किसानों पर नहीं बैंकों को विश्वास-

किसानों पर नहीं बैंकों को विश्वास-

Mukesh Yadav | Publish: Sep, 08 2018 07:18:14 PM (IST) | Updated: Sep, 08 2018 07:18:15 PM (IST) Balaghat, Madhya Pradesh, India

अवधि से पहले ही कर ली ऋण वसूली, मामला-प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना दावा राशि वितरण का

कटंगी। क्षेत्र के अन्नदाता किसानों पर बैंकों का विश्वास नहीं रहा या फिर सबकुछ राजनेताओं के ईशारों पर हो रहा है। यह बड़ा सवाल किसान संगठन एवं उन सैकड़ों कृषकों ने उठाया है। जिन्होंने खेती के लिए समितियों से ऋण लिया था। दरअसल, पूरा मामला प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की दावा राशि वितरण से जुड़ा हुआ है। किसानों ने बताया कि इन दिनों वर्ष 2017 की दावा राशि किसानों के खाते में जमा करवाई जा रही है। मगर, जिन किसानों ने कर्ज लिया है उन किसानों के बचत खाते में यह राशि नहीं डाली जा रही है। किसानों ने बताया कि उनकी दावा राशि डीएमआर खाते में जमा की जा रही है। जिसमें सबसे पहले ऋण वसूला जा रहा है। किसानों ने बताया कि मौजूदा वक्त में उन्हें नकदी पैसों की सख्त जरूरत है। लेकिन नेताओं और अफसरों की दोहरी रणनीति की वजह से दावा राशि मिलने के बाद भी उनके हाथ खाली है। किसानों ने बताया कि जो कर्ज उन्होंने लिया था उसे मार्च 201९ तक वापस करना है। जिसमें अभी 6 माह का समय बाकी है। लेकिन बैंक पहले ही ऋण वसूली कर रहा है। जिससे किसानों की आर्थिक हालत खस्ता हो गई है। बहरहाल, किसान शासन-प्रशासन की इस दोहरी नीति से काफी नाराज है।
किसान संगठन पदाधिकारी ईश्वरीप्रसाद बिसेन ने बताया कि तिरोड़ी समिति के किसानों के खातों में अब तक फसल बीमा की दावा राशि जमा नहीं हो पाई है। कलेक्टर डीव्ही सिंह को तीन दिन पहले तक भम्र में रखा गया कि किसानों के खातों में राशि जमा करा दी गई है। उन्होंने बताया कि इस मामले की शिकायत अनुविभागीय अधिकारी ऋषभ जैन से करने पर कलेक्टर के संज्ञान में पूरा मामला आया। तब उन्होंने शीघ्र ही किसानों के खाते में दावा राशि जमा कराने के निर्देश दिए। इधर, वृहत्ताकार सेवा सहकारी समिति कटंगी ने बताया कि शुक्रवार की देर शाम सभी किसानों के खातों में दावा राशि जमा कराई गई। जिसमें 1 लाख 16 हजार की दावा राशि बचत खाते में तथा करीब 10 लाख की दावा राशि डीएमआर खाते में जमा कराई गई है।
गौरतलब हो कि जिले की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की दावा राशि किसानों के किस खाते में जमा कराई जाए। इसे लेकर सहकारिता विभाग शुरू से ही संशय में रहा। जिसके चलते बार-बार संशोधन होते रहे। इसमें भी खासतौर से कटंगी, तिरोड़ी एवं खैरलांजी तहसील के किसानों के खाते को लेकर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अधिकारी भी कोई ठोस निर्णय नहीं ले पाए। पहले एक पत्र जारी कर डीएमआर खाते में दावा राशि जमा कराने के आदेश शाखा प्रबंधकों को दिए गए। इसके बाद पुन: पत्र जारी कर बचत खाते में राशि जमा कराने के आदेश दिए गए। इस प्रक्रिया में स्थानीय स्तर के बैंक और समिति कर्मचारी परेशान होते रहे। फिलहाल कर्ज लेने वाले किसान दावा राशि से ऋण वसूल करने से परेशान है। किसानों ने बताया कि वह इस साल खरीफ की फसल बेचकर कर्ज अदा कर सकते थे। लेकिन ऐसा लगता है कि बैंक तथा नेताओं को किसानों पर विश्वास नहीं रहा।
वर्सन
शासन-प्रशासन की दोहरी नीति की वजह से क्षेत्र का किसान परेशान है। अभी किसानों को पैसों की सख्त जरुरत है। लेकिन दावा राशि से ऋण वसूल किया जा रहा है। तिरोड़ी के किसानों को अब तक दावा राशि नहीं मिली है। अगर जल्द ही इस दिशा में प्रयास नहीं हुआ तो किसान चुप नहीं बैठेगा हम सभी आंदोलन करेंगे।
ईश्वरी प्रसाद बिसेन, किसान संगठन

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