कोरोना संक्रमित बताया, अस्पताल से प्रसूता को दी छुट्टी

स्वास्थ्य विभाग के अमले ने पीडि़ता के घर पहुंचकर किया स्वास्थ्य परीक्षण
चांगोटोला अस्पताल का मामला

By: Bhaneshwar sakure

Published: 16 May 2020, 08:18 PM IST

बालाघाट. कोरोना महामारी का खौफ कहें या फिर डॉक्टरों की लापरवाही। कोरोना संक्रमित बताकर एक आदिवासी प्रसूता को महज एक घंटे के भीतर ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हालांकि, प्रसूता का अस्पताल में ही सामान्य प्रसव हुआ। इधर, कोरोना संक्रमण की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पीडि़ता के घर पहुंचकर उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। जिसमें किसी भी प्रकार के कोरोना के कोई लक्षण नहीं दिखाई दिए। प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ्य है। मामला जिले के चांगोटोला स्वास्थ्य केन्द्र का है।
पीडि़त आदिवासी महिला सोमकली उइके के अनुसार उसे बीती रात्रि ८ बजे अचानक दर्द उठा, जिसकी सूचना उन्होंने नजदीकी आशा कार्यकर्ता लक्ष्मी ठाकरे को दी। आशा कार्यकर्ता के द्वारा 108 एंबुलेंस बुलवाकर महिला को चांगोटोला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां कुछ समय बाद महिला को प्रसव हो गया। पीडि़ता का कहना है कि उसे 1 घंटे बाद ही अस्पताल से घर जाने के लिए कह दिया गया। उन्होंने बताया कि अस्पताल में पदस्थ नर्स दीप्ति चौधरी के द्वारा सर्दी, खांसी, जुकाम होने और कोरोना के लक्षण दिखाई देने की बात कही गई। नर्स ने उसे स्पष्ट तौर पर यह भी कहा कि उसे चांगोटोला की बजाए सीधे बालाघाट जाना था। इस तरह से नर्स के द्वारा अमानवीय कृत्य कर उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। पीडि़ता ने बताया कि वह पिछले 7 माह पूर्व से परिजन के घर खेत में र्इंट काटने के लिए गए थे। तब से वह गर्भवती थी और उसका उपचार जारी था। लेकिन वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते वह अपना उपचार नहीं करा पाई थी।
इस मामले में नर्स दीप्ति चौधरी ने का कहना है न ही उन्होंने कोई अभद्र व्यवहार किया न ही पैसों की मांग की। जो महिला द्वारा कहा जा रहा है वह गलत है। वहीं दूसरी ओर प्रसूता आदिवासी महिला का कोरोना के लक्षण होने की जानकारी मेडिकल ऑफिसर अनिल शाक्य को पता चली तो वह पीडि़ता के घर पहुंचे। उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। जिसमें पीडि़ता में किसी भी प्रकार के कोरोना के लक्षण नहीं पाए गए।
इनका कहना है
आदिवासी महिला का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया था। जिसमें कोरोना संक्रमण से संबंधित कोई भी लक्षण नहीं पाए गए हैं। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ्य है।
-अनिल शाक्य, मेडिकल ऑफिसर

Bhaneshwar sakure
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