Lockdown: रोडवेज बस बंद होने पर अब पैदल ही दौड़ पड़े मजदूर

लॉकडाउन के बाद भोजन-पानी व अन्य समस्याओं से जुझ रहे मजदूर

By: Teekam saini

Published: 31 Mar 2020, 03:16 PM IST

जयपुर. कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर पूरे देश में लॉकडाउन होते ही कई मजदूरों के सामने संकट के बादल गहरा गए। लॉकडाउन के बाद भोजन-पानी व अन्य समस्याओं से जुझ रहे मजदूर अपने गांव जाने को लेकर पैदल ही जद्दाजेहद कर रहे हैं तो कई दुपहिया वाहन से निकल रहे हैं। हालांकि राज्य सरकार ने मजदूरों को उनके राज्य की सीमा तक छुड़वाने के लिए दो दिन रोडवेज बसों का इंतजाम भी किया था, लेकिन मजदूरों की भीड़ को देखते हुए इन्हें बंद कर दिया गया। इधर लॉकडाउन को लेकर सोमवार को भी बाजार व सड़कों पर सूनापन रहा। सड़कों पर लोगों की आवाजाही भी कम रही।
दुकानों पर नहीं लगी रेट लिस्ट
प्रशासन ने खाद्य सामग्री की कालाबाजरी को रोकने के लिए किराणा व्यापारियों को दुकानों पर सामान की मूल्य सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन कई व्यापारियों ने अभी तक मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं की। इतना ही नहीं किराणा की खुली रहने वाली दुकानों की आड़ में कुछ व्यापारी बीड़ी-सीगरेट, जर्दा-गुटखा की दुकानों के शटर ऊपर कर कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं। इस संबंध में कन्ट्रोल रूम में शिकायत भी की गई, मगर कालाबाजरी रोकने के लिए गठित कंट्रोल रूम शोपीस बनकर रह गया है।
धारा 144 को भी भूल लोग
एक तरफ जहां केन्द्र व राज्य सरकार कोरोना वायरल के संक्रमण बचाव के लिए लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग रखकर घरों में ही रहने की अपील कर रही है। वहीं दूसरी तरफ राशन की दुकानों पर उपभोक्ताओं की भीड़ को देखकर तो ऐसा लग रहा है कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग व धारा 144 को भी भूल गए हैं। सोमवार को मौजमाबाद रोड़ पर स्थित एक राशन डीलर की दुकान के सामने भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला।

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