टे्रन बंद होने से आर्थिक परेशानी का करना पड़ रहा सामना

राहगीरो ने टे्रन चालु करने की रेल मंत्री से की मांग

By: mukesh yadav

Published: 28 Feb 2021, 01:28 PM IST

बालाघाट. जिले सहित वरासिवनी नगर के लोग लंबे समय से गोंदिया, बालाघाट, वारासिवनी और कटंगी ट्रेन चालू होने कि रास्ता देख रहे हैं। लेकिन रेल्वे विभाग के द्वारा देश प्रदेश में एक्सप्रेस ट्रेन चालू कर दी गई है, लेकिन छोटे क्षेत्रो के लिए वर्तमान में भी ट्रेन चालू होना एक सपना बना हुआ है। इस कारण हजारों लोगों को भीषण परेशानी व आर्थिक खर्च अधिक करना पड़ रहा है। लोगों में आक्रोश है और लगातार प्रशासन से ट्रेन चालू करने के लिए मांग कर रहे हैं। गोंदिया बालाघाट वारासिवनी कटंगी मार्ग पर डेमो ट्रेन चलती थी, जो कोरोना काल के कारण लॉकडाउन में बंद करवा दी गई। इसके बाद सरकार के द्वारा धीरे धीरे लॉकडाउन खोला गया और एक एक कर सभी चीजों को प्रारंभ किया गया, उसमें प्रशासन के द्वारा ट्रेनों को भी अनुमति दी गई। लेकिन वर्तमान में एक्सप्रेस ट्रेन हीं चलाई जा रही है, डेमो मेमो सहित लोकल ट्रेन वर्तमान में बंद है। इस कारण छोटे-छोटे शहरों के लोगों को दिक्कत हो रही है। वहीं लोगों के साथ सबसे ज्यादा दिक्कत महाविद्यालय में शिक्षा अध्ययन करने वाले ग्रामीण क्षेत्रों से आने जाने वाले विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बालाघाट जिला महाराष्ट्र से लगा हुआ है। इसका बाजार महाराष्ट्र के महानगरों के कारण चलता है। ट्रेन चालू ना होने के कारण लोगों को बाय रोड ट्रांसपोर्टेशन करना पड़ रहा है, इस कारण महंगाई की मार झेल रहे है। वहीं नगर के लोगों को रोजाना जिला मुख्यालय और गोंदिया महाराष्ट्र जाना होता है, जिसके लिए वे प्राइवेट वाहन या स्वयं के वाहन पर निर्भर है ऐसे में उन्हें रोजाना २०० से ३०० रुपए खर्च करना पड़ रहा है, जो ट्रेन से आने जाने का १० गुना है क्योंकि ट्रेन जब चालू थी तो वही व्यक्ति बालाघाट और गोंदिया ३० रुपए में आना जाना कर लेता था जो परेशानी का विषय बना हुआ है। बालाघाट पीजी कॉलेज के बाद वारासिवनी एसएसपी महाविद्यालय क्षेत्र में एक बड़ा महाविद्यालय है जहां पर वारासिवनी खैरलांजी तिरोड़ी कटंगी के विद्यार्थी शिक्षा अध्ययन करने आते हैं। कटंगी तिरोड़ी मार्ग के सैकड़ों छात्र-छात्राएं रोजाना वारासिवनी शासकीय महाविद्यालय और निजी विद्यालयों में शिक्षा अध्ययन करने के लिए ट्रेन से आना जाना करते थे और यह विद्यार्थी वह है जिनकी आर्थिक स्थिति खेती किसानी पर निर्भर है। जिनके लिए ट्रेन एक मात्र सस्ता साधन था, वह २० रुपए में वारासिवनी आकर घर चले जाते थे। लेकिन वर्तमान में उन्हें प्राइवेट बस में सफ र करना पड़ रहा है। इस कारण उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। और इस आर्थिक बोझ के कारण कई विद्यार्थी रोजाना महाविद्यालय आने में असमर्थ नजर आ रहे हैं। जिससे उनको पढ़ाई करने में दिक्कत हो रही है। ऐसे में उन्होंने शासन से जल्द ट्रेन प्रारंभ करवाने की मांग की है।
वर्सन
ट्रेन बंद होने से विभिन्न प्रकार की समस्याएं हो रही है। पेट्रोल के दाम बढ़ते जा रहे हैं, बालाघाट, गोंदिया का आना जाना ३० रुपए में हो जाता था। वहां पर २०० रुपए लग रहा है। शासन से मांग है कि वह जल्द से जल्द ट्रेन चालू करें या पेट्रोल का दाम सस्ता करें।
अंकित पंचेश्वर, स्थानीय नागरिक

ट्रेन के बंद होने से व्यापार पर बहुत असर पड़ता है। हमारे क्षेत्र में बहुत अधिक किसान ट्रेन से ५ रुपए में वारासिवनी आकर अपनी जरूरत की वस्तुएं खरीद सकते थे। लेकिन अब उन्हें वही काम करने ५० रुपए खर्च करना पड़ रहा है। ट्रेन चालू होने की रास्ता देख रहे हैं। गांव का व्यक्ति पेट्रोल डीजल के रेट बढने से शहर आना नहीं चाहता यदि ट्रेन चालू हो जाती है तो हमारा व्यापार भी चालू हो जाएगा।
जुगलकिशोर खंडेलवाल, व्यापारी संघ अध्यक्ष

गोंदिया, बालाघाट, वारासिवनी, कटंगी ट्रेन चालू करने को लेकर शासन के द्वारा किसी प्रकार की गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। आशा की जा रही है कि निकट भविष्य में ट्रेन चालू की जाएगीद्ध वर्तमान में रिजर्वेशन करने का काम किया जा रहा है।
निलेश पटले, स्टेशन मास्टर वारासिवनी

mukesh yadav Reporting
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