पति की हत्या करने का लगाया आरोप

mukesh yadav

Publish: Sep, 17 2017 05:36:46 PM (IST)

Balaghat, Madhya Pradesh, India
पति की हत्या करने का लगाया आरोप

मामले की जांच करने एसपी से लगाई गुहार

बालाघाट. लामता थाना के ग्राम मोतेगांव निवासी मानतीबाई हिरवाने ने अपने पति की गांव के ही आधा दर्जन लोगों द्वारा हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक व कलेक्टर कार्यालय में जांच की मांग को लेकर ज्ञापन सौंप गुहार लगाई है।
इस दौरान मानतीबाई ने बताया कि २३ जून २०१७ को गांव के ही राधेलाल व उसके भाई दीपलाल, दिलीप सहित अन्य ने पति अशोक हिरवाने को घर में घुसकर मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी। इसकी शिकायत लामता थाना में की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसकी लिखित शिकायत ४ जुलाई को पुलिस अधीक्षक को भी की गई। जिससे लामता थाना के संबंधित बीट प्रधान आरक्षक द्वारा पति-पत्नी को डरा धमकाकर अनावेदकों से सांठ-गांठ जबरन समझौता कराया गया। मृतक की ३० अगस्त की रात कुसोबा पिता मनीराम लोहार ने रामायण मंडली के बहाने बुलाकर ले गया। जिससे मृतक कुसोबा के साथ गांव के ही गणेश पंडाल में मंडली में चला गया। दूसरे दिन ३१ अगस्त की सुबह घर के बाहर अशोक की लाश दिवार किनारे टिकी मिली। जिसके शरीर के कपड़े कीचड़ से भरे व मुहं से खून निकल रहा था और गले में नाखून के निशान भी थे। इस दौरान गांव का सरपंच राधेलाल यादव व एक ट्रेक्टर चालक मौके पर आ गए। पुलिस आने के पूर्व मृतक के शरीर का कपड़ा निकाल सूबत मिटाने कपड़ा जलाने का प्रयास करने लगे। लाश को भी जलाकर रफा-दफा करने की भी बात कर रहे थे। जिससे मानतीबाई ने इसकी जानकारी आस-पास के लोगों को दी और थाना में सूचना दी गई। सूचना पर पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम कार्रवाई की गई। महिला ने कहा कि पति को घर में घुसकर मारपीट करने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
ये रहे शामिल
इस दौरान नरेन्द्र मोदी विचार मंच प्रदेश सचिव श्रवण कपूर, कलार समाज सचिव राजेन्द्र पालेवार सहित अन्य उपस्थित रहे।
परियोजना अधिकारी को हटाने का आदेश मिलने पर धरना स्थगित
बालाघाट. परियोजना अधिकारी निर्मलसिंह ठाकुर को हटाने का आदेश प्राप्त होने पर लालबर्रा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व पर्यवेक्षकों द्वारा की जा रही हड़ताल स्थगित कर दी गई।
इस संबंध में श्रमिक नेता इकबाल अहमद कुरैशी ने बताया कि १२ सितम्बर से परियोजना अधिकारी ठाकुर के खिलाफ परियोजना कार्यालय के कर्मचारी, पर्यवेक्षकों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार व जातिगत अपमानित करने से सामूहिक अवकाश लेकर परियोजना कार्यालय के समक्ष धरना आंदोलन किया जा रहा था। लेकिन १६ सितम्बर को कलेक्टर के आदेशानुसार निर्मलसिंह को परियोजना कार्यालय से हटाकर जिला कार्यालय एकीकृत बाल विकास सेवा बालाघाट में संलग्न किया गया है।
इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा बिसेन ने भी कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर मांगों का निराकरण कराने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर संगठन के सचिव ललीता नागेश्वर, देवेन्द्र हरिनखेड़े सहित परियोजना कार्यालय के कर्मचारी व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

डाउनलोड करें पत्रिका मोबाइल Android App: https://goo.gl/jVBuzO | iOS App : https://goo.gl/Fh6jyB

Ad Block is Banned