सूखते रोपा के लिए अमृत बनकर बरसे बदरा

आषाढ़ माह के अंतिम दिनों में सक्रिय हुआ मानसून, बारिश से किसानों के चेहरे खिले, रोपाई कार्य में जुटे किसान, दिन भर बरसे बदरा, उमस भरी गर्मी से मिली राहत

By: Bhaneshwar sakure

Published: 22 Jul 2021, 09:31 PM IST

बालाघाट. आषाढ़ माह के अंतिम दौर में मानसून सक्रिय हुआ है। दो दिनों से जिले में अच्छी बारिश हो रही है। इस बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। किसानों ने रोपाई के कार्य में भी तेजी लाई है। जिले में बुधवार को दोपहर बाद से पूरे दिन बारिश होते रही। भले ही बारिश कभी रिमझिम तो कभी तेज हुई हो, लेकिन इस बारिश से न केवल किसान खुश हुए हैं। बल्कि सूखती फसल के लिए पानी अमृत जैसा हो गया। इधर, किसानों ने बारिश होने के दौरान ही रोपाई के कार्य भी किया। अब धान रोपाई का कार्य में तेजी आएगी। बुधवार को पूरे दिन बारिश होने से जहां वातावरण में नमी घुल गई। वहीं लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत भी मिली है। उल्लेखनीय है कि जिले में मंगलवार को भी अच्छी बारिश हुई थी।
जानकारी के अनुसार आषाढ़ माह में मानसून पूरी तरह से रुढ गया था। बारिश नहीं होने से जहां किसान परेशान थे। वहीं खेतों में लगा रोपा सूखने भी लगा था। जिले में पिछले एक पखवाड़े से भी अधिक समय से मानसून रुठा हुआ था। बारिश नहीं होने से जमीन फटने लगी थी, धान का रोपा सूखने लगा था। जिससे किसान काफी चिंतित हो गए थे। लेकिन आषाढ़ माह के अंतिम दिनों में मानसून सक्रिय हुआ है। बारिश होने के साथ ही किसानों के चेहरे पर खुशी लौट आई है। हालांकि, किसान अभी भी अच्छी बारिश के इंतजार में हैं।
सूखते हुए रोपा के लिए अमृत वर्षा
बीते कई दिनों से बारिश नहीं होने के चलते रोपा सूखने की कगार पर पहुंच गया था। हालांकि, साधन संपन्न किसानों द्वारा कुआं, नहर मोटर पंप के साधन से सिंचाई कर रोपाई का कार्य कर रहे थे। लेकिन जिन किसानों के पास सिंचाई के साधन नहीं थे, उनके सामने समस्या खड़ी हो गई थी। दो-तीन दिनों से हो रही रिमझिम बारिश से किसानों के चेहरे की रंगत लौट गई है। ज्यादातर किसान रोपाई के कार्य में जुट गए हैं। उल्लेखनीय है कि बालाघाट जिला धान की अच्छी फसलों के लिए जाना जाता है। यहां का किसान धान की खेती बड़े रुचि से करता है। बीते दिनों में बरसात नहीं होने से किसानों की फसलों पर संकट के बादल गहराने लगे थे।
शहर हुआ पानी-पानी
इधर, नगर मुख्यालय में जल निकासी के साधन नहीं होने से एक बार लोगों को फिर आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक समस्या गोंदिया रोड, हनुमान चौक में नजर आई। गोंदिया रोड और हनुमान चौक में जल निकासी के साधन नहीं होने से यहां पानी सड़कों पर बहते रहा। जिसके कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, यह समस्या वर्षों से बनी हुई है, जिसका आज तक निराकरण नहीं हो पाया है।
लालबर्रा क्षेत्र में रोपाई कार्य में आई तेजी
लालबर्रा मुख्यालय के आसपास ग्रामों में रोपाई का कार्य जोरों पर है। दो-तीन दिनों से हो रही रिमझिम व तेज बारिश से क्षेत्र में सभी किसानों के द्वारा रोपाई चालू कर दिया गया है। किसानों की माने तो क्षेत्र में ५० प्रतिशत से ज्यादा रोपाई का कार्य हो चुका है। बारिश नहीं होने व पानी की किल्लत से यह कार्य अटका हुआ था। लेकिन अब बारिश होने से शीघ्र ही यह कार्य पूरा हो जाएगा।

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