65 प्रतिशत पर भी नहीं मिल रहा प्रवेश

65 प्रतिशत पर भी नहीं मिल रहा प्रवेश

Mukesh Yadav | Updated: 04 Jul 2019, 08:23:35 PM (IST) Balaghat, Balaghat, Madhya Pradesh, India

उत्कृष्ट विद्यालय स्वंय तय कर रहा मापदंड-
मापदंड के फेर में सैकड़ों बच्चों के भविष्य से खिलवाड़

कटंगी। नवीन शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही एक बार फिर बच्चों को मनमुताबिक शालाओं में प्रवेश नहीं मिल रहा है। सर्वाधिक दिक्कत शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में प्रवेश की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों को झेलनी पड़ रही है। यहां पर कक्षा दसवीं में 65 प्रतिशत अंक लाने वाले विद्यार्थियों को कक्षा 11 वीं में कृषि संकाय (एग्रीकल्चर) में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। दरअसल, उत्कृष्ट विद्यालय में प्रवेश के लिए स्वंय ही मापदंड तय करता है। जिसका मतलब विद्यालय ही तय करता है कि किस विद्यार्थी को प्रवेश देना है या नहीं। इस कारण 60 और 65 प्रतिशत अंक लाने वाले विद्यार्थियों को उत्कृष्ट में प्रवेश नहीं मिल पाता। जिससे बच्चों में काफी निराशा देखने को मिलती है। बच्चों को प्रवेश नहीं मिलने से अभिभावकों में भी रोष देखने को मिलता है। ज्ञात हो कि कटंगी शहर में एक अतिरिक्त हायर सेकंडरी-हाईस्कूल की नितांत आवश्यकता है। मगर, जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जबकि गांव-गांव में स्कूल खोले जा रहा है। लेकिन उन स्कूलों में दर्ज संख्या काफी कम है। बहरहाल, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने वरीय अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों का ध्यान इंगित कराते हुए इस समस्या का समाधान करने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी अनुसार शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में ही 10 वीं कक्षा में 65 प्रतिशत अंक लाने वाले विद्यार्थियों को 11 वीं एग्रीकल्चर में अब प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। इस वजह से यह बच्चे मानसिक रुप से परेशान है। विद्यार्थी लगातार यहां-वहां शिकायत करते फिर रहे हैं तथा किसी भी जुगाड़ से प्रवेश लेना चाह रहे हैं। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि विद्यालय ने जो मापदंड तय किए होंगे, उसी आधार पर वह प्रवेश देगा। ज्ञात हो कि उत्कृष्ट विद्यालय ने प्रवेश को लेकर किस तरह के मापदंड तय किए है इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। बहरहाल, मापदंड के फेर में सैकड़ों बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है।
शासकीय हाईस्कूल को उत्कृष्ट विद्यालय का दर्जा मिलने के बाद से ही यहां छात्रों के अलावा छात्राओं को भी कक्षा 8 वीं के अंकों के आधार पर मेरिट के अनुसार प्रवेश दिया जाने लगा। शहर एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों के वह बच्चे उत्कृष्ट विद्यालय में प्रवेश लेने से वंचित होते चले गए। जिनके कक्षा 8 वीं एवं 10 वीं में कम अंक अर्जित किए हैं। दरअसल, ग्रामीण अंचलों में 8 वीं तक पढ़ाई करने वाले बच्चों की ख्वाईस होती है कि वह कटंगी नगर से हाईस्कूल की पढ़ाई करें। इसलिए उत्कृष्ट विद्यालय में पढ़ाई करने की तमन्ना रखते हैं। मगर विद्यालय के बनाए मापदंडों के चलते ऐसे विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं मिल पाता। वहीं प्राइवेट स्कूलों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को भी उत्कृष्ट विद्यालय में प्रवेश नहीं मिल रहा है।
इनका कहना है-
उत्कृष्ट विद्यालय ने प्रवेश के लिए मापदंड तय किए होंगे। उसी आधार पर प्रवेश दिया जा रहा होगा।
आरके लटारे, जिला शिक्षा अधिकारी बालाघाट

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