अवैध रुप से घर में रखी चिरान जब्त, वन विभाग ने की कार्रवाई

Bhaneshwar sakure

Publish: Sep, 17 2017 01:15:34 (IST)

Balaghat, Madhya Pradesh, India
अवैध रुप से घर में रखी चिरान जब्त, वन विभाग ने की कार्रवाई

चिखलाझोड़ी में दी थी दबिश

बालाघाट. घर में अवैध रुप से चिरान रखी हुई थी। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर न केवल जांच की। बल्कि अवैध चिरान होने पर उसे जब्त भी किया। यह कार्रवाई वन विभाग उकवा के रेंजर पीआर मदनकर के नेतृत्व में की गई।
बुधराम के घर दी दबिश
रेंजर पीआर मदनकर ने बताया कि अवैध रुप से घर में लकडिय़ां रखे होने की सूचना मिली थी। जिसके आधार पर चिखलाझोड़ी पहुंचकर बुधराम पिता बखन बैगा के घर में दबिश दी। जहां से अवैध रुप से रखी लकडिय़ां जब्त की गई है। इस कार्रवाई के दौरान रेंजर पीआर मदनकर, डीपी तिवारी, अरविंद मड़ावी, एसडी भोयर, फारेस्टगार्ड देवराज मरकाम, डीडी रोकड़े, राजेश राकेड़े, बंजारी ठाकरे, केएल मड़ावी, आरबी कटरे, राहुल धुर्वे, ममता मरकाम, संगीता खरोले, सुनीता उइके मौजूद थे।
जंगल से की थी कटाई
बताया गया है कि बुधराम ने जंगल से बगैर अनुमति के पेड़ों की कटाई की थी। जिसका चिरान कर दरवाजे सहित अन्य फर्नीचर बना रहा था। मौके पर पहुंचे वनविभाग की टीम को चिरान के अलावा बड़ी संख्या में बल्लियां, तैयार किए हुए दरवाजे सहित अन्य सामग्री जब्त की।
पति की हत्या करने का लगाया आरोप
बालाघाट. लामता थाना के ग्राम मोतेगांव निवासी मानतीबाई हिरवाने ने अपने पति की गांव के ही आधा दर्जन लोगों द्वारा हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक व कलेक्टर कार्यालय में जांच की मांग को लेकर ज्ञापन सौंप गुहार लगाई है। इस दौरान मानतीबाई ने बताया कि २३ जून २०१७ को गांव के ही राधेलाल व उसके भाई दीपलाल, दिलीप सहित अन्य ने पति अशोक हिरवाने को घर में घुसकर मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी। इसकी शिकायत लामता थाना में की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसकी लिखित शिकायत ४ जुलाई को पुलिस अधीक्षक को भी की गई। जिससे लामता थाना के संबंधित बीट प्रधान आरक्षक द्वारा पति-पत्नी को डरा धमकाकर अनावेदकों से सांठ-गांठ जबरन समझौता कराया गया। मृतक की ३० अगस्त की रात कुसोबा पिता मनीराम लोहार ने रामायण मंडली के बहाने बुलाकर ले गया। जिससे मृतक कुसोबा के साथ गांव के ही गणेश पंडाल में मंडली में चला गया। दूसरे दिन ३१ अगस्त की सुबह घर के बाहर अशोक की लाश दिवार किनारे टिकी मिली। जिसके शरीर के कपड़े कीचड़ से भरे व मुहं से खून निकल रहा था और गले में नाखून के निशान भी थे। इस दौरान गांव का सरपंच राधेलाल यादव व एक ट्रेक्टर चालक मौके पर आ गए। पुलिस आने के पूर्व मृतक के शरीर का कपड़ा निकाल सूबत मिटाने कपड़ा जलाने का प्रयास करने लगे। लाश को भी जलाकर रफा-दफा करने की भी बात कर रहे थे। जिससे मानतीबाई ने इसकी जानकारी आस-पास के लोगों को दी और थाना में सूचना दी गई। सूचना पर पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम कार्रवाई की गई। महिला ने कहा कि पति को घर में घुसकर मारपीट करने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।

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