scriptApril month is the most hot in 12 years, river drains are drying up | 12 वर्ष में सबसे अधिक तपा अप्रैल माह, सूख रहे नदी नाले | Patrika News

12 वर्ष में सबसे अधिक तपा अप्रैल माह, सूख रहे नदी नाले

अधिकतम पारा 43.6 डिग्री सेल्सियस रहा
तापमान अधिक होने से तेजी से गिर रहा भू-जल स्तर
वर्ष 2019 के जैसी हो सकती है पानी की समस्या

बालाघाट

Published: April 27, 2022 09:48:10 pm

बालाघाट. जिले में इस वर्ष अप्रैल माह में सूर्य देवता सबसे अधिक तपे हैं। इस वर्ष अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है तो वहीं न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रहा है। वर्ष 2011 से लेकर अभी तक 12 वर्षों के दर्ज तापमान के रिकार्ड को देखा जाए तो इस वर्ष गर्मी सर्वाधिक है। हालांकि, वर्ष 2019 में भी भीषण गर्मी पड़ी थी। वर्ष 2019 में अधिकतम तापमान 42.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इधर, तापमान अधिक होने से भू-जल स्तर तेजी से गिर रहा है। जिसके कारण अभी से पेयजल की समस्या गहराने लगी है। आगामी समय में पानी की विकराल स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
जानकारी के अनुसार इस वर्ष मार्च माह के दूसरे पखवाड़े से ही गर्मी लगना प्रारंभ हो गई थी। मार्च माह में ही तापमान करीब चालीस डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं अप्रैल माह के शुरूआत से ही सूर्य देवता जमकर तप रहे हैं। वातावरण में नमी कम होने के कारण लोगों को गर्मी का एहसास भी अधिक हो रहा है। इसका सीधा असर जन-जीवन पर पड़ रहा है। यदि गर्मी के ऐसे ही हालात रहे तो आगामी समय में स्थिति काफी विकराल हो सकती है।
पारा 45 डिग्री के पार होने की संभावना
मौसम विभाग की माने तो इस वर्ष जिले में भीषण गर्मी पडऩे की संभावना है। इस वर्ष तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक हो सकता है। जिसके कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, मौजूदा समय में ही तापमान 41-42 डिग्री सेल्सियस से करीब है।
भू-जल स्तर पर पड़ रहा प्रभाव
तापमान अधिक होने के कारण इसका असर सीधे भू-जल स्तर पर पड़ रहा है। जिले में अनेक नदी-नाले अभी से सूख गए हैं। जबकि कुछेक नदियों में थोड़ा पानी ही बचा है जिसके आगामी समय में सूखने का आसार बने हुए है। वर्ष 2019 में जब पारा करीब 43 डिग्री सेल्सियस था तब जिले में पानी के लिए हा-हाकार मच गया था। वैसी ही स्थिति इस वर्ष भी होने की संभावना है।
सावधानी से ही गर्मी से बचा जा सकता है
मौसम वैज्ञानिक मौसम विज्ञान केन्द्र बडग़ांव डॉ. धर्मेन्द्र आगाशे के अनुसार बढ़ते तापमान को देखते हुए अत्याधिक गर्मी होने की स्थिति में ठंडे पानी से शरीर को पोछे या कई बार स्नान करें। धूप व गर्म हवाओं के संपर्क में आने के बाद तुरंत स्नान न करें। ग्रीष्म ऋतु में शरीर में पानी की कमी होना आम बात है। लेकिन कुछ उपाय अपना कर इसे बराबर किया जा सकता है। जिसमें पानी, छाछ, ओआरएस का घोल, घर में बने पेय जैसे लस्सी, नींबू पानी, आम का पना सहित अन्य का अधिक मात्रा में सेवन करना चाहिए। धूप से निकलते समय छाता, सिर पर टोपी या सिर पर कपड़ा रखें। साथ में पीने के पानी की समुचित यवस्था रखें।
12 वर्ष में सबसे अधिक तपा अप्रैल माह, सूख रहे नदी नाले
12 वर्ष में सबसे अधिक तपा अप्रैल माह, सूख रहे नदी नाले
वर्ष अधिक तापमान न्यूनतम तापमान

2011 38.2 28.8
2012 40.3 35
2013 41.4 31
2014 41.2 34.5
2015 39.7 26.7
2016 42.7 36.5
2017 42.1 36.2
2018 41.9 31.8
2019 42.9 31
2020 38.6 30.1
2021 38.9 22.1
2022 43.6 24.6

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