जल आर्वधन का खाका तैयार करने में बड़ी चूक

जल आर्वधन का खाका तैयार करने में बड़ी चूक

Mukesh Yadav | Publish: Sep, 16 2018 08:27:29 PM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 08:27:30 PM (IST) Balaghat, Madhya Pradesh, India

पुरानी तिरोड़ी में बन रही डमी पानी टंकी, तिरोड़ी की नहीं बुझी प्यास

कटंगी/तिरोड़ी। क्षेत्र की मॉयल नगरी तिरोड़ी की प्यास बुझाने के लिए जल आर्वधन योजना का निर्माण कार्य अब भी लंबित ही पड़ा है। पूरे 1 साल बीतने के बाद भी लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग बावनथड़ी नदी का पानी तिरोड़ी तक नहीं पहुंचा पाया है। जबकि इस परियोजना का जो खाका तैयार किया गया है, उसमें हुई बड़ी चंूक की वजह से पुरानी तिरोड़ी इस योजना से वंचित है। लेकिन फिर भी विभाग लाखों रुपए खर्च कर पानी टंकी बना रहा है। दरअसल, इस परियोजना का खाका तैयार करते वक्त अधिकारियों ने जमीनी स्थिति देखे बिना ही कार्य को शुरू करवा दिया। अब दिक्कत यह हो रही है कि पुरानी तिरोड़ी में पानी टंकी का निर्माण तो कर दिया गया है। लेकिन पाईप लाईन पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। इस कारण 15 सौ की आबादी वाली पुरानी तिरोड़ी तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है और लाखों रुपए की लागत से बनी पानी टंकी शोभा की सुपारी बनी हुई है।
सरपंच आंनद बरमैया ने बताया कि विभागीय लापरवाही के कारण 1 साल बीतने के बावजूद भी बावनथड़ी नदी का पानी नहीं पहुंच पाया है। यह परियोजना केवल तिरोड़ी तक ही सीमित है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि अधिकारी भूल गए है कि इस योजना में पुरानी तिरोड़ी को जोडऩा था। जिसका भुगतमान पुरानी तिरोड़ी की जनता अब भुगत रही है। पुरानी तिरोड़ी की जनता पंचायत के बोरवेल से पानी भरने को मजबूर है। ज्ञात हो कि पुरानी तिरोड़ी में पेयजल साधन की कमी होने की वजह से सुबह होते ही बोरवेल के सामने लाइन लग जाती है। तिरोड़ी और पुराने तिरोड़ी के बीच माईन है। इस कारण पाईप लाईन का विस्तार संभव नहीं है। बता दें कि अधिकारियों ने अगर इस बात को पहले संज्ञान में ले लिया होता तो इस तरह की दिक्कतों का कभी सामना ही नहीं करना पड़ता। लेकिन बिना जमीनी हकीकत जाने केवल कागजों के सहारे ही परियोजना का खाका तैयार किया गया।
चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
तिरोड़ी सांई मंदिर के नजदीक बसाहट में भी पानी की भारी किल्लत है। यहां पर ऊंचाई अधिक होने के कारण पानी बहुत ही कम मात्रा में पहुंचता है। इस कारण ग्रामीणों ने सांई मंदिर के पास एक ओवरहेड टैंक बनाने की मांग की थी। इंटक के स्थापना दिवस पर मॉयल प्रबंधक रूहुल अमीन ने वहां ओवर हेड टैंक बनाने का वादा किया था तथा मुख्य कार्यालय को पत्र भी भेज दिया। लेकिन वहां से अब तक स्वीकृति नहीं मिली है। इस वजह से इस समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया। पुरानी तिरोड़ी की जनता ने तो चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पेयजल संकट का समाधान नहीं हुआ तो चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।
इनका कहना है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की लापरवाही का नतीजा है कि पुरानी तिरोड़ी में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। विभागीय अधिकारियों ने बिना जमीनी हकीकत जाने परियोजना का खाका तैयार कर लिया जिससे जनता को बेजा परेशानी हो रही है।
आंनद बरमैया, सरपंच तिरोड़ी

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