अस्पताल के गेट पर दर्द से तड़पती रही प्रसूता, डॉक्टर को पैसे नहीं दे पायी और मर गया बच्चा

अस्पताल के गेट पर दर्द से तड़पती रही प्रसूता, डॉक्टर को पैसे नहीं दे पायी और मर गया बच्चा

Akansha Singh | Publish: Sep, 04 2018 01:42:20 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

जिले में प्रसूताओं के साथ धरती के भगवान कहे जाने वाले डाक्टरों द्वारा जमकर अमानवीयता की जा रही है।

बहराइच. एक तरफ प्रदेश की योगी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार गरीबों के त्वरित इलाज की मंसा से आयुष्मान भारत जैसी महत्वाकांक्षी योजना का डंका पीट रही है। वहीं जिले में प्रसूताओं के साथ धरती के भगवान कहे जाने वाले डाक्टरों द्वारा जमकर अमानवीयता की जा रही है। ताज़ा मामला बहराइच के विशेश्वरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से सामने आया है। यहां एक प्रसव पीड़िता को अस्पताल के स्टाफ ने महज इसलिये भर्ती नहीं किया क्योंकि उसके पास 5 हजार रुपया नहीं था। जिसके कारण एक गरीब प्रसव पीड़िता का इलाज अस्पताल में नहीं हुआ। इसी लेट लतीफी में पीड़िता की कोख में पल रहा मासूम अस्पताल के गेट पर जमीन पर गिर गया, जिससे मौके पर ही मासूम की मौत हो गयी।


पीड़ित परिजनों के मुताबिक प्रसव पीड़ा से तड़प रही
गरीब पीड़िता सीएससी पर अपने पति के साथ प्रसव कराने आई थी। जहां ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स द्वारा बच्चा उल्टा बताकर प्रसव पीड़िता से कहा गया कि रुपए जमा करो ऑपरेशन करना पड़ेगा लेकिन प्रसव पीड़िता व उसके पति के पास पैसे ना होने के कारण उसे अस्पताल से धक्के मार कर बाहर निकाल दिया गया। पैसे ना होने अस्पताल से बाहर निकालने के बाद प्रसव पीड़िता को चलते समय अस्पताल के दरवाजे पर ही बच्चा पैदा हो गया और जमीन पर बच्चा गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गयी। फिर क्या था इस घटना से आहत आस पड़ोस के लोगों के साथ पीड़ित परिजनों ने मौके पर मासूम की लाश के साथ जमकर प्रर्दशन किया। जिसकी भनक लगते ही SDM पयागपुर संतोष उपाध्याय मौके पर पहुंचकर संबंधित डॉक्टर और स्टाफ के खिलाफ जांच कर शख्त कार्रवाई का भरोसा जताया तब जाकर किसी प्रकार आक्रोशित भीड़ का आक्रोश थमा।

यह भी पढ़ें - RRB Group D Exam 2018: ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड, जानिये कहां पड़ा है आपका सेंटर, क्या होगा पेपर पैटर्न, कैसे पूछे जाएंगे प्रश्न

Ad Block is Banned