50 बेघर परिवारों के सामने संकट, झोपड़ी में निवास

मॉयल ने क्वाटर तोडऩा किया शुरू

By: mukesh yadav

Updated: 27 Nov 2019, 03:32 PM IST

तिरोड़ी। मॉयल ने शनिवार के दिन से अपने क्वाटरों को तोडऩा शुरू कर दिया है। जिसके चलते इन क्वाटर में सालों से रहने वाले 4 दर्जन से अधिक परिवार एक साथ बेघर हो गए हैं। इनमें से कुछ परिवार मॉयल के कर्मचारी भी है। क्वाटर टूटने के बाद यह लोग इस कड़़कड़ाती ठंड में झोपड़ी बनाकर निवास कर रहे हैं। मगर, इस बात की नेता और अफसर कोई सुध नहीं ले रहे है। उधर, सरपंच भी नियमों के आगे बेबस और लाचार हो गए हैं।
गौरतलब हो कि तिरोड़ी के दर्जन परिवारों के पास आवास नहीं होने की वजह से वह सभी मॉयल के क्वाटर में निवास कर रहे थे। करीब 6 महीने पूर्व मॉयल ने इन ग्रामीणों को नोटिस जारी कर क्वाटर खाली करने के लिए कहा था। इसके बाद से ग्रामीण लगातार सरपंच आंनद बरमैया के पास आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग कर रहे थे। लेकिन पंचायत का एसईसीसी डाटा केन्द्रीय सर्वर से गायब होने की वजह से सरपंच भी इन ग्रामीणों को आवास योजना का लाभ नहीं दिलवा पा रहे थे।
उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत तिरोड़़ी का एसईसीसी डाटा केन्द्रीय सर्वर में नहीं होने से यहां के ग्रामीणों को केन्द्र सरकार की किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) भी प्रमुख रुप से शामिल है। इस योजना का लाभ नहीं मिलने के कारण तिरोड़ी पंचायत में किसी भी पात्र हितग्राही को आवास नहीं मिल पाया है। सरपंच इस संबंध में कई बार वरिष्ट अधिकारियों एवं विभागीय मंत्रियों को शिकायत कर चुके है। लेकिन इतनी शिकायतों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
पीएमओ से भी शिकायत
बता दें कि पीएमओ में शिकायत के बाद आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए कुछ बदलाव किए गए थे। जिसके चलते पंचायत ने आवास प्लस पोर्टल पर पंचायत के 674 पात्र परिवारों के नाम जोड़े है। यह सभी नाम पोर्टल पर प्रदर्शित भी हो रहे हैं। लेकिन आज तक किसी भी ग्रामीण को आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। यह तब हो रहा है जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2022 तक सभी को आवास योजना का लाभ देने का निश्चिय किया है, लेकिन बीते 5 सालों में तिरोड़ी के एक व्यक्ति को भी योजना का लाभ नहीं मिला है।
२१३४ परिवार निवासरत
प्राप्त जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत तिरोड़ी में 2134 परिवार निवासरत है, जिसमें अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के परिवार शामिल है। भारत सरकार के द्वारा वर्ष 2011 में सामाजिक आर्थिक एवं जातिगत जनगणना करवाई गई थी। इसी जनगणना के आधार पर ग्रामीणों को केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, उज्जवला योजना का लाभ मिलना है। लेकिन तिरोड़ी पंचायत का यह डाटा केन्द्रीय सर्वर से गायब होने से ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। बहरहाल, जो भी हो लेकिन समस्या तो तिरोड़ी की गरीब जनता को ही भुगतना पड़ रहा है।

mukesh yadav Reporting
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