scriptEncroachment-चंदन नदी में बनाए हैं पक्के कुएं, मिट्टी का होता है कटाव | E- Wells have been built in the sandalwood river, causing soil erosion | Patrika News
बालाघाट

Encroachment-चंदन नदी में बनाए हैं पक्के कुएं, मिट्टी का होता है कटाव

चंदन नदी में जगह-जगह पक्के कुओं का निर्माण किया गया है। इन कुओं के कारण बारिश के दिनों में नदी के दोनों छोर पर मिट्टी का कटाव हो रहा है। जिससे भूमि स्वामी के किसानों के खेतों का नुकसान हो रहा है। मिट्टी कटाव के कारण कृषि भूमि का रकबा दिनोंदिन कम होते जा रहा […]

बालाघाटJun 14, 2024 / 09:40 pm

Bhaneshwar sakure

नदी में बनाए हैं पक्के कुएं

नदी में बनाया गया कुआं, पास में डंप रेत।

चंदन नदी में जगह-जगह पक्के कुओं का निर्माण किया गया है। इन कुओं के कारण बारिश के दिनों में नदी के दोनों छोर पर मिट्टी का कटाव हो रहा है। जिससे भूमि स्वामी के किसानों के खेतों का नुकसान हो रहा है। मिट्टी कटाव के कारण कृषि भूमि का रकबा दिनोंदिन कम होते जा रहा है।
बालाघाट. चंदन नदी में जगह-जगह पक्के कुओं का निर्माण किया गया है। इन कुओं के कारण बारिश के दिनों में नदी के दोनों छोर पर मिट्टी का कटाव हो रहा है। जिससे भूमि स्वामी के किसानों के खेतों का नुकसान हो रहा है। मिट्टी कटाव के कारण कृषि भूमि का रकबा दिनोंदिन कम होते जा रहा है। नदी में बनाए गए कुएं और अतिक्रमण को हटाए जाने के लिए ग्राम पंचायत सांवगी ने कटंगी एसडीएम को पत्र भी लिखा है। लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार कटंगी क्षेत्र में चंदन नदी में अतिक्रमण करने के साथ-साथ लोगों ने पक्के कुओं का भी निर्माण किया है। बारिश के दिनों नदी का पानी इन कुओं के रिंग से टकराता है। जो नदी के दोनों छोर के ओर कि मिट्टी का कटाव करता है। जिसके कारण किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। यह समस्या काफी वर्षों से बनी हुई है। लेकिन इसका निराकरण अभी तक नहीं किया गया है। उल्लेखनीय है कि एक ओर सरकार जल स्रोतों को बचाने के लिए अभियान चला रही है। वहीं दूसरी ओर कटंगी क्षेत्र की जीवनदायिनी चंदन नदी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है।
सिंचाई के लिए बनाए गए हैं कुएं
चंदन नदी में बड़ी संख्या में लोगों ने सिंचाई के लिए कुएं का निर्माण कराया है। भले ही यह किसानों के लिए सुविधाजनक है, लेकिन नदी के मूल स्वरुप से छेड़छाड़ भी हो रहा है। वहीं दूसरे किसानों को इसका नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
खेती का रकबा हो रहा है कम
चंदन नदी में मिट्टी के कटाव के कारण खेती का रकबा भी कम हो रहा है। दरअसल, नदी के मुहाने बड़ी संख्या में भूमि स्वामी किसान है। बारिश के दिनों में इन किसानों की भूमि पानी के तेज बहाव के कारण कटते जा रही है। जिससे संबंधित किसानों का रकबा कम होते जा रहा है। पूर्व में ऐसे किसानों ने नदी से अतिक्रमण हटाए जाने की भी मांग की थी। लेकिन इसे न तो जनप्रतिनिधियों और न ही प्रशासनिक अधिकारियों ने गंभीरता से लिया था। जिसके कारण समस्या जस की तस बनी हुई है।
हर बारिश में होता है मिट्टी का कटाव
नदी से नाला बनी चंदन नदी में प्रति वर्ष बारिश के दिनों में मिट्टी कटाव का दायरा बढ़ते जाता है। दरअसल, पानी के तेज बहाव और कम जगह की वजह से यह समस्या उत्पन्न होती है। बारिश के दिनों में पानी का प्रवाह काफी तेज होता है जो अपना रास्ता बनाते हुए आगे निकल जाता है। इससे भूमि स्वामी के किसानों को नुकसान होता है।
ग्राम पंचायत सांवगी ने अतिक्रमण हटाने एसडीएम को लिखा पत्र
ग्राम पंचायत सांवगी ने चंदन नदी में हुए अतिक्रमण और नदी में बनाए गए कुओं को हटाने की मांग की है। ग्राम पंचायत की ओर से कटंगी एसडीएम को पत्र भी लिखा गया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत सांवगी में गंगामाई स्थल से शांतिधाम पहुंच मार्ग के किनारे नदी है। नदी में नंदलेसरा के किसानों ने कुआं खोदा है। कुआं की रेत और मिट्टी को नदी में ही डंप किया जा रहा है। कुएं में सीमेंट कांक्रीट के रिंग ढाले जा रहे हैं। जिससे नदी के पानी का बहाव अवरुद्ध होगा। यही पानी सडक़ और किसानों की भूमि का कटाव कर रहा है। सडक़ पहले करीब 20 फीट चौड़ी थी, जो अब मिट्टी कटाव के कारण करीब 6-7 फीट की हो गई है। इस तरह से नदी के अस्तित्व से छेड़छाड़ करने से प्राकृतिक रुप से काफी नुकसान हो रहा है। ग्राम पंचायत ने मांग की है कि इस मामले में संबंधितों पर कार्रवाई भी की जाए।

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