२८६ प्रकरणों का निराकरण, डेढ़ करोड़ का अवार्ड पारित

जिलेभर में लगाई गई नेशनल लोक अदालत

By: mukesh yadav

Published: 10 Feb 2018, 08:23 PM IST

बालाघाट. कार्यपालक अध्यक्ष राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण दिल्ली तथा मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालाघाट दीपक कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में नेशनल लोक अदालत का आयोजन शनिवार को किया गया। जिसमें न्यायालयों के लंबित समझौता योग्य कुल 5734 प्रकरणों में से 2463 प्रकरण रखे गए थे। इनमें से 286 प्रकरणों का निराकरण किया गया। वहीं अवार्ड पारित करते हुए एक करोड़ पचास लाख ६३ हजार ०७ सौ ७१ रुपए की क्षतिपूर्ति दिलाई गई है। शनिवार की लोक अदालत में न्यायाधीश डीके त्रिपाठी के समक्ष लांजी क्षेत्र का एक सिविल सूट का प्रकरण रखा गया था जो पिछले ४-५ वर्ष सं लंबित था। न्यायाधीश त्रिपाठी ने दोनों पक्ष में आपसी सहमति बनाकर ३४ लाख की अदायगी उपरांत प्रकरण का निराकरण कराया।
न्यायालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रकरणों के निराकरण के बाद न्यायालीन प्रकरणों में 1.85 प्रतिशत की कमी आई है। जिसमें 38 व्यवहार वाद, मोटर दुर्घटना दावा 31, दांडिक 217 का निराकरण हुआ है। इसी प्रकार विभिन्न बैंकों के प्रिलिटिगेशन के 06 प्रकरणों में 93000 रुपए व विद्युत विभाग के निराकृत 11 प्रिलिटिगेशन प्रकरणों में 55296 रुपए की वसूली प्राप्त की गई है।
इनका रहा सहयोग
नेशनल लोक अदालत में नगरीय विकास एवं आवास मंत्रालय भोपाल द्वारा सम्पत्तिकर अधिभार एवं जल उपभोक्ता प्रभार में छूट प्रदान की गई थी। इसी प्रकार विद्युत विभाग द्वारा भी चक्रवृद्धि ब्याज पर 100 प्रतिशत की छूट की घोषणा की गई थी। नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने में सभी न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायिक कर्मचारियों व विद्युत विभाग के अधिकारियों का सराहनीय सहयोग रहा।

वारासिवनी में ११८ प्रकरणों का हुआ निराकरण
शनिवार को वारासिवनी में नेशनल लोक अदालत के लिए व्यवहार न्यायालय वारासिवनी में चार खंडपीठ का गठन किया गया था। खंडपीठ क्रमांक 11 में पीठासीन अधिकारी प्रथम अपर जिला न्यायाधीश पीके निगम की खंडपीठ में 30 प्रकरणों का निराकरण किया गया। जिसमें 116 व्यक्ति लाभान्वित हुए। 19,28,240 रुपए का अवार्ड पारित किया गया। खंडपीठ 12 में द्वितीय अपर जिला न्यायाधीश नोरिन निगम की खंडपीठ में विद्युत से संबंधित लंबित और प्रिलीटिगेशन के 35 प्रकरण निराकृत हुए। जिसमें से 2,17,935 रुपए की राशि वसूल हुई। इसी प्रकार खंडपीठ क्रमांक 13 द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-1 विपिन सिंह भदौरिया की खंडपीठ में दांडिक और व्यवहार वाद, बैंक ऋण वसूली प्रकरण, बीएसएनएल वसूली प्रकरण व भरण पोषण संबंधित 42 प्रकरणों का निराकरण किया गया। 64 व्यक्ति लाभान्वित हुए। इस खंडपीठ से 2,92,000 रुपए की राशि का अवार्ड पारित किया गया। खंडपीठ क्रमांक 14 के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राहुल सोलंकी के न्यायालय द्वारा दांडिक, चेक बाऊंस मामले एवं व्यवहार वाद प्रकृति के 11 मामले निराकृत किए गए।

mukesh yadav Reporting
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