कलेक्टर ने की समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा

25 से 165 केन्द्रों में प्रारंभ होगी धान खरीदी

बालाघाट. किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम दिलाने और उन्हें बिचौलियों व दलालों के शोषण से बचाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के व्यापक इंतजाम किए है। समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 25 नवंबर से प्रारंभ होगी और 25 जनवरी 2020 तक चलेगी। कलेक्टर दीपक आर्य ने 16 नवंबर को अधिकारियों की बैठक लेकर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा की और उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं दुबे, जिला आपूर्ति अधिकारी एसएच चौधरी, उप संचालक कृषि सीएस गौर, नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक आरके सोनी, जिला विपणन अधिकारी अर्पित तिवारी, स्टेट वेयर हाउस कार्पोरेशन के जिला प्रबंधक मनोहर पाटिल, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में बताया गया कि समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी के लिए खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में बालाघाट जिले के एक लाख 16 हजार 88 किसानों का पंजीयन किया गया है। सभी 165 खरीदी केन्द्रों पर 6-6 इलेक्ट्रानिक तौल कांटे और 4-4 सिलाई मशीनों की इंतजाम कर लिया गया है। सभी खरीदी केन्द्रों के लिए बारदाने की भी पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। खरीदी केन्द्रों पर खरीदे गए धान का उठाव कर निर्धारित गोदाम और ओपन केप तक पहुंचाने के लिए परिवहन की भी तैयारियां कर ली गई है। कलेक्टर आर्य ने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन के निर्देशों के अनुसार किसानों को उनके मोबाइल पर एसएमएस द्वारा खरीदी केन्द्र पर धान लाने की तिथि बताई जाएगी। किसानों को इस नियत तिथि को ही धान लेकर आना है। गांव के कोटवार द्वारा भी किसानों को सूचित किया जाएगा कि किस किसान को किस दिन धान लेकर आना है। इसके लिए कोटवारों के मोबाइल में 400 रुपए का रिचार्ज भी कराया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी खरीदी केन्द्रों के लिए बारदाने का भंडारण निर्धारित स्थलों पर कर दिया जाए। जिससे जरूरत पडऩे पर खरीदी केन्द्रों में शीघ्रता से बारदाने उपलब्ध कराया जा सकेंगे। जिले के किसी भी केन्द्र में मुख्य सड़क के किनारे धान की खरीदी नहीं की जाएगी।
कलेक्टर आर्य ने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे 25 नवंबर को धान खरीदी प्रारंभ होने के पहले सभी 165 केन्द्रों के कम्प्यूटर आपरेटर्स को एक दिन का प्रशिक्षण प्रदान करें। जिले में समर्थन मूल्य पर अन्य राज्यों की धान न आने पाए और यहां की धान अन्य राज्यों में न जाने पाए। इसके लिए मंडी, वन एवं पुलिस के अधिकारियों का दल बनाकर जिले के सभी नाकों में वाहनों की सघन जांच करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि वन पट्टा धारक किसानों का वन विभाग के अधिकारियों द्वारा अब तक सत्यापन नहीं किया गया है। जिसके कारण वन पट्टा धारक किसानों का धान खरीदने में समस्या आ सकती है। इस पर कलेक्टर आर्य ने वन विभाग के अधिकारियों को वन पट्टाधारक ऐसे किसान जिन्होंने धान की फसल लगाई है, उनका तीन दिनों के भीतर सत्यापन करने के निर्देश दिए है।

Bhaneshwar sakure
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