scriptAfter the intervention of Wainganga Mazdoor Union, farmers took sigh o | वैनगंगा मजदूर युनियन की दखल बाद किसानों ने ली राहत की सास | Patrika News

वैनगंगा मजदूर युनियन की दखल बाद किसानों ने ली राहत की सास

बैल बाजार ठेकेदार द्वारा कम रुपयों की काटी गई रसीद
वैनगंगा मजदूर युनियन के प्रयास के साथ पत्रिका ने उठाया था मुद्दा
किसानों से निर्धारित शुल्क से अधिक की वसूली जा रही थी राशि

बालाघाट

Published: January 14, 2022 02:15:36 pm

बालाघाट. मुख्यालय के सिवनी रोड पर स्थित बैल बाजार में किसानों से निर्धारित शुल्क से कहीं अधिक की राशि वसूल की जा रही थी। वैनगंगा मजदूर युनियन के आह्वान पर पत्रिका ने मामले का प्रमुखता से प्रकाशित किया। पत्रिका ने अपने ०७ जनवरी के अंक में ५० की पर्ची थमा कर वसूल रहे १०० से ६०० रुपए शीर्षक से खबर का प्रमुखता से प्रकाशन किया। इसके बाद शुक्रवार से बैल बाजार में किसानों से की जाने वाली अवैध वसूल पर विराम लग गया है।
जानकारी के अनुसार बैल बाजार में क्षेत्र सहित अन्य जिलों से आने वाले भोले-भाले किसानों से बाजार ठेकेदार एवं उसके गुर्गो द्वारा किसानों से मवेशी खरीदी-बिक्री के नाम निर्धारित शुल्क २५ से ५० रुपए की जगह १०० से ६०० रुपए तक वसूल किए जा रहे थे। किसानों के द्वारा समस्या बताने पर वैनगंगा मजदूर युनियन प्रदेशाध्यक्ष विशाल बिसेन ने पत्रिका को जानकारी देकर बाजार का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों से चर्चा की, तो पाया कि बाजार ठेकेदार द्वारा पहले की अपेक्षा वर्तमान में वैद्य राशि ली जाने लगी है। जिससे किसानों ने राहत की सास ली व वैनगंगा मजदूर युनियन प्रदेशाध्यक्ष विशाल बिसेन सहित पत्रिका का धन्यवाद प्रेषित कर आभार जताया है।
वैनगंगा मजदूर युनियन प्रदेशाध्यक्ष विशाल बिसेन ने बताया कि बाजार ठेकेदार द्वारा किसानों से रसीद के नाम पर अवैध वसूली की आवाज पत्रिका के माध्यम से वैनगंगा मजदूर यूनियन ने उठाई थी, इसके बाद आज निरीक्षण करने पर किसानों ने माना की पहले की अपेक्षा आज 50 रुपए प्रति जोड़ी के हिसाब से रसीद काटी जा रही है, जिससे किसानों को राहत महसूस हुई है। किसान भाइयों से कहना चाहता हूं कि जितनी राशि आप से वसूले जा रहे हैं, उतनी की रसीद ठेकेदारों से मांगे, साथ ही लालबर्रा प्रशासन से मांग है, कि वह अन्य बाजारों की तरह मापदंड तय करें, यदि किसानों के द्वारा पुन: शिकायत प्राप्त होती है, तो यूनियन ने पहले ही कह दिया है, नहीं तो आंदोलन किया जाएगा।
वहीं किसानों ने बताया कि पिछले सप्ताह तक 600-700 रुपए तक की राशि वसूली जा रही थी। लेकिन आज वैनगंगा मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों के निरीक्षण उपरांत पर 50 रुपए प्रति जोड़ी के हिसाब से रसीद काटी जा रही है। किसानों ने बताया कि यदि हम बगैर चि_ी के अपने मवेशी बाहर ले जाते हैं, तो बाहर जबरन पैसे देने पड़ते हैं, इसलिए मजबूरी बस 600 से 700 रुपए देने पड़ते हंै।
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