अपराधियों से डरें नहीं, करें सामना और दें माकूल जवाब

पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को दी कानून की जानकारी

By: Prashant Sahare

Published: 23 Dec 2016, 11:27 PM IST


बालाघाट. पत्रिका निर्भीक बचपन अभियान के तहत शुक्रवार को महात्मा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालाघाट में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में निरीक्षक और कंट्रोल रूम प्रभारी भुवन देशमुख, डायल-100 के प्रभारी एएसआई गोरेलाल बसेने, एएसआई जिनेन्द्र मिश्रा, आरक्षक गोपाल जादौन,  कन्हैया संचेती, महिला आरक्षक सुविता बघेल, निर्भया मोबाइल से मेघा टेकाम, भूमेश्वरी पंचेश्वर, संतोषी माहुले, जितेन्द्र चंदेल और रेडक्रॉस सोसायटी सदस्य डॉ. अंकित असाटी शामिल हुए। 
इस अवसर पर संस्था के प्राचार्य एसके वाजपेयी, शिक्षक आरिफ हैदरी, दुर्गा सौलखे, एमपी पांडे सहित अन्य मौजूद थे। शाला में पहुंचे पुलिस अधिकारियों और शाला के सभी स्टाफ ने पत्रिका के इस अभियान की सराहना भी की।
कार्यक्रम के दौरान निरीक्षक भुवन देशमुख ने निर्भया मोबाइल, डायल-100, बालकों का संरक्षण अधिनियम सहित कानून से जुड़ी अन्य जानकारियां दी। शासन द्वारा छात्राओं के लिए लागू किए गए कानून की भी जानकारी दी। 
निरीक्षक भुवन देशमुख ने बताया कि किसी भी प्रकार के अपराध को सहन करने से वह बढ़ता है। इस पर रोक लगाने के लिए संबंधित पर कार्रवाई होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि अपराध से जुड़ी किसी भी प्रकार की सूचना कंट्रोल रूम, कोतवाली, डायल-100 पर भी दी जा सकती है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से आह्वान किया कि किसी भी अपराधी या अपराध करने वाले से डरें नहीं, उसका निर्भीक होकर सामना करें और माकूल जवाब दें। जिससे अपराधियों के हौंसले पस्त हो सकें। 

सराहनीय पहल 
संस्था के प्राचार्य एसके वाजपेयी, शिक्षक दुर्गा सौलखे ने पत्रिका की इस पहल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को कानूनी जानकारी देने के लिए पुलिस अधिकारियों के साथ चलाई जा रही इस पहल से सभी को सीख लेना चाहिए। यह अभियान एक कार्यक्रम नहीं बल्कि प्रेरणादायी है। 

निर्भीक बनें विद्यार्थी
एएसआई जिनेन्द्र मिश्रा ने कहा कि छात्र जीवन में ही सब कुछ सीखने को मिलता है। छात्रों को अपने जीवन में निर्भीकता लाना आवश्यक है। जब तक निर्भीकता नहीं लाई जाएगी, तब तक किसी भी प्रकार के अपराध से मुकाबला नहीं किया जा सकता। 

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचेगी निर्भया
निर्भया मोबाइल प्रभारी ने बताया कि राह चलते यदि कोई भी युवक छींटाकशी या फिर फब्तियां कसता है तो उसकी सूचना या शिकायत तत्काल दे सकतें हैं। सूचना मिलते ही निर्भया मोबाइल मौके पर पहुंचेगी। 

विद्यार्थियों ने पूछे सवाल

सवाल. छात्रा रितु सुलाखे ने पूछा कि जब लड़के छींटाकशी करें और पास में मोबाइल न हो तो शिकायत कैसे करें। 
जवाब. इस परिस्थिति में पास में खड़े किसी भी पुलिसकर्मी या सहयोगियों से मोबाइल लेकर शिकायत की जा सकती है। या फिर तत्काल ही उसका जवाब उसे दे दें ताकि वह उस समय आगे कोई और हरकतें न कर सकें।

सवाल. छात्र मनीष साहू ने पूछा कि आप तो हमारी समस्या का समाधान कर देते हैं, लेकिन आप पर मुसीबतें आती है तो उसका समाधान कैसे करते हैं।
जवाब. इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों को घटना के संबंध में पूरी जानकारी दी जाती है। जिसके बाद अधिकारी ही समस्या का समाधान कर देते हैं।

सवाल. छात्रा अंजनी करोसिया ने पूछा कि किसी भी अपराध की सूचना पुलिस को कैसे दी जा सकती है।
जवाब. अपराध की सूचना तत्काल डायल 100, कंट्रोल रूम और छात्राओं या युवतियों से जुड़ी है तो निर्भया मोबाइल को सूचना दी जा सकती है। हर हाल में पुलिस समस्या का समाधान करेंगी।

सवाल. छात्रा शना अंजूम ने पूछा कि हिंसा से जुड़ी शिकायतें किसे करना चाहिए।
जवाब. किसी भी प्रकार की हिंसा की शिकायत या तो सबसे पहले अपने माता-पिता को दे सकते हैं। या फिर शिक्षक को। यदि इनसे सुनवाई न हो तो पुलिस से सहयोग ले सकते हैं। ऐसे मामले में किसी का भी नाम सार्वजनिक नहीं किया जाता है।

सवाल. छात्रा शुभांगी मातोड़कर ने कहा कि किसी अन्य स्थान पर हो रहे अपराध के बारे में कैसे पुलिस को सूचना दी जा सकती है।
जवाब. ऐसे अपराध के मामले में तत्काल डायल 100 को उसकी सूचना दी जा सकती है। जिसमें सूचना संबंधित थाना क्षेत्र में मिल जाएगी। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी।
Prashant Sahare
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