रबी फसल को छोड़ चना व उतेरा फसलों में ध्यान दें किसान

कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता ने रावे छात्रों के साथ कोस्ते एवं कटंगी का किया भ्रमण

By: mukesh yadav

Published: 20 Jul 2018, 01:15 PM IST

बालाघाट. कृषि विज्ञान कंेद्र बडग़ांव बालाघाट में कृषि महाविद्यालय वारासिवनी बालाघाट के अधिष्ठाता डॉ व्हीबी उपाध्याय एवं टीम ने रावे छात्रों के साथ कृषि तकनीकी हस्तांतरण एवं रावे कार्यक्रम स्वछता जागरुकता मिशन आदि विषयों पर चर्चा की एवं रावे छात्रों को अंगीकृत गांव ग्राम कोस्ते एवं कटंगी का भ्रमण कर किसानों से सवांद स्थापित किया। इस दौरान उनकी टीम में सहायक प्राध्यापक डॉ ऋषिकेश ठाकुर, डॉ एसके राय एवं कंेद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ आरएल राउत, रावे इन चार्ज डॉ एसआर धुवारे, डॉ एसके जाटव, डॉ आरपी अहिरवार, डॉ बीके प्रजापति आदि शामिल रहे।
चर्चा के दौरान रावे छात्रों को रबी में धान की फसल को लेने के लिए किसानों को मना करने को कहा एवं उसके स्थान पर चना व उतेरा फसलो की ओर ध्यान केन्द्रित करने कहा गया। जिसमें अलसी, बरसीम, तिवड़ा आदि फसलो को लेने किसानों को प्रोत्साहित करने कहा गया। इसके बाद बीजो को बीजोपचार करने, नियमित समय पर बुवाई करने तथा उनमें लगने वाली बीमारियों एवम कीट व्याधियों से फसलों की रक्षा करने के उपायों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
मिट्टी परीक्षण करने की सलाह
डॉ उपाध्याय ने खरीफ में अरहर की किस्म टीजेटी 501 को लगाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के साथ ही किसानों को मिट्टी परीक्षण करवाने की सलाह दी। जिससे किसान को अपनी मिट्टी के अंदर उपस्थित पोषक तत्वों की जानकारी प्राप्त हो सकें। इसके बाद डॉ राउत ने धान की श्री पद्धति के विषय में विस्तार पूर्वक रावे के छात्रों को जानकारी दी। डॉ एसआर धुवारे ने रावे छात्रों को गांव के सर्वे एवं गांव की भौगोलिक स्थिति के बारे में जानकारी एकत्रित करने एवं गाजर घास उन्मूलन के बारे में जानकारी प्रदान की। इसके बाद डॉ उपाध्याय ने कृषि विज्ञान केंद्र के प्रक्षेत्र का समस्त कृषि विज्ञान कंेद्र के वैज्ञानिकों के साथ भ्रमण किया तथा वहां पर लगी उन्नत चिन्नौर और उन्नत जीरा शंकर किस्मो का और प्रक्षेत्र के तालाब में मत्स्य बीज का निरीक्षण किया गया।

mukesh yadav Reporting
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