अमेडा - बगदरा मार्ग पर बना पुल हुआ जमींदोज

अमेडा - बगदरा मार्ग पर बना पुल हुआ जमींदोज

Mukesh Yadav | Updated: 20 Jul 2019, 04:24:37 PM (IST) Balaghat, Balaghat, Madhya Pradesh, India

नाले पर बहाव बढ़ते ही एक झड़के में धसका पुल
विभाग का लापरवाह रवैया बना कारण, ग्रामीणों की मांग हुई थी अनसुनी

बालाघाट। अभी बारिश ने अपना सही ढंग से रौद्र रूप भी नहीं दिखाया है और निर्माण कार्य बर्बाद होने लगे हैं। इससे अंजादा लगाया जा सकता है कि आगामी दिनों की मुसलाधार बारिश में क्या हाल होंगे। हो भी क्यों ना जब जिम्मेदार अमला ही बेरुखी पर उतरकर ग्रामीजनों की मांगों को नजर अंदाज करें तो ऐसे जर्जर निर्माण कार्य कैसै ना धर्राशाही हो। ऐसा ही कुछ मामला जिला मुख्यालय से महज 8 किमी दूरी पर स्थित ग्राम अमेड़ा में सामने आया है। यहां बगदरा मार्ग के नाले पर पडऩे वाला पुल बहाव बढऩे पर एक ही झटके में जमींदोज हो गया। बताया गया कि पुल से ईंट से भरा ट्रेक्टर जा रहा था, पुल धसकने से ट्रेक्टर ट्राली भी पलट गई थी। हालाकि कोई जनहानि या दुर्घटना नहीं हो सकी।
इधर इसके समाचार लिखे जाने तक मौके पर कोई प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण विभाग का अधिकारी नहीं पहुंच पाया था। हालाकि ग्रामीणों की सूचना पर तहसीलदार बालाघाट ने घटना स्थल का जायजा लेकर वैकल्पिक रास्ता बनाने की बात कही है। इधर मार्ग के अवरूद्ध होने से आवागमन पूरी तरह से ठप हो चुका है। खासकर राहगीरों, स्कूली बच्चों, किसानों और बीमारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार नाले के बहाव के लिहाज से पुल सकरा व छोटा बनाया गया है। जो कि धीरे-धीरे कर जर्जर हो गया था। ग्रामीणों ने पुल की मरम्मत की मांग भी कुछ दिनों पूर्व ही की गई थी। लेकिन ग्रामीणों की मांग अनसुनी कर दी गई है। परिणाम स्वरूप अब नाले का पुल ढह गया है।
दर्जनों गांव का संपर्क टूटा
संबंधित विभाग की लापरवाही से इस मार्ग से रोजमर्रा कामकाज के लिए आवाजाही करने वाले ग्राम अमेड़ा, बगदरा, रट्टा, सुरवाही, परसवाड़ा, कटंगी, भानपुर, हिरापुर और कोसमी समेत दर्जनों गांवों के जरुरतमंदों का संपर्क मुख्यालय से टूट गया। जिससे वह हलाकान होते दिखाई दिए। चर्चा की दौरान मौजूदा लोगों ने बताया कि यह पुल नाले के बहाव के मुताबिक सकरा, छोटा और कमजोर था। जिसका नवनिर्माण बहुत जरूरी था, जो आज तक नहीं हो पाया और उसका दुष्परिणाम अब हमें भोगना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अ नुसार छोटे-छोटे बच्चे अब कैसे पढ़ाई लिखाई करेंगे समझ नहीं आ रहा है। इस ओर जल्द कदम उठाकर पुल निर्माण की मांग की गई है।
पहले अनसुनी अब टालमटोली
ग्राम पंचायत अमेड़ा के युवा नेता सुधीर चौधरी ने बताया की इस काफी पुराना और जीर्ण शीर्ण पुल निर्माण के लिए हमने पूर्व में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से गुहार लगाई थी। लेकिन उन्होंने हमारी मांगों को अनसुना कर दिया। वहीं अब टालमटोली की जा रही है। इस संबंध में सुधीर चौधरी ने जब प्राधिकरण के महाप्रबंधक को अवगत करवाया तो उन्होंने अभी बाहर हूं और बाद में देखते हैं कहकर अपना पलड़ा झाड़ लिया।
उल्लेखनीय है कि ग्रामीणों द्वारा नया पुल निर्माण को लेकर सड़क निर्माण कार्य भी बंद करवाया था। जिसे विभाग ने आश्वासन देकर चालु करवा करवा दिया गया था। यदि आगे भी निर्माण विभाग का रवैया ऐसा ही रहा और यहां उच्चस्तरीय पुल नहीं बना तो ग्रामवासी उग्र आंदोलन करने की रणनीति तैयार कर रहे हैं।
वर्सन
हमने मौके का निरीक्षण किया है। वरिष्ठों को अवगत कराते हुए संबंधित विभाग को भी पत्र लिखकर व्यवस्थाएं बनाए जाने कहा गया है।
रामबाबु देवांगन, तहसीलदार

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