नाम का ग्रामीण हाट बाजार, किसानों को नहीं मिला कोई फायदा

Teekam saini

Publish: Apr, 17 2018 08:52:49 PM (IST)

Bichun, Jaipur, Rajasthan, India
नाम का ग्रामीण हाट बाजार, किसानों को नहीं मिला कोई फायदा

बिचून तथा बोराज गांव में योजना ठण्डे बस्ते में।

बिचून (जयपुर). कस्बे सहित आसपास 25 सेे 30 किलोमीटर की दूरी में सरकारी स्तर पर कोई कृषि मण्डी नहीं होने से किसानों को उनकी फसल उपज गांवों में ही मनमाने भाव पर बेचनी पड़ रही है। जबकि कृषि उपज मण्डी समिति की ओर से लाखों रुपए खर्च कर किसानों से उनकी कृषि उपज खरीदने के लिए बिचून तथा बोराज गांव में करीब 35 वर्ष पूर्व ग्रामीण हाट बाजारों का निर्माण करवाया गया था। योजना के तहत मण्डी समिति ने कस्बे की भूमि पर छह बड़े चबूतरे, माल गोदाम,प्याऊ, कार्यालय तथा शौचालय सहित अन्य निर्माण करवाकर इसे ग्राम पंचायत को सुपुर्द कर दिया था। लेकिन ग्राम पंचायत प्रशासन की ओर से इस योजना को शुरू करने में कोई दिलचस्पी नहीं लेने से यह योजना आगे नहीं बढ़ पाई, जिससे किसानों को इसका कोई फायदा नहीं मिला। मण्डी प्रशासन की ओर से यहां बनाए गए भवन देखरेख के अभाव में जीर्णशीर्ण हो गए तथा लोग इस जगह का उपयोग शौच व अन्य कार्यों में करने लगे हैं।

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बगरू या सांभर जाने की मजबूरी
किसानों को उनकी फसलों को बेचने के लिए करीब 30 किलोमीटर दूर बगरू या सांभर अनाज मण्डी में जाना पड़ता है तथा छोटे किसानों के लिए यह मुश्किल कार्य है ऐसी स्थिति में किसानों को उनकी फसलें गांवों में ही अनाज व्यापार से जुड़े व्यापारियों को कम कीमत पर बेचनी पड़ती है।

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इन गांवों के किसान परेशान
कस्बे सहित क्षेत्र के आकोदा, गाडोता, मोखमपुरा, झरना, ढींढा, आसलपुर, गुढ़ा बैरसल, उगरियावास, ढाणी बोराज, हिरनोदा,रोजड़ी, खेडीराम, श्योसिंहपुरा, शार्दुलपुरा, गंगाती कलां, अखैपुरा, अनन्तपुरा गांव तथा इनके आसपास की ढाणियों के हजारों कृषकों को उनकी उपज कृषि उपज मण्डी समिति बगरू, सांभर या रेनवाल की मण्डियों में जाकर बेचनी पड़ती है। कृषकों के अनुसार बिचून व बोराज ग्राम में कृषि उपज मण्डी समिति की ओर से बनाए गए ग्रामीण हाट बाजार को शुरू करने से क्षेत्र के किसानों को इसका अच्छा फायदा मिल सकता है ।

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