मांगों को लेकर बेमियादी हड़ताल, धान खरीदी बंद

बालाघाट. धान खरीदी केन्द्रों के जिले भर के सोसायटी समिति कर्मचारियों ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर जिला मुख्यालय में बेमियादी हड़ताल

By: mahesh doune

Updated: 06 Jan 2020, 05:17 PM IST

Balaghat, Balaghat, Madhya Pradesh, India

बालाघाट. धान खरीदी केन्द्रों के जिले भर के सोसायटी समिति कर्मचारियों ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर जिला मुख्यालय में बेमियादी हड़ताल प्रारंभ कर दी। सोसाययटी समिति के कर्मचारियों ने सहकारी केन्द्रीय बैंक परिसर में धान का परिवहन नहीं होने से धान खरीदी नहीं करने को लेकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि जब तक लिखित में मांग पूरी नहीं की जाती तब तक हड़ताल जारी रहेगी। सोसायटी कर्मचारियों का कहना है कि इस वर्ष ४ जनवरी से धान की खरीदी प्रारंभ की गई है। लेकिन अब तक खरीदी केन्द्रों से धान का परिवहन नहीं हुआ है। गत दिनों हुई झमाझम बारिश से धान भीग गई है। जिससे किसान व सोसायटी कर्मचारी काफी परेशान है।
इस संबंध में मध्यप्रदेश सहकारी कर्मचारी महासंघ जिलाध्यक्ष पीसी चौहान ने बताया कि अब तक ३०-३५ प्रतिशत धान खरीदी हुई है। अभी ६० प्रतिशत से अधिक धान खरीदी होना है शासन की २० तारीख करीब आ रही है। बारिश के कारण धान की दो लेर खराब हो गई है। लेकिन विपणन अधिकारी अर्पित तिवारी ने फरमान जारी किया है। समिति में जो उपार्जित धान है परिवहन होते तक उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी समिति, समिति उपार्जन प्रभारी व प्रबंधक की होगी। जो न्याय संगत नहीं है हम इसकी घोर निंदा करते है। कलेक्टर ने बार बार बैठक में हमें आश्वस्त कराया था कि डीएमओ तीन दिन के भीतर धान नहीं उठाते तो स्वीकृति पत्रक दे देंगे किसानों को भुगतान हो जाएंगा। हमने सुझाव स्वीकार कर काम प्रारंभ कर दिया। अब तक धान परिवहन नहीं हुआ है। धान से भरा बारदाना भीग गया है। उन्होंने कहा कि तीन सूत्रीय मांगों को लेकर हमने ३ जनवरी से बेमियादी हड़ताल प्रांरभ कर दिया है।
ये है मांगें
कर्मचारियों ने मांगों के संबंध में बताया कि सहकारी समितियों मेें पदस्थ समस्त कर्मचारियों को राज्य शासन के कर्मचारियों की तरह वेतन व अन्य सुविधाओं के आदेश किए जाए। आयुक्त द्वारा जारी कैडर में बैंक में ६० प्रतिशत की जगह १०० प्रतिशत संस्था कर्मचारियों से पदोन्नति एवं क्रमोन्नति द्वारा भरेे जाने के आदेश जारी किया जाए। ईपीडीएस वितरण में सर्वर एवं फिंगर न मिलने की दशा में पात्र हितग्राही वंचित होने पर भूख से मृत होने की दशा में शासन प्रशासन की जिम्मेदारी होगी। ऐसे हितग्राहियों को राशन वितरण की विक्रेताओं को अन्य व्यवस्था से वितरण के आदेश जारी किया जाए।

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned