scriptBalaghat Closed-न तो यात्री बसें सडक़ों पर दौड़ी न सुबह से खुले प्रतिष्ठान | BalagNeither passenger buses ran on the roads nor the establishments opened in the morning | Patrika News
बालाघाट

Balaghat Closed-न तो यात्री बसें सडक़ों पर दौड़ी न सुबह से खुले प्रतिष्ठान

न तो यात्री बसें सडक़ों पर दौड़ी और न ही सुबह से प्रतिष्ठान खुले। इतना ही नहीं पेट्रोल पंप भी बंद रहे। शैक्षणिक संस्थानों के दरवाजे भी नहीं खुले। शनिवार को चौतरफा बालाघाट बंद रहा। सिवनी जिले में हुई मवेशियों की हत्या के विरोध में 22 जून को बालाघाट जिला बंद का आव्हान किया गया […]

बालाघाटJun 22, 2024 / 09:48 pm

Bhaneshwar sakure

बालाघाट बंद

नगर के मुख्य मार्ग पर बंद रहे प्रतिष्ठान।

न तो यात्री बसें सडक़ों पर दौड़ी और न ही सुबह से प्रतिष्ठान खुले। इतना ही नहीं पेट्रोल पंप भी बंद रहे। शैक्षणिक संस्थानों के दरवाजे भी नहीं खुले। शनिवार को चौतरफा बालाघाट बंद रहा। सिवनी जिले में हुई मवेशियों की हत्या के विरोध में 22 जून को बालाघाट जिला बंद का आव्हान किया गया था। विश्व हिंदु परिषद, बजरंग दल सहित अन्य हिंदुवादी संगठनों के आव्हान पर बंद का असर पूरे जिले में रहा है।
बालाघाट. न तो यात्री बसें सडक़ों पर दौड़ी और न ही सुबह से प्रतिष्ठान खुले। इतना ही नहीं पेट्रोल पंप भी बंद रहे। शैक्षणिक संस्थानों के दरवाजे भी नहीं खुले। शनिवार को चौतरफा बालाघाट बंद रहा। सिवनी जिले में हुई मवेशियों की हत्या के विरोध में 22 जून को बालाघाट जिला बंद का आव्हान किया गया था। विश्व हिंदु परिषद, बजरंग दल सहित अन्य हिंदुवादी संगठनों के आव्हान पर बंद का असर पूरे जिले में रहा है। बंद को जिले के 25 से अधिक अलग-अलग संगठनों ने अपना समर्थन दिया था। बंद के दौरान पूरी तरह से शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया गया। स्थानीय काली पुतली चौक में सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की। बंद के दौरान सुबह से लेकर शाम तक सुरक्षा के लिहाज से जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की कोई ङ्क्षहसक घटनाएं नहीं हुई।
सिवनी जिले में हुई मवेशियों की हत्या के विरोध में बंद रहा बालाघाट
जानकारी के अनुसार सिवनी जिले में बीते दिनों 54 मवेशियों की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। मवेशियों को कुछेक शवों को वैनगंगा नदी में बहा दिया गया। वहीं कुछ शवों को सडक़ किनारे फेंक दिया गया था। इस घटना से हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई। इस घटना के विरोध और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर विश्व हिंदु परिषद, बजरंग दल ने 22 जून को बालाघाट जिले में बंद का आव्हान किया था। शनिवार को बालाघाट जिल पूरी तरह से बंद रहा। कहीं भी किसी भी प्रकार की कोई ङ्क्षहसक घटनाएं नहीं हुई। प्रदर्शनकारियों ने सुबह रैली निकाली। शहर के सभी वार्डों का भ्रमण किया। लोगों से बंद में सहयोग की अपील की।
व्यापारियों ने स्वेच्छा से बंद रखा प्रतिष्ठान
