scriptDilapidated school building, lives of children, teachers at stake | जर्जर हुई शाला की इमारत, दांव पर बच्चों, शिक्षकों का जीवन | Patrika News

जर्जर हुई शाला की इमारत, दांव पर बच्चों, शिक्षकों का जीवन

locationबालाघाटPublished: Nov 14, 2022 10:41:58 pm

Submitted by:

Bhaneshwar sakure

हर समय सताते रहता है हादसा होने का डर
शिकायत के बाद भी किसी ने नहीं ली सुध
एकीकृत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मिरगपुर का मामला

जर्जर हुई शाला की इमारत, दांव पर बच्चों, शिक्षकों का जीवन
जर्जर हुई शाला की इमारत, दांव पर बच्चों, शिक्षकों का जीवन
बालाघाट/नांदी. स्कूल की जर्जर इमारत और दांव पर सैकड़ों बच्चों, शिक्षकों का जीवन। हर समय हादसे का डर। शाला प्रबंधन ने भवन के खराब हालत की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी है। लेकिन आज तक किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। समस्या जस की तस बनी हुई है। मामला कटंगी विधानसभा क्षेत्र के एकीकृत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मिरगपुर का है।
जानकारी अनुसार विकासखंड खैरलांजी और कटंगी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मिरगपुर में वर्ष 2008 में एकीकृत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का निर्माण किया गया था। जब इस इमारत का निर्माण चल रहा था, तभी इसको लेकर विवाद होने लगे थे। बताया जा रहा है कि पंचायत निर्माण एंजेसी के काम से संतुष्ट नहीं थी। वह लगातार आपत्ति जता रही थी। अधिकारियों ने सब कुछ लीपापोती कर निर्माण पूर्ण करवा लिया। इमारत को स्कूल शिक्षा विभाग को सौंप दिया। शुरूआत के चंद सालों तक तो इमारत की चमक देखते ही बनती थी। लेकिन धीरे-धीरे पूरी इमारत बिखरने लगी है। आज इमारत में कोई भी जगह ऐसी नहीं बची जहां से लोहे की सलाखें और दरारें नहीं दिख रही है। बच्चे बताते हैं कि कक्षा में बैठकर अध्ययन करते वक्त हादसा होने का डर बना रहता है।
अधिकारियों को बताई गई समस्या
शाला के प्रभारी प्राचार्य ने बताया कि इस वर्ष बारिश के दिनों में दो दिन तक स्कुल बंद रखना पड़ा था। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर कलेक्टर को स्थिति से अवगत करा दिया गया है। अधिकारियों को जानकारी होने के बावजूद इमारत के निर्माण की सुध नहीं ली गई। जिसके कारण समस्या जस की तस बनी हुई है।
कभी भी हो सकता है हादसा
जर्जर शाला भवन के चलते कभी भी हादसा हो सकता है। मौजूदा समय में शाला भवन की छत से प्लास्टर गिरने लगा है। जगह-जगह सलाखें दिख रही है। बारिश के दिनों पानी का रिसाव होता है। जिसके कारण छात्रों की जान हलक पर अटकी रहती है। यह समस्या काफी दिनों से बनी हुई है। लेकिन इसका निराकरण नहीं हो पाया है।
इनका कहना है
हमने अनेक बार स्कूल की मरम्मत करवाई है। शाला भवन की जर्जर स्थिति के बारे में कलेक्टर, डीईओ को भी पत्र लिखा गया है। वर्तमान समय में शाला भवन की हालत काफी खराब है।
-एसआर बिसेन, प्रभारी प्राचार्य, शाउमावि, मिरगपुर
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