गुस्साए ग्रामीणों ने शव रखकर किया प्रदर्शन

मजदूर की मौत के बाद भड़का ग्रामींणों का आक्रोश
मुआवजा व कार्रवाई की मांग का मिला आश्वासन

Mukesh Yadav

Updated: 17 Feb 2020, 08:47:35 PM (IST)

Balaghat, Balaghat, Madhya Pradesh, India

बालाघाट. विद्युत पोल लगाने के दौरान घायल हुए मजदूर की मौत हो गई। इसके बाद गुस्साएं ग्रामीणों ने 17 फरवरी को परिजनों के साथ सड़क पर शव रखकर जमकर प्रदर्शन किया। यह धरना प्रदर्शन ग्रामींण थाना क्षेत्र के मगरदर्रा में मुख्य मार्ग पर किया गया। सूचना पर कोतवाली और नवेगांव थाना प्रभारी मय स्टाप के और तहसीलदार भी मौके पर पहुंचें और मशक्कत के बाद ग्रामींणो को मनाने में सफल हुए। बता दें कि एक दिन पहले 16 फरवरी को जिला मुख्यालय में नगर पालिका द्वारा मोती तालाब में विद्युत पोल लगाए जाने का कार्य किया जा रहा था। इस दौरान काम कर रहे मजदूर संदीप पिता धीरसिंह सरोते (26) निवासी मगरदर्रा के उपर विद्युत पोल गिर गया और वह दब गया, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
बताया गया कि नगरपालिका के इंजीनियर सुरेंद्र राहंगडाले ने मजदरों से गड्ढा खुदाई कराकर विद्युत पोल लगाने का कार्य किया जा रहा था। इसी समय पोल खड़ा करने के दौरान संदीप सरोते असंतुलित होकर गड्ढे में गिर गया और उसके उपर विद्युत पोल भी गिर गया था। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। साथी मजदूरों ने तत्काल उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में सूचना पर शव बरामद कर पीएम की कार्रवाई की और शव परिजनों को सौंप दिया गया था। लेकिन दूसरे दिन 17 फरवरी को शव घर ले जाने के बाद उसके दाह संस्कार की तैयारी की जा रही थी। इसी बीच इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजा की मांग को लेकर परिजन व रिश्तेदार शव लेकर बालाघाट-नैनपुर स्टेट हाइवे मुख्य मार्ग पर पंडाल लगाकर पहुंच गए। जिन्होंने ग्रामीणों के साथ अपने ग्रह ग्राम मगरदर्रा में लाश रखकर जमकर प्रदर्शन किया। विद्युत पोल शिफ्ट कराने वाले ठेकेदार व इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। वहीं तत्काल मुआवजा भी मांगा गया।
निर्मित हुई तनाव की स्थित
ग्रामीणों और परिजनों द्वारा मुख्य मार्ग पर प्रदर्शन किए जाने से मार्ग अवरुद्ध हो गया और सड़क के दोनों ओर दोपहिया व चौपहिया वाहनों की कतार लग गई थी। प्रदर्शन के दौरान मगरदर्रा सहित समनापुर, टिटवा, चरेगांव, ठाकुरटोला, तुमड़ीटोला आदि आसपास के ग्राम के ग्रामींण भी एकत्रित हो गए थे। इस कारण करीब तीन घंटे तक मौके पर तनाव की स्थिति रही। हालाकि कोई नुकसानी नहीं होने दी गई। लेकिन वाहन चालकों को परेशान होते देखा गया।
हड़कंप में आया प्रशासन
ग्रामीणों द्वारा शव रखकर प्रदर्शन किए जाने से प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। चूंकि मोती तालाब के जीर्णोद्वार कार्य प्रशासन के निर्देश पर ही नपा करा रही हैं। जिससे हरकत में आए प्रशासन की ओर से तहसीलदार रामबाबू देवांगन और पुलिस मय दल बल के साथ मौका स्थल पहुंचे। यहां घंटों मशक्कत के बाद प्रदर्शनकारियों को मनाने में सफल हुए।
५० हजार की सहायता राशि दी
प्रभावित परिवार को तत्काल 50000 की सहायता राशि प्रदाय की गई और शेष राशि 1 दिन बाद अर्थात 18 फरवरी को दिया जाना तय किया गया। जिसमें राशि रेडक्रास सोसायटी के माध्यम से प्रदाय की जाएगी। प्रशासन ने संबंधितों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई का भरोसा भी दिया है। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने शव उठाकर रोके गए रास्ता को खोल दिया और आवागमन बहाल कर दिया गया।
वर्सन
मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया था। पीडि़त परिवार को मुआवजा दिलाया जा रहा है। वहीं नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा भी दिया गया है।
रामबाबू देवांगन, तहसीलदार

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