लंबित भुगतान की मांग, सड़क पर उतरे अन्नदाता

Mukesh Yadav

Updated: 04 Dec 2019, 08:30:36 PM (IST)

Balaghat, Balaghat, Madhya Pradesh, India


परसवाड़ा. विगत वर्ष धानोपार्जन के दौरान समर्थन मूल्य पर बेची गई धान का शेष रुपया वर्ष बीतने के बाद भी नही मिल पाने के कारण आक्रोशित किसान अब सड़क पर उतरने प्रदर्शन करने लगे है। इसी कड़ी में बुधवार को शासन प्रशासन के प्रति आक्रोश प्रकट करते हुए किसानों ने बड़ी संख्या में मुख्यालय परसवाड़ा में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान हजारों की संख्या में किसानों की उपस्थिति रही। वहीं सैकड़ों बैलगाडिय़ों की रैली से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। घंटो जाम की स्थिति बनी रही। किसानों ने शासन प्रशासन को चेताया कि शीघ्र ही उनका लंबित भुगतान नही किया गया तो जल्द ही किसानों के द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा। जिसकी समस्त जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी।
निकाली गई बैलगाड़ी रैली
आंदोलन में भारी संख्या में किसानों का जमावड़ा रहा। साथ ही सैकड़ों की संख्या में किसान बैलगाडिय़ां भी लेकर आए। इस दौरान कालेज मैदान लिंगा से विशाल बैलगाड़ी रैली निकाली गई। गुस्साए किसानों ने रास्ते में जय जवान जय किसान एवं लूट की दुकान बंद करों के नारे लगाए। तहसील कार्यालय के सामने पहुंचकर समस्त किसानों ने अपनी बैलगाड़ी सड़क पर खड़ी कर दी। इस दौरान करीब दो घंटे तक पूरी तरह जाम की स्थिति रहीं। वहीं बैठकी बाजार का दिन होने के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराई नजर आई।
यहां उग्र नजर आए किसान
किसान बैलगाडिय़ों सहित सहकारी बैंक के सामने पहुंचे। उन्होंने बैंक प्रबंधन से उनका भुगतान शीघ्र करने की बात कही। सोसायटी कार्यालय पहुंचकर भी किसानों ने जमकर आक्रोश प्रकट किया। हालांकि विभागीय अधिकारियों के द्वारा भुगतान की स्थिति को लेकर किसानों को समझाने का प्रयास किया गया। लेकिन किसान किसी भी आश्वासन को मानने तैयार नजर नहीं आए। पुलिस प्रशासन को काफी जद्दोजहद करते देखा गया। हालांकि किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना इस दौरान घटित नही हुई, फिर भी पुलिस प्रशासन को कुछ जगहों पर किसानों के आक्रोश से दो चार होना पड़ा।
गहमागहमी का माहौल
धरना प्रदर्शन के दौरान किसानों ने आमसभा भी की। वहीं मुख्य मंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा। आंदोलन के दौरान कई पार्टियों के नेता एकमंच पर नजर आए। इसके पूर्व तहसील मुख्यालय के सामने पुलिस प्रशासन के द्वारा किसानों को तहसील कार्यालय के परिसर के अंदर जाने से रोकने के दौरान गहमागहमी का माहौल देखा गया। सुरक्षा को लेकर चाक चौबंद व्यवस्था की गई थी। किसानों को किसी तरह तहसील परिसर के अंदर प्रवेश करने से रोका गया। किसानों ने कलेक्टर या एसडीएम को बुलवाने की बात कही, आनन-फानन में एसडीएम बैहर गुरूप्रसाद मौका स्थल पर पहुंचे। आश्वस्त करते हुए उनकी बात उच्चाधिकारियों तक पंहुचाने की बात कही। तब जाकर किसी तरह किसानो का गुस्सा शांत हुआ। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती नजर आई।
इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
आंदोलन में ओमप्रकाश पटेल, रामेश्वर कटरे, देवेन्द्र कटरे, दरबूसिंह उईके, अशोक मंडलेकर, दलसिंह पन्द्रे, जनपद अध्यक्ष सुशीला सरोते, टामेश्वर पटले, सुधीर कुमरे, योगेश शरणागत, रमेश पटले, नरेन्द्र पटले, शिशुपाल पटले, अशोक कटरे, डिगेन्द्र गौतम, अनिल गजावे, जयलाल क्षीरसागर, पंकज ठाकरे, विवेक पटले, विमल चौधरी, रतन राणा, तुलसीराम बघेल, रघुनाथ कुशले, नीलकंठ कुशले, गंगाराम बोम्परे, गणेश राहागडाले, झुम्मक गौतम, परमानंद पटेल सहित भारी संख्या में बैलगाडिय़ों सहित किसान उपस्थित रहे।

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