scriptDo not make contaminated drinking water anywhere | कहीं बीमार न कर दे दूषित पेयजल | Patrika News

कहीं बीमार न कर दे दूषित पेयजल

शुद्धीकरण की खाना पूर्ती कर सप्लाई किया जा रहा पेजयल
पीलिया, पेटदर्द सहित अन्य बीमारियों के बढ़ रहे मरीज
लैब है पर टेक्नेशियन नहीं
बिना मापदंड के सप्लाई होता है पेजयल

बालाघाट

Published: May 06, 2022 03:45:36 pm

मुकेश यादव
इंट्रो- यदि आप नगर पालिका के नलों के पानी का सीधा सेवन कर रहे हैं तो सावधान! ये पानी आपको बीमार कर सकता है? पत्रिका ने नपा के फिल्टर प्लांट से सप्लाई किए जा रहे पेयजल की हकीकत जानी। यहां वर्षो पुरानी पद्धती से पानी की शुद्धता की जांच किए बगैर नगरवासियों को पानी सप्लाई किया जा रहा है।
कहीं बीमार न कर दे दूषित पेयजल
कहीं बीमार न कर दे दूषित पेयजल
https://fb.watch/cQHFMAN-De/
बालाघाट. शहर की नगर पालिका परिषद लंबे अर्से से जो फिल्टर युक्त पानी देने का दावा कर रही है, वह बेईमानी से कम नहीं है। यहां पुरानी पद्धति से पानी सप्लाई किया जा रहा है। ऐसे में पानी की गुणवत्ता खराब हो इससे इंकार नहीं किया जा सकता। नपा 50-60 साल पहले स्थापित फिल्टर प्लांट से पानी का बिना लैब परीक्षण किए लोगों को सप्लाई किया जा रहा है। हॉलाकि यहां के जिम्मेदार पीएचई की लैब से शुद्धता की जांच किए जाने की बात कह रहे हंै। लेकिन पानी की सफाई का काम ऐसे लोगों को दिया गया है, जो कि विशेषज्ञ नहीं हैं। प्लांट में भारत सरकार के सीपीएचईईओ मई 1999 वाटर सप्लाई एण्ड ट्रीटमेंट प्लांट द्वारा स्वीकृत गाइड लाइन के अनुसार पेयजल सप्लाई नहीं की जा रही है।
ऐसे सप्लाई किया जा रहा पानी
पत्रिका ने नपा के नए और पुराने दोनों फिल्टर प्लांटों में पहुंचकर स्थिति जानी। इस दौरान प्लांट के कर्मचारी ने फिल्टर प्लांट घुमाते हुए स्थिति दिखाई। सर्वप्रथम वैनगंगा नदी में लगी इंटकवेल से पानी सीधे फिल्टर वाटर टैंक में आता है, जो प्लांट में बने नालों से होता हुए फाक्सीलेटर टंकी में जाता है। यहां एलम की बट्टी व ब्लीचिंग पाउडर की टंकी बनी हुई है, जिसमें करीब एक से डेढ इंच के से ब्लीचिंग पाउडर युक्त पानी हजारों गैलन पानी में शुद्धीकरण के नाम पर मिलाया जा रहा था। इसके बाद पानी रोटल टैंक और फिल्टर टैंक से होकर सीधा शहर की पानी टंकियों में सप्लाई किए जाने की बात कर्मचारी ने बताई। यहां प्लांट में हजारों गैलन पानी में मिलाए जा रहे ब्लीचिंग पाउडर व एलम की मात्रा भी नाकाफी दिखाई दी।
नहीं है लैब कर्मचारी
नियमानुसार फिल्टर प्लांट का पानी सप्लाई होने से पहले उसे लैब में चैक होना चाहिए, लेकिन यहां पर ऐसा नहीं हो रहा। पुराने दोनों प्लांट की लैब कबाड़ व बंद है। वहीं नए प्लांट में भी लैब टेस्टिंग के लिए विशेषज्ञ कर्मचारी नहीं है। पीएचई की लैब में भी पानी नियमिति जांच के लिए नहीं भेजा जा रहा है।
प्रदाय हो रहा मटमैला पानी
जानकारी के अनुसार वर्तमान में नपा ने छोटे पुलिया पर गेट बंद कर पानी रोक दिया गया है। ऐसे में पानी का बहाव नहीं हो रहा है और वैनगंगा नदी के ठहरे हुए पानी को प्लांट के माध्यम से प्रदाय किया जा रहा है। ऐसे में खासकर शहर के वार्ड दो और भटेरा रोड में मटमैला पानी सप्लाई की शिकायतें भी प्राप्त हो रही है। नपा के पानी को लोग बर्तनों में भर रहे हैं, तो बर्तन की सतह में कंदला कीचडऩुमा गादा जम रहा है।
हो सकता है नुकसान
विशेषज्ञों की माने तो तय गाइड लाइन के अनुसार फ्लोराईड 1.0 मिग्रा पानी में होने पर नुकसानदायक नहीं है, लेकिन यदि इसकी मात्रा 1.5 हो जाए तो फ्लोरोसिस बीमारी पनप सकती है। वहीं आर्सेनिक की मात्रा 0.01 से 0.05 होने पर शरीर में काले धब्बे, तलवों में कड़ापन और मानसिक बीमारी घेर सकती है। पानी में मटमैला पन से डायरिया, टायफाइड और पीलिया जैसी बीमारी आसानी से शरीर में जगह बना लेती है। अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक प्रत्येक सप्ताह पीलिया और डायरियां के मरीज भर्ती हो रहे हैं। यह क्रम लगातार जारी है।
इनका कहना है।
दूषित खान पान से प्रभावित मरीज उपचार कराने पहुंच रहे हैं। मरीजों को दूषित खाद्य व पेय पदार्थो के सेवन से बचने की सलाह दी जा रही है। पानी में हानिकारक तत्व शरीर में कई गंभीर बीमार पैदा कर सकते हैं।
कपूर चंद डेहरे, चिकित्सक
पानी की जांच के लिए नए प्लांट में लैब है। हमारे द्वारा पीएचई की लैब से पानी की जांच करवाई जाती है। हालाकि कुछ समय से पानी की जांच नही करवाई जा सकी है। ब्लिचिंग पाउडर के अलावा भी प्लांट में कई जगह पानी का शुद्धीकरण किया जाता है।
भूषण गुरदे, प्लांट प्रभारी

