घर में बिजली लगी नहीं पहुंच गया बिल

बिल जमा कराने के लिए अधिकारी डाल रहे ग्रामीणों पर दबाव

By: mukesh yadav

Published: 04 Jan 2018, 06:59 PM IST

बालाघाट. कटंगी मुख्यालय से महज 4 किमी. दूर उजाड़बोपली में ग्रामीणों के यहां बिजली आने से पहले ही बिजली बिल आने लगे हैं। जिससे ग्रामीणों में तनाव का माहौल है। ग्रामीणों की माने तो उनके घर में मीटर व लाइट लगी नहीं, लेकिन बिल पहले आ गया है। वहीं जब वह इस बात की शिकायत करने के लिए विद्युत कार्यालय जा रहे हैं। तो बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी ग्रामीणों को डरा कर जबरन बिल जमा कराने का दबाव बना रहे हैं। जानकारी अनुसार इन लोगों ने पंचायत में घर में बिजली कनेक्शन शुरू कराने के लिए आवेदन किया था। लेकिन अब तक उनके घरों में मीटर नहीं लगा और पहले ही बिजली बिल आने शुरू हो चुके हैं। बता दें कि यह अकेले एक गांव का नहीं बल्कि प्रखंड के अंतर्गत आने वाले दर्जनों गांवों का है।
जनपद पंचायत सदस्य राजेश ठाकरे ने बताया कि उजाड़बोपली के सेवकराम गौतम तथा चंपालाल मानेश्वर को 9-9 सौ रुपए का बिल भेजा गया है। वहीं आज जब यह अधिकारी के पास इसकी शिकायत करने के लिए पहुंचे तो उन्हें डरा दिया गया। इन उपभोक्ताओं का कहना है कि सभी गरीब है। उपर से बिना बिजली जलाए ही बिल भुगतान को कहा जा रहा है। इसलिए चिंता है कि कहां से ये पैसा से भरें। वह बताते हैं कि इसके लिए विद्युत कार्यालय में न्याय की गुहार लगाने गए थे। वहीं पर अधिकारी उनकी शिकायत सुनने की बजाए बिजली बिल जमा कराने के लिए कहने लगे।

समता सैनिक दल ने मनाया शौर्य दिवस
बालाघाट. भीमा-कोरेगांव की लड़ाई को 200 साल पूरे होने पर समता सैनिक दल तहसील शाखा कटंगी एवं तिरोड़ी के संयुक्त तत्वाधान में शौर्य दिवस मनाया गया। इस अवसर पर स्थानीय बस स्टेंड स्थित अंबेडकर विहार तथा बुद्ध अम्बेडकर मिशन प्रचार कंेद्र सीताखोह में महार सैनिकों की शहादत को याद करते हुए श्रृद्धाजंलि देने के लिए शौर्य दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम जिला अध्यक्ष प्रदीप उके की अध्यक्षता, अधिवक्ता संजय खोब्रागड़े के मुख्य आतिथ्य व रमेश गेडाम, सुरेंद्र गजभिए, डीडी मेश्राम, डीडी गजभिए, रामचन्द्र मेश्राम, किरण खोब्रागड़े, वीपी भालधरे के विशेष अतिथ्य में आयोजित हुआ था। सीताखोह में समता सैनिक दल के नेतृत्व में समता रैली निकालकर तथागत बुद्ध व डॉ बाबा साहब अम्बेडकर मूर्ति के समक्ष बुद्ध वंदना सम्पन्न कर ध्वज को सलामी दी गई।
संगठित रहने की दी नसीहत
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि संजय खोब्रागढ़े ने कहा कि जिस समाज का नेतृत्व असंगठित रहता है उस अत्याचार होता है। इसलिए संगठित रहे। वहीं प्रदीप उके ने कहा कि 200 साल पहले अंग्रेजों की तरफ से महारों ने पेशवा सेना से युद्ध किया था। इस युद्ध में हताहत हुए महार सैनिकों के सम्मान में एक विजय स्तंभ बनाया गया है। इस युद्ध के 200 साल पूरे हो गए हैं।

mukesh yadav Reporting
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