सांसद भगत का टिकट कटा, ढाल सिंह होंगे भाजपा प्रत्याशी

सांसद भगत का टिकट कटा, ढाल सिंह होंगे भाजपा प्रत्याशी

By: Bhaneshwar sakure

Published: 29 Mar 2019, 09:36 PM IST

बालाघाट. लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा में प्रत्याशी चयन को लेकर चल रही उठा-पटक और असमंजस्य का दौर शुक्रवार को खत्म हो गया। भाजपा हाई कमान ने वर्तमान सांसद बोधसिंह भगत का टिकट काट दिया है। भाजपा ने इस सीट पर सिवनी जिले के बरघाट से चार बार विधायक रहे डॉ. ढाल सिंह बिसेन को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। ढाल सिंह बिसेन पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के मंत्रीमंडल में तीन विभागों के मंत्री भी रह चुके है। पूर्व मंत्री डॉ. ढाल सिंह बिसेन बालाघाट विधायक व पूर्व केबिनेट मंत्री गौरीशंकर बिसेन के करीबी भी माने जाते है। वहीं दूसरी ओर सांसद बोधसिंह भगत के टिकट कट जाने के बाद वेे उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ पूरे दिन मंत्रणा करते रहे।
जानकारी के अनुसार बालाघाट-सिवनी संसदीय सीट पर सांसद बोधसिंह को प्रत्याशी बनाए जाने की संभावना जताई जा रही थी। वहीं पूर्व केबिनेट मंत्री व बालाघाट विधायक गौरीशंकर बिसेन लोकसभा चुनाव में अपनी पुत्री मौसम हरिनखेड़े को टिकट दिलाने में लगे हुए थे। लेकिन पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने परिवाद के चलते मौसम हरिनखेड़े को प्रत्याशी नहीं बनाया। जिसके चलते पूर्व केबिनेट मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने बरघाट के पूर्व विधायक डॉ. ढाल सिंह बिसेन और लांजी के पूर्व विधायक रमेश भटेरे का नाम प्रस्तावित कर दिया था। इनके अलावा इस संसदीय सीट से प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान केन्द्रीय मंत्री उमा भारती के ओएसडी रहे आईआरएस लोकेश लिल्हारे का नाम भी सामने आया था। लेकिन अंतत: पार्टी ने पूर्व केबिनेट मंत्री गौरीशंकर बिसेन द्वारा प्रस्तावित डॉ. ढालसिंह बिसेन को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया।
सांसद और पूर्व मंत्री है एक-दूसरे के विरोधी
सांसद बोधसिंह भगत और पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन एक-दूसरे के विरोधी है। इसकी बानगी अनेक बार पार्टी के कार्यक्रमों में भी नजर आई है। सत्ता और संगठन में पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन की पकड़ अच्छी होने के चलते बालाघाट-सिवनी संसदीय सीट से वर्तमान सांसद बोधसिंह भगत को प्रत्याशी नहीं बनाया गया है। पूर्व मंत्री बिसेन ऐसा ही चाहते थे।
इधर, शुक्रवार को पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव राष्ट्रीय मुद्दों पर लड़ा जाता है। इसमें प्रत्याशी से ज्यादा महत्व केन्द्रीय मुद्दों का रहता है। इसलिए बोधसिंह भगत की टिकट कटने से भाजपा को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने इस संसदीय सीट में भाजपा प्रत्याशी के एक लाख वोटों से जीतने का दावा भी किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मुद्दे नरेन्द्र मोदी के पक्ष में है, इसलिए भाजपा को केन्द्र में दो तिहाई बहुमत मिलने की पूरी उम्मीद है।
सांसद भगत की टिकट काटे जाने पर गुटबाजी, विरोध के सवाल पर पूर्व मंत्री बिसेन ने कहा कि भाजपा एक परिवार है, इसमें प्रत्याशी को लेकर किसी भी प्रकार के कोई विरोध जैसी स्थिति नहीं है। बालाघाट-.सिवनी संसदीय क्षेत्र में सांसद भगत के अलावा मौसम हरिनखेड़े, रमेश भटेरे, ढालसिंह बिसेन जैसे कई दावेदार थे। अधिकृत प्रत्याशी के चयन का फैसला पार्टी हाईकमान का है। जिसे पूरा भाजपा संगठन सहर्ष स्वीकार करता है। इसके पहले 1999 में उनकी भी टिकट काटकर प्रहलाद पटेल को दी गई थी। तब भी पूरा भाजपा संगठन ने बिना विरोध के एक होकर भाजपा को जिताने का काम किया था। यहां प्रत्याशी को लेकर कोई गुटबाजी नहीं है यह चुनाव विचारधारा की लड़ाई पर लड़ा जाएगा। उन्होंने सांसद बोधसिंह भगत के मामले में कहा कि मनभेद हो सकते हैं लेकिन मतभेद कहीं भी नहीं है।
भाजपा प्रत्याशी चुनाव हारा तो छोड़ दूंगा राजनीति
पूर्व कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि कांग्रेस के मधु भगत कमजोर प्रत्याशी है। विधानसभा चुनाव में 9 हजार से ज्यादा मतों से हारे हैं। क्षेत्र के बाहर इनका कोई वर्चस्व नहीं है। इसलिए उनकी हार निश्चित है। यदि इस सीट से भाजपा चुनाव हार जाती है और कांग्रेस प्रत्याशी चुनाव जीत जाते हैं तो वे राजनीति से सन्यास ले लेंगे।

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