कोरोना के नए लक्ष्णों के बीच बिना संसाधन ये लगा रहे जान दांव पर

कोरोना पूरी दुनिया भर में कहर बरपा रहा है। संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में चिकित्साकर्मी, पैरामेडिकल स्टाफ सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इस जंग में अपनी जान की बाजी लगाकर योद्धाओं की तरह लड़ रहे हैं।

By: Ashish Sikarwar

Updated: 18 Apr 2020, 12:24 AM IST

बगरू. कोरोना पूरी दुनिया भर में कहर बरपा रहा है। संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में चिकित्साकर्मी, पैरामेडिकल स्टाफ सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इस जंग में अपनी जान की बाजी लगाकर योद्धाओं की तरह लड़ रहे हैं। इन्हें ही सबसे अधिक संक्रमण का खतरा है। लेकिन संक्रमण रोकने के लिए ना ही इनके पास गुणवत्तायुक्त मास्क हैं और ना ही पीपीई किट। जबकि चिकित्सकों को क्वारंटाइन सेंटर में संदिग्ध रोगियों के उपचार के लिए उनके बीच जाना पड़ता है।
बगरू स्थित राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में एक कक्ष में तीन चिकित्सक मरीजों का उपचार करते मिले तो उनसे संक्रमण से बचाव के लिए मास्क व पीपीई किट के बारे में पूछा तो बोले अभी तक ना एन-95 मास्क उपलब्ध कराया गया है और ना ही पीपीई किट मिली है। उनके पास एहतियात के तौर लेने वाली हाइड्रोक्सीक्लोरीन दवा भी नहीं है। अस्पताल में कार्यरत अन्य चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ तथा आशा सहयोनियों के लिए भी कोई सुविधाएं नहीं है। जबकि चिकित्सा स्टाफ द्वारा 24 घंटे की डयूटी दी जा रही है।
संदिग्धों के बीच जोखिम
बगरू के निकट ग्राम पंचायत दहमीकलां स्थित मणिपाल विश्वविद्यालय में जेडीए द्वारा हाल ही में बनाए गए क्वारंटाइन सेंटर पर अभी 399 संदिग्ध रोगी हैं। बगरू अस्पताल से ही चिकित्सा प्रभारी डॉ.सुनील शर्मा, चिकित्सक डॉ. कमलेश शर्मा व नर्सेज की डयूटी भी लगाई गई है जबकि इनके पास भी अभी तक एन-९५ मास्क व पीपीई किट तक नहीं हैं। ऐसे में चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ को संक्रमण का खतरा बना हुआ है।
इनके अलावा करीब 15-20 चिकित्सक व नर्सिंग स्टाफ ड्यूटी पर लगा हुआ है। जिनके पास भी पीपीई किट नहीं है। बगरू में अजमेर रोड पर स्थित संस्कार भारती पी.जी.महाविद्यालय में बनाए गए क्वारंटाइन सेन्टर में अभी चार जने
सांभर : नहीं है पीपीई किट
सांभरलेक. कस्बे में एक क्वारंनटाइन सेंटर संचालित है और वहां नौ लोगो को रखने की व्यवस्था है। फिलहाल सात जने क्वारंटाइन में हैं। प्रतिदिन चिकित्साकर्मी वहां लोगों की जांच करने पहुंचते हैं और उनको अभी तक पीपीई किट नहीं मिला है। कार्यरत सरकारी कर्मचारियों के पास गुणवत्तायुक्त मास्क भी नहीं हैं। यह सेंटर राजकीय समाज कल्याण विभाग के छात्रावास में संचालित है।

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