जिले के 200 ग्रामों में बनेंगें सामुदायिक स्वच्छता परिसर

जिला जल, स्वच्छता समिति की बैठक में हुई चर्चा

By: Bhaneshwar sakure

Published: 22 Sep 2021, 11:33 PM IST

बालाघाट. कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सांसद ढाल सिंह बिसेन, जिपं प्रधान रेखा बिसेन, जिपं सीईओ विवेक कुमार, जिपं स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास समिति की सभापति अरूणा गजभिए, जिला पंचायत सदस्य झामसिंह नागेश्वर, सांसद प्रतिनिधि अरूण राहंगडाले, जितेन्द्र चौधरी, हेमेन्द्र क्षीरसागर सहित अन्य मौजूद थे।
सांसद डॉ बिसेन ने बैठक में कहा कि जिले में जिन स्थानों पर सामुदायिक स्वच्छता परिसर बन गए है और जहां पर नए बनाए जाने हैं, उनमें पानी का समुचित प्रबंध होना चाहिए। पानी उपलब्ध नहीं होने से स्वच्छता परिसरों में गंदगी हो जाती है। इसका विशेष ध्यान रखा जाए। इसी प्रकार जिन ग्रामों में गोबरधन योजना के अंतर्गत बायोगैस संयंत्र निर्माण किया जाना है, उनमें स्थल का चयन, संयंत्र के माडल पर अच्छे से विचार कर लिया जाए। जिससे बायोगैस संयंत्र लंबे समय के लिए उपयोगी बने रहें।
जिला पंचायत की प्रधान रेखा बिसेन ने बैठक में कहा कि जिले के स्कूलों का सर्वे कर लिया जाए कि वहां पर शौचालयों में पानी की उपलब्धता है या नहीं। जहां पर पानी की उपलब्धता नहीं हो, वहां पर पानी का इंतजाम कराया जाए। उन्होंने सामुदायिक स्वच्छता परिसर के लिए चिन्हित ग्रामों की सूची जिला पंचायत सदस्यों को भी उपलब्ध कहा।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक कुमार ने बैठक में बताया कि जिले में गत वर्ष 17 सामुदायिक स्वच्छता परिसर बनाने का अतिरिक्त लक्ष्य मिला था। इसमें से 3 के कार्य पूर्ण हो गए हैं और 14 का कार्य प्रगति पर है। वर्ष 2021-22 में जिले में 200 सामुदायिक स्वच्छता परिसर बनाने का लक्ष्य दिया गया है। इनमें बैहर, बिरसा, परसवाड़ा, बालाघाट, किरनापुर, खैरलांजी, कटंगी व वारासिवनी विकासखंड के 20-20 ग्रामों में एवं विकासखंड लालबर्रा के 18 व लांजी के 22 ग्रामों में सामुदायिक स्वच्छता परिसर बनाए जाएंगे। इसके अलावा जिले के 101 ग्रामों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के कार्य किए जाने है। इसके लिए ऐसे ग्रामों का चयन किया गया है जिनकी जनसंख्या 2 हजार से अधिक है और 500 से कम है।
सीईओ विवेक कुमार ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत गोबरधन योजना के अंतर्गत जिले के 22 ग्रामों में बायोगैस संयंत्र का निर्माण किया जाना है। इनमें से विकासखंड बालाघाट में ४, बिरसा, बैहर, लांजी व लालबर्रा में ३-३, वारासिवनी में २, कटंगी, किरनापुर, खैरलांजी व परसवाड़ा के १-१ ग्रामों का चयन किया गया है। उन्होंने बताया गया कि सामुदायिक स्वच्छता परिसर ऐसे सरकारी कार्यालयों में भी बनाए जा सकते हैं, जहां पर अधिक संख्या में कर्मचारी कार्यरत है। ऐसे सरकारी कार्यालय भी सामुदायिक स्वच्छता परिसर निर्माण के लिए प्रस्ताव दे सकते है।

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