कहीं नाली खोदी तो कहीं पेड़ की शाखाएं डालकर रास्ता किया जाम

ग्रामीणों ने बिठली गांव के रास्ते को चारों तरफ से किया बंद, गांव में न तो कोई आएगा और न ही बाहर जाएगा, पहरेदारी में लगे ग्रामीण

By: Bhaneshwar sakure

Published: 05 May 2020, 07:50 PM IST

बालाघाट. न तो कोई गांव में आएगा और न ही कोई बाहर जाएगा। ग्रामीणों ने कहीं नाली खोदी तो कहीं पेड़ की शाखाओं को डालकर रास्ता किया जाम। इतना ही नहीं, ग्रामीण स्वयं भी बंद किए गए रास्तों पर रखवाली भी कर रहे हैं। कुछ इस तरह की तस्वीर बिरसा तहसील के बिठली गांव की सामने आई है। दरअसल, छग राज्य के कवर्धा जिले में कोरोना के ६ पॉजीटिव मरीज पाए जाने के बाद से न केवल प्रशासन सतर्क है। बल्कि ग्रामीण भी अपनी जागरुकता का परिचय दे रहे हैं। ४ मई की शाम को ही कलेक्टर, एसपी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने गांव पहुंचकर उसे सील करने और ग्रामीणों की जांच की थी। वहीं सभी ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी थी। इसके बाद से ग्रामीण अपनी जागरुकता का परिचय दे रहे है।
जानकारी के अनुसार छग राज्य का कवर्धा जिला बालाघाट जिले की सीमा से लगा हुआ है। जो मरीज कोरोना पॉजीटिव पाए गए हैं, उनमें से दो लोगों ने बालाघाट जिले से ही आवागमन किया था। जिसके चलते प्रशासन ने उनकी ट्रैवल हिस्ट्री निकालकर सभी संबंधितों की जांच की है। ताकि बालाघाट में इसका असर न हो। हालांकि, अभी तक की प्रारंभिक जांच में बालाघाट जिले में उस समय मौजूद अधिकारी-कर्मचारी और उनके साथ रहे ग्रामीणों में किसी भी तरह के लक्ष्य नहीं पाए गए हैं।
प्रशासन ने निकाली ट्रैवल हिस्ट्री
छग राज्य के कवर्धा जिले के कोरोना पॉजीटिव दो मरीजों की प्रशासन ने ट्रैवल हिस्ट्री भी निकाल ली है। कवर्धा जिले में पाए गए 6 कोरोना पॉजीटिव मरीजों में से से दो व्यक्ति बालाघाट जिले के मोवाड़ बॉर्डर से प्रवेश किए थे। इन दोनों व्यक्तियों में एक महिला है और 8 से 10 साल का एक बच्चा शामिल है। ये दोनों 16 अप्रैल को रात्रि 8 बजे मोवाड़ बॉर्डर पर पहुंचे थे। इन लोगों ने बताया था कि वे हैदराबाद से पैदल चलकर मोवाड़ पहुंचे हैं और उन्हें 4 दिन मोवाड़ पहुंचने में लगे हैं। यानि वे 12 अप्रैल को हैदराबाद से रवाना हुए थे। महिला और बच्चे को मोवाड़ बार्डर के क्वॉरंटाइन सेंटर में 17 अप्रैल को भी रोके रखा गया था और 18 अप्रैल को सुबह 11 बजे बस से सालेटेकरी पहुंचाया गया था। ये दोनों मोवाड़ के जिस क्वॉरंटाइन सेंटर में रखे गए थे वहां पर 50 अन्य लोग भी ठहरे हुए थे, इनमें से 25 किरनापुर क्षेत्र के और 25 बिरसा क्षेत्र के थे। इन सभी 50 व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच कर ली गई है और वे सभी स्वस्थ पाए गए हैं। मोवाड़ बॉर्डर पर आने वाले यात्रियों की जांच के लिए पुलिस के जवानों सहित 15 से 16 कर्मचारी मौजूद थे। इन सभी लोगों की स्वास्थ्य जांच पूरी कर ली गई है और वे सभी स्वस्थ्य पाए गए हैं। कोरोना संक्रमण के लक्षण 7 से 14 दिनों में दिखाई देने लगते हैं। ये दोनों 12 अप्रैल को हैदराबाद से रवाना हुए थे और 3 मई की रिपोर्ट में पॉजीटिव पाए गए हैं।

Bhaneshwar sakure Bureau Incharge
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