रिश्वत लेते डिप्टी रेंजर गोविंद वासनिक रंगेहाथ गिरफ्तार

चोरी के मामले में समझौता कराने मांगी थी रिश्वत, डिप्टी रेंजर पर एक अन्य युवक ने भी लगाया नौकरी के नाम पर रुपए लेने का आरोप

By: Bhaneshwar sakure

Published: 18 Sep 2021, 09:53 PM IST

बालाघाट. वारासिवनी थाने में दर्ज वनविभाग फेसिंग की चोरी मामले में समझौता कराने के नाम पर रमरमा निवासी राकेश बिसेन से 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए 18 सितंबर को लोकायुक्त पुलिस ने लामता प्रोजेक्ट परियोजना में पदस्थ डिप्टी रेंजर गोविंद वासनिक को नरोड़ी पंचायत के लुक्कुटोला में रंगेहाथ गिरफ्तार किया। जिसके बाद लोकायुक्त टीम आरोपी डिप्टी रेंजर को लेकर वारासिवनी रेस्ट हाउस पहुंची। जहां पुलिस ने डिप्टी रेंजर गोंविद वासनिक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत धारा 7, 13 और 1 बी के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है। जबलपुर लोकायुक्त पुलिस द्वारा यह कार्रवाई डीएसपी दिलीप झरवड़े के नेतृत्व में की गई। इस दौरान लोकायुक्त निरीक्षक स्वप्निल दास, भूपेन्द्र दीवान, आरक्षक जुबेद खान, सोनु चौकसे, विजय विष्ट और राकेश विश्वकर्मा मौजूद थे।
शिकायतकर्ता रमरमा निवासी राकेश बिसेन ने बताया कि वर्ष 2017 में खेत के पास वनविभाग के फेसिंग तार को काट दिया गया था। जिस पर वनविभाग द्वारा उसके खिलाफ फेसिंग चोरी का मामला वारासिवनी थाने में दर्ज कराया गया था। इस मामले में उसके द्वारा माफी भी मांगी गई थी। हाल ही में आयोजित नेशनल लोक अदालत में मामले को समझौता को लेकर नोटिस जारी हुए थे। जिसमें समझौता के नाम पर डिप्टी रेंजर गोंविद वासनिक द्वारा 10 हजार रुपए की मांग की गई थी। जिसकी शिकायत उसके द्वारा जबलपुर लोकायुक्त को की गई थी। शनिवार को डिप्टी रेंजर को 10 हजार रुपए लेते समय लोकायुक्त पुलिस ने गिरफ्तार किया। प्रार्थी राकेश बिसेन की मानें तो वर्ष 2017 में इसी मामले को रफा-दफा करने के लिए डिप्टी रेंजर द्वारा 80 हजार रुपए की मांग की गई थी। बताया जाता है कि प्रार्थी राकेश बिसेन ने 14 सितंबर को इसकी शिकायत फोन पर लोकायुक्त पुलिस को की थी। जिसके बाद वह 16 सितंबर को लोकायुक्त पुलिस से मिलने जबलपुर गए थे। जिनके साथ लोकायुक्त पुलिस का एक आरक्षक 17 सितंबर को वारासिवनी पहुंचा और इस दौरान आरक्षक ने प्रार्थी और डिप्टी रेंजर के बीच रिश्वत की रकम के लेने को लेकर हुई मोबाइल चर्चा को रिकॉर्ड किया था।
इधर, रेस्ट हाउस में जहां जबलपुर लोकायुक्त पुलिस रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किए गए डिप्टी रेंजर के खिलाफ कार्रवाई कर रही थी, उसी दौरान ही एक अन्य रमरमा निवासी युवक सुरेन्द्र पटले भी वहां पहुंचा। जहां मीडिया से चर्चा करते हुए उसने डिप्टी रेंजर गोविंद वासनिक पर नौकरी के नाम पर डेढ़ लाख रुपए लेने का आरोप लगाया। युवक ने बताया कि उसके अलावा और भी युवाओं से डिप्टी रेंजर ने नौकरी लगाने के नाम पर राशि ली है, लेकिन न उसेे और न ही किसी अन्य युवा को नौकरी लगी और न ही ली गई राशि डिप्टी रेंजर वापस कर रहे है।
इनका कहना है
रमरमा निवासी राकेश बिसेन की शिकायत पर 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए डिप्टी रेंजर गोविंद वासनिक को पकड़ा गया है। जिनके द्वारा वारासिवनी थाने में दर्ज चोरी मामले में नेशनल लोक अदालत में समझौता करवाने के नाम पर राशि की मांग की गई थी। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया हैं।
-दिलीप झरवड़े, डीएसपीए लोकायुक्त जबलपुर

Bhaneshwar sakure
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