रेशम के धागों ने पार की मजहब की सरहद, देश की ये है असली तस्वीर, खून के रिश्तों से बढ़कर बना ये रिश्ता

रेशम के धागों ने पार की मजहब की सरहद, देश की ये है असली तस्वीर, खून के रिश्तों से बढ़कर बना ये रिश्ता

Ruchi Sharma | Updated: 16 Aug 2019, 03:31:42 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

धर्म की दीवार तोड़ रानी दुर्गावती ने भी भेजी थी हुंमायू को राखी

बहराइच. भारत नेपाल बार्डर पर बसे बहराइच जिले के रहने वाले दो ग्राम प्रधानों ने हिंदू-मुस्लिम एकता की अनूठी मिशाल पेश करने का काम कर दिखाया है। थाना मोतीपुर के करमोहना गांव के ग्राम प्रधान सिराजुल अंसारी और मोतीपुर के पूर्व ग्राम प्रधान शकील अहमद ने रक्षा बंधन के त्यौहार पर आस पास की सैकड़ों बहनों से अपनी कलाई पर (रक्षा सूत्र) राखी बंधवा कर हिन्दू मुस्लिम एकता की कड़ी में साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल को पेश करने का एक नायाब काम कर दिखाया है,जिनकी पूरे इलाके में सराहना हो रही है।

आप को बता दें कि बीते गुरुवार 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) के दिन पर ध्वजारोहण के बाद करमोहना गांव के ग्राम प्रधान ने गांव की‌ तमाम महिलाओं से मुलाकात कर उनसे अपने हाथों में राखी बंधवाई तथा सभी बहनों ‌की‌ रक्षा‌ का संकल्प लेते हुए सभी को उपहार भेंट किया। प्रधान सिराजुल अंसारी ने कहा कि वह हर वर्ष अपने गांव की सभी‌ छोटी बड़ी बहनों से राखी बंधवाते हैं तथा गांव की सभी महिलाओं के मान सम्मान व सुरक्षा‌ का संकल्प लेते हैं। इसी तरह मोतीपुर गांव के पूर्व प्रधान शकील‌ अहमद ने भी गुजरहना गांव के त्रिलोकी नाथ मंदिर पर पहुंचकर वहां मौजूद महिलाओं से आशीर्वाद लिया एवं सभी से राखी बंधवा कर बहनों की सुरक्षा का संकल्प लिया। ग्राम प्रधान शकील अहमद ने बताया कि इससे पहले जब वह मोतीपुर के प्रधान थे तब से वह हर रक्षाबंधन पर गांव की महिलाओं से राखी बंधवाते आ रहे हैं । उन्होंने कहा कि सभी महिलाएं उनकी बहनें हैं । वह कई वर्षों से भाई बहन के रिश्ते का निर्वहन कर रहे हैं और हमेशा करते रहेंगे।

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