बाढ़ की स्थिति में नदी में पानी छोडऩे की त्वरित सूचना दी जाएगी

वैनगंगा नदी में बाढ़ नियंत्रण एवं समन्वय के लिए चार जिलों के अधिकारियों की हुई बैठक

By: mukesh yadav

Published: 24 May 2018, 05:15 PM IST

बालाघाट. वैनगंगा बावनथड़ी एवं बाघ नदी पर बने बांधों से अतिवृष्टि की स्थिति में पानी छोड़े जाने पर बालाघाट एवं महाराष्ट्र के गोंदिया व भंडारा जिलों में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो जाती है। ऐसी स्थिति में बाढ़ पर नियंत्रण रखने के लिए कलेक्टर डीव्ही सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सिवनी, बालाघाटख् गोंदिया, नागपुर एवं भंडारा जिले के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में गोंदिया के कलेक्टर अभिमन्यु काले, गोंदिया के पुलिस अधीक्षक डॉ दिलीप पाटिल भुजबल, सिवनी के अपर कलेक्टर डीपी द्ववेदी, जिला पंचायत बालाघाट की मुख्य कार्यपालन अधिकारी मंजूषा विक्रांत राय, अपर कलेक्टर शिवगोविंद मरकाम भी मौजूद थे। बैठक में बालाघाट, सिवनी, गोंदिया, नागपुर एवं भंडारा जिले के सिंचाई विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे।
बैठक में बताया गया कि सिवनी जिले में स्थित भीमगढ़ बांध से वैनगंगा नदी में पानी छोड़े जाने पर बालाघाट, गोंदिया एवं भंडारा जिले के गांव प्रभावित होते हंै। इसी प्रकार बाघ नदी पर गोंदिया जिले में बने सिरपुर डेम, पुजारीटोला एवं कालीसरार डेम से पानी