नाव हादसा : बालाघाट में भी सामने आ चुकी है लापरवाही, नाव पलटने से तीन की हुई थी मौत

नाव हादसा : बालाघाट में भी सामने आ चुकी है लापरवाही, नाव पलटने से तीन की हुई थी मौत

Bhaneshwar Sakure | Updated: 13 Sep 2019, 12:41:06 PM (IST) Balaghat, Balaghat, Madhya Pradesh, India

खैरलांजी के टेमनीघाट में हुआ था हादसा

बालाघाट. भारी बारिश के बाद भोपाल के छोटे तालाब स्थित खटलापुरा मंदिर घाट पर नाव पटलने से करीब एक दर्जन लोगों के पानी में डूबने से मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की भोर में नाव में सवार होकर करीब 1९ लोग गणेश वर्सजन करने गए थे। नाव में क्षमता से अधिक लोग बैठने से नाव बीच तालाब में ही पलट गई। सूचना मिलते ही गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंच कर डूबे लोगों को निकालने में जुटी रही। लेकिन १२ लोगों की नहीं बचा पाई। बताया गया है कि यह घटना शनिवार की सुबह करीब चार बजे हुआ है। प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। घटना के दौरान साढे चार बजे से पूरी टीम मौके से गायब हो गई। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए है। दो नाव में 19 लोग सवार होकर कर रहे थे गणेश मूर्ति विसर्जन। पुलिस मुख्यालय के 50 मीटर दूर घटना।
बालाघाट के खैरलांजी के टेमनीघाट में पलटी थी नाव
जिले के खैरलांजी थाना क्षेत्र अंतर्गत टेमनी गांव में 23 नवम्बर 2018 की शाम वैनगंगा नदी में नाव पलट जाने से एक मासूम सहित तीन लोगों की मौत हुई थी। जबकि 6 अन्य लोंगों को बचा लिया गया था। इस घटना में नाव में सवार आशीष पिता अशोक मारबोदे (30) निवासी चाचेर मौदा जिला भंडारा (महाराष्ट्र), डेढ़ वर्षीय मासूम अक्षय उर्फ दादू पिता आशीष मारबोदे और शीतल पिता कोमल बांगड़े (14) की पानी में डूब जाने से मौत हुई थी। जानकारी के अनुसार 23 नवम्बर को दोपहर करीब 2 बजे 2 नाव से केशर बांगड़े (35), रीता बांगड़े (14), गीता बांगड़े (18) काजल बांगड़े (15), शीतल बांगड़े (14), संगीता बांगड़े (12), आशीष मारबोदे (30), अक्षय मारबोदे डेढ़ वर्ष सभी टेमनी नदी घाट के उस पार स्थित गोंडरानी में कार्तिक पूर्णिमा पर लगे मेले में शामिल होने गए थे। शाम लगभग 6 बजे जब नाव से गांव की ओर लौट रहे थे, तभी संतुलन बिगड़ जाने से अचानक नाव नदी में पलट गई। जिसके कारण आशीष, अक्षय व शीतल पानी में डूब गए। जबकि अन्य सभी लोगों को ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाल लिया गया था। वहीं इस घटना में उनकी बेटी रीता भी घायल हो गई थी, जिसे रात्रि में ही खैरलांजी के स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया था। नदी से अक्षय का शव रात में ही निकाल लिया गया था। लेकिन आशीष व शीतल का शव रात्रि में नहीं मिल पाया था। वहीं दूसरे दिन 24 नवम्बर को सुबह लगभग 6 बजे खैरलांजी पुलिस ने होमगार्ड के गोताखोरों की विशेष टीम के साथ एक सर्च ऑपरेशन चलाया। गोताखोरों ने विशेष बोट की मदद से शवों की तलाश शुरू की। सर्च टीम ने लगभग 4-5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद नदी से पहले आशीष मारबोदे और इसके कुछ देर बाद शीतल बांगड़े का शव बाहर निकाला।
इस घटना में भी प्रशासनिक लापरवाही सामने आई थी। जिस स्थान पर नाव का संचालन किया जा रहा था, वहां पर सुरक्षा के कोई मापदंड नहीं थी।

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