बालाघाट बंद को व्यापारियों ने भी खुलकर अपना समर्थन दिया। स्वेच्छा से सभी व्यापारियों ने अपने-अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखा। दुकाने पूरे दिन बंद रही। हालांकि, देर शाम कुछेक प्रतिष्ठान जरुर खुल गए थे। चेम्बर ऑफ कामर्स, सतपुड़ा चेम्बर ऑफ कामर्स ने शुक्रवार को ही सभी व्यापारियों से अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर प्रदर्शन में सहयोग की अपील की थी। जिसका पूरा असर शनिवार को देखा गया।
चाय, नाश्ता की दुकानें भी रही बंद
इस बंद के चलते नगर में चाय, नाश्ता की दुकानें भी पूरी तरह से बंद रही। सुबह लोग चाय, नाश्ता के लिए अवश्य भटकते नजर आए। शाम के गोंदिया रोड, आंबेडकर चौक, हनुमान चौक सहित अन्य स्थानों पर चाय, नाश्ता की दुकानें खुल गई थी।
बसों के पहिए रहे थमे
बालाघाट बंद के चलते यात्री बसों के पहिए पूरे दिन थमे रहे। स्थानीय बस स्टैंड में सभी यात्री बसें खड़ी रही। सुबह से लेकर शाम तक न तो यात्री बसों का संचालन हुआ और न ही यात्रा करने के लिए लोग बस स्टैंड तक पहुंचे। इस दौरान लोग अपने-अपने साधनों से आवागमन करते हुए नजर आए। जिन लोगों के पास अपने स्वयं के साधन नहीं थे, वे ही शनिवार की शाम को बस स्टैंड में नजर आए। हालांकि, बसों का संचालन नहीं होने से वे भी अपने गंतव्य स्थल तक नहीं पहुंच सकें।
पेट्रोल पंप भी रहे बंद
बालाघाट बंद को पेट्रोल पंप संचालकों ने भी अपना पूरा समर्थन दिया। इस दौरान पेट्रोल पंपों में बंद का नोटिस भी चस्पा कर दिया गया था। शनिवार को सुबह से लेकर शाम करीब 6 बजे पेट्रोल पंप बंद रहे। इस दौरान किसी को भी पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री नहीं की गई। हालांकि, शाम 6 बजे के बाद कुछेक पेट्रोल पंपों से ईधन देना प्रारंभ किया गया।
शैक्षणिक संस्थानों में नहीं पहुंचे विद्यार्थी
शनिवार को बंद के चलते शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थी ही नहीं पहुंचे। अशासकीय शिक्षण संस्थान पूरी तरह से बंद रहे। शासकीय शिक्षण संस्थानों में शिक्षक ही पहुंच पाए थे। जिसके चलते शिक्षण संस्थानों में भी बंद का पूरी तरह से असर देखा गया।
जगह-जगह पुलिस बल रहा तैनात
शनिवार को प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के लिहाज से जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा। शहर के प्रत्येेक चौक-चौराहों, आवागमन के मुख्य स्थानों, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की कोई ङ्क्षहसक घटनाएं नहीं हुई। शांतिपूर्वक ढंग से प्रदर्शन हुआ।
काली पुतली चौक में हुई सभा
शनिवार को बंद के दौरान स्थानीय काली पुतली चौक में सभा का आयोजन किया गया। सभा को अलग-अलग संगठनों के पदाधिकारियों ने संबोधित किया। सभा को संबोधित करते हुए हिंदुवादी नेताओं ने कहा कि इस घटना की जितनी भी निंदा की जाए, उतनी कम है। इस मामले में सरकार आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करें। आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें। आरोपियों के घरों को ढहाने की भी कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि जिस तरह से मवेशियों की हत्या की गई है, उसे हिंदु समाज किसी भी तरह से स्वीकार नहीं करता है। इस घटना को एक सोची समझी योजना के तहत अंजाम दिया गया है। इसके अलावा उन्होंने अनेक बातें कही। इस अवसर पर अलग-अलग संगठनों के पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।

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