18 राइस मिल मालिकों, 9 कर्मचारी के खिलाफ दर्ज होगी एफआइआर

सरकार के आदेश पर कलेक्टर ने दिए निर्देश, कोरोना काल में अमानक चावल सप्लाई करने का मामला

By: Bhaneshwar sakure

Published: 03 Sep 2020, 10:47 PM IST

बालाघाट. अमानक चावल की सप्लाई मामले में सरकार के आदेश पर जिले के १८ राइस मिल के मालिकों और वेयर हाउस कारपोरेशन व नागरिक आपूर्ति निगम के 9 कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल एफआइआर दर्ज कराने के निर्देश दिए है। सरकार के आदेश पर बालाघाट कलेक्टर दीपक आर्य ने वारासिवनी, लालबर्रा, परसवाड़ा, बैहर के तहसीलदारों को राइस मिलर्स व संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराए जाने के निर्देश दिए है। इसके अलावा मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी बालाघाट के अधीक्षण अभियंता को अमानक स्तर का चावल प्रदाय करने वाली इन 18 राइस मिलों का बिजली कनेक्शन तत्काल काटने के निर्देश दिए हैं। इन दोनों ही मामलों में कलेक्टर दीपक आर्य ने कार्रवाई का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा है। विदित हो कि इस मामले में जिला आपूर्ति निगम बालाघाट के प्रबंधक आरके सोनी को निलंबित कर दिया है। जबकि संविदा आधार पर रखे गए दो क्वॉलिटी निरीक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई है। वहीं इस मामले में प्रशासन द्वारा जिले की सभी १८ राइस मिलों को सील करने की कार्रवाई कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार अमानक स्तर का चावल प्रदाय करने वाले संचेती राइस मिल वारासिवनी के मालिक गंभीर संचेती, मां दुर्गा राइस मिल वारासिवनी के मालिक भोजेश पारधी, लक्ष्मी राइस उद्योग वारासिवनी के मालिक हुलेश कटरे, संचेती सारटेक्स वारासिवनी के मालिक गौरव संचेती, श्री कुमार राइस मिल नैतरा के मालिक आनंद ठाकरे, आकाश इंडस्ट्रीज वारासिवनी के मालिक गगनदास सोमानी, तोलानी राइस मिल वारासिवनी के मालिक राकेश तोलानी, महालक्ष्मी राइस मिल खमरिया के मालिक खुमान सिंह बिसेन, श्री सिद्धिविनायक राइस मिल खमरिया के मालिक बालकृष्ण बिसेन, बाबा राइस मिल सांवगी के मालिक रविशंकर ठाकरे, बजरंग राइस मिल बैहर के मालिक हृदय शाय हिरवाने, अंबिका राइस मिल बैहर के मालिक राकेश अग्रवाल, सताक्षी राइस मिल बैहर के मालिक आकाश अग्रवाल, चैतन्य प्रसाद अग्रवाल राइस मिल बैहर की मालिक शशिकला अग्रवाल, श्री लक्ष्मी राइस मिल उकवा के मालिक मुकेश अग्रवाल, वीबी राइस मिल सीडब्ल्यूसी गर्रा की मालिक बरखा रानी नाग, मां दुर्गा राइस इंडस्ट्रीज सीडब्ल्यूसी गर्रा के मालिक लालचंद धनवानी और गीता ट्रेडर्स सीडब्ल्यूसी गर्रा के मालिक दीपक धनवानी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए है।
इसी तरह अमानक स्तर का चावल प्रदाय करने के लिए जिम्मेदार नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक आरके सोनी, क्वॉलिटी निरीक्षक (तत्कालीन) नागेश उपाध्याय, क्लॉलिटी निरीक्षक मुकेश कनहेरिया, सीडब्ल्यूसी गर्रा के क्वॉलिटी निरीक्षक राकेश सेन, एसएल द्विवेदी, बैहर के क्वॉलिटी निरीक्षक लोचन सिंह टेंभरे, सीडब्लयूसी गर्रा के शाखा प्रबंधक विपिन बिसेन, श्वेता वेयर हाउस नेवरगांव के शाखा प्रबंधक उदय सिंह राजपूत, एमपीडब्ल्यूएलसी बैहर के शाखा प्रबंधक जितेन्द्र डोंगरे के खिलाफ भी एफआइआर दर्ज करने के निर्देश दिए है।
ये है मामला
कोरोना काल के दौरान जिले के १८ राइस मिलर्स द्वारा करीब ३३ हजार बोरा अमानक चावल की सप्लाई की गई थी। इसका खुलासा भारत सरकार की टीम द्वारा जांच किए जाने के बाद हुआ है। केन्द्र से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद प्रदेश सरकार हरकत में आई। जानकारी के अनुसार ३० जुलाई व २ अगस्त को केन्द्र सरकार की टीम ने अमानक चावल के की जांच के लिए २१ सेम्पल लिए थे। जो कि जांच में इंसानों के खाने लायक के नहीं पाए गए थे। केन्द्र ने इस मामले की जांच रिपोर्ट २१ अगस्त को प्रदेश सरकार को सौंपी थी। जिसमें मिलर्स द्वारा प्रदान किया गया चावल मानव उपयोग के लायक का नहीं पाया गया था। इसका खुलासा होने के बाद प्रदेश सरकार हरकत में आई है।

Bhaneshwar sakure Bureau Incharge
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