ये है गाइडलाइन:-
तत्व स्वीकार अस्वीकार
फ्लोराइड 1.0 1.5
सल्फेट 200 400
आयरन 0.1 1.0
क्लोराईड 200 1000
टोटल हार्डनेस 200 600

नोट- एक लीटर में मिग्रा में
ये है स्थिति
1. एक शिफ्ट में 700 किलो फिटकरी
2. 24 घंटे में 100 किलों ब्लीचिंग पाऊडर
3. 0.7 गैलन पानी प्रतिदिन पानी की सप्लाई
4. लैब है प्रभारी नहीं
5. महिने दो महिने में एक बार ही पीएचई की लैब जाता है पानी।
नोट- प्लांट के कर्मचारियों से ली गई जानकारी अनुसार-

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

17 जनवरी 2023 तक 4 राशियों पर रहेगी 'शनि' की कृपा दृष्टि, जानें क्या मिलेगा लाभज्योतिष अनुसार घर में इस यंत्र को लगाने से व्यापार-नौकरी में जबरदस्त तरक्की मिलने की है मान्यतासूर्य-मंगल बैक-टू-बैक बदलेंगे राशि, जानें किन राशि वालों की होगी चांदी ही चांदीससुराल को स्वर्ग बनाकर रखती हैं इन 3 नाम वाली लड़कियां, मां लक्ष्मी का मानी जाती हैं रूपबंद हो गए 1, 2, 5 और 10 रुपए के सिक्के, लोग परेशान, अब क्या करें'दिलजले' के लिए अजय देवगन नहीं ये थे पहली पसंद, एक्टर ने दाढ़ी कटवाने की शर्त पर छोड़ी थी फिल्ममेष से मीन तक ये 4 राशियां होती हैं सबसे भाग्यशाली, जानें इनके बारे में खास बातेंरत्न ज्योतिष: इस लग्न या राशि के लोगों के लिए वरदान साबित होता है मोती रत्न, चमक उठती है किस्मत

बड़ी खबरें

BJP National Executive Office Bearers Meeting: कांग्रेस के बाद अब 20 मई को जयपुर में भाजपा की राष्ट्रीय बैठक, ये रहा पूरा कार्यक्रमTRAI के सिल्वर जुबली प्रोग्राम ने PM मोदी ने लॉन्च किया 5G टेस्ट बेड, बोले- इससे आएंगे सकारात्मक बदलावपूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिंदबरम के बेटे के घर पर CBI की रेड, कार्ति बोले- कितनी बार हुई छापेमारी, भूल चुका हूं गिनतीकुतुब मीनार और ताजमहल हिंदुओं को सौंपे भारत सरकार, कांग्रेस के एक नेता ने की है यह मांगकोर्ट में ज्ञानवापी सर्वे रिपोर्ट पेश होने में संशय, दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट में एक बजे सुनवाई, 11 बजे एडवोकेट कमिश्नर पहुंचेंगे जिला कोर्टहरियाणा: हरिद्वार में अस्थियां विसर्जित कर जयपुर लौट रहे 17 लोग हादसे के शिकार, पांच की मौत, 10 से ज्यादा घायलConstable Paper Leak: राजस्थान कांस्टेबल परीक्षा रद्द, आठ गिरफ्तार, 16 मई के पेपर पर भी लीक का सायाShivling In Gyanvapi: असदुद्दीन ओवैसी का अजीबोगरीब दावा, ज्ञानवापी में शिवलिंग नहीं, फव्वारा मिला
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.