं थाना प्रभारी और नगरपालिका चेयरमैन मौजूद रहीं। बैठक में तय हुआ कि थाना मोड़ से जाने वाले चारों प्रमुख सड़क मार्गों और बस स्टैंड पर तय सीमा में ही वाहन खड़े हो पाएंगे। इन मार्गों 10 फीट का पार्किंग एरिया निर्धारित कर चैन लगा दी जाएगी। इसके बाद 27 नवम्बर को नगरपालिका सभागार में ब्लॉक स्तरीय बैठक हुई।
इसमें ईओ को सात दिन में बनेंगे नो पार्किंग और वेंडिंग-नॉन वेंडिग जोन निर्धारित कर वहां बोर्ड लगाने के लिए कहा, लेकिन नतीजा 'ढाक के तीन पात'।
तभी तो पालिका नहीं करवाती कार्यवाई
विधायक के सभी प्रयास बेनजीता रहने के कारण चाहे जो भी हों, लेकिन इन दिखावे के प्रयासों से पालिका प्रशासन भी इसमें कोई रुचि नहीं ले रहा। अतिक्रमण, अवैध पार्किंग, अवैध निर्माणों पर कार्यवाही का जिम्मा पालिका प्रशासन का है। उपखंड अधिकारी भी पालिका प्रशासन के जरिए ही यह काम करवा सकता है। इन बैठक और वार्ताओं के बावजूद पालिका के जिम्मेदार कार्रवाई नहीं करते, इससे स्पष्ट है कि उसे जनता के दर्द से सरोकार नहीं।
प्रकासित समचार
-29 सितम्बर : चौक-चोराहों पर चौमूं की चाल बेहाल
-30 सितम्बर : सब दिखाएं जागरूकता, खाली रखें फुटपाथ
-01 अक्टूबर : लोग बोले, जाम के लिए प्रशासन भी जिम्मेदार
-02 अक्टूबर : जाम ने रोक दी विकास की राह
-03 अक्टूबर : जाम में कमजोर होती जीवन की डोर
-04 अक्टूबर : यही हाल रहा तो चौमूं रहेगा बेहाल
-05 अक्टूबर : सड़क के दोनों ओर 32 फीट अतिक्रमण
-06 अक्टूबर : हम नहीं बनेंगे जाम के लिए जिम्मेदार
-07 अक्टूबर : नहीं लगेगा जाम, सड़क पर 10 फीट तक पार्किंग
-28 नवम्बर : 7 दिन में बनेंगे नो पार्किंग-वेंडिंग जोन

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