scriptBahraich nadi Nandini took seven rounds and 500 wedding guests became witnesses | नंदी और नंदिनी ने लिए सात फेरे 500 बाराती बने साक्षी, आखिर क्यों चर्चा का विषय बनी बेजुबान की शादी | Patrika News

नंदी और नंदिनी ने लिए सात फेरे 500 बाराती बने साक्षी, आखिर क्यों चर्चा का विषय बनी बेजुबान की शादी

locationबहराइचPublished: Dec 28, 2023 11:54:49 am

Submitted by:

Mahendra Tiwari

बहराइच जिले में एक अनोखी शादी चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां पर नदी और नंदिनी ने सात फेरे लिए इस कार्यक्रम के 500 बाराती और घरती मिलकर साक्षी बने। बेजुबान की शादी यह क्यों चर्चा का विषय है, जानते हैं।

बछड़ा बछिया की शादी में भारी संख्या में पहुंचे लोग
बछड़ा बछिया की शादी में भारी संख्या में पहुंचे लोग
यूपी के बहराइच जिले में एक अनोखा विवाह चर्चा का विषय बन गया है। इस विवाह में नदी और नंदिनी ने सात फेरे लिए। पंडितों ने शादी की रस्म पूरी कराई। पूरे हिंदू रीति रिवाज से शादी संपन्न हुई। लेकिन यह शादी किसी लड़की लड़का की नहीं, बल्कि बेजुबान बछड़ा और बछिया की है। शादी में 500 से अधिक बाराती कार्यक्रम में पहुंचे डीजे की धुन पर नाच गाना भी हुआ। यह शादी अब सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही है।
बहराइच जिले गौ संरक्षण की अलख जागने के लिए एक अनोखी शादी संपन्न कराई गई। श्रावस्ती जिले के इकौना थाना के रामपुर कटेल गांव के नंदी(बछड़े) की बरात पयागपुर थाना के गांव निहनिया कुट्टी पहुंची। इस अनोखी बरात में नंदिनी (बछिया) पक्ष के लोगों ने जोरदार स्वागत किया। अभी तक आप लोगों ने लड़का लड़की की शादी होते देखा होगा। लेकिन यहां लड़की लड़का नहीं बल्कि बछड़ा और बछिया की शादी कराई गई है। इस अनोखी शादी के आसपास के कई गांव के लोग साक्षी बने। इस विवाह में कोई लड़का नहीं बल्कि बछड़ा सर पर पगड़ी बांधकर फूलों और रुपयो की माला पहनकर शादी रचाने पहुंचा।उसके साथ डीजे की धुन पर नाचते-गाते भारी संख्या में बराती भी पहुंचे। लड़की पक्ष के लोगों ने बरात का भव्य स्वागत किया। हिंदू रीति रिवाज से विधि विधान से द्वारपूजन और सात फेरों का संस्कार संपन्न करवाया गया। बरात में शामिल व्यक्तियों को हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार, फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया गया। इसके बाद, बरातीयों को जलपान और नाश्ता कराया गया। नाश्ता के बाद, डीजे की म्यूजिक पर नृत्य और गाने के साथ बरात द्वारपूजन के लिए निकली। वहां बैठे पंडित जी ने वैदिक मंत्रों के साथ द्वार पूजन करवाया।
शादी के लिए सज कर पहुंचा बछड़ाबरीक्षा संस्कार और तिलक कार्यक्रम का भी हुआ आयोजन

हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार, विवाह से पहले तिलक और बरीक्षा संस्कार होते हैं। नंदी और नंदिनी की शादी से पहले, 12 दिसंबर को बरीक्षा और तिलक का आयोजन किया गया। इसके बाद, मंगलवार को दूल्हे की तैयारी से लेकर बरात निकालने तक के सभी रस्में श्रावस्ती के रामपुर कटेल स्थान से पूरी की गईं। इसके दौरान, दूल्हे को सजाने के दौरान बाहर बैंडबाजा और नगाड़ा की व्यवस्था हुई। साथ ही साथ डीजे और जगमग लाइट्स के साथ बरात पहुंची।
गौ संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम का किया गया आयोजन

इस अनोखी शादी के संबंध में जानकारी देते हुए श्रावस्ती निवासी विभूति विभूति प्रसाद ने बताया कि गौ संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। वर्तमान समय में लोग गौ सेवा की बात तो करते हैं। लेकिन धरातल पर उसके लिए वह कुछ नहीं करते हैं। जबकि हमारे पूर्वजों के जमाने से गौ सेवा की परंपरा चली आ रही है। लेकिन यह तो नए युग में गौ सेवा की परंपरा धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही है। इसको बढ़ावा देने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।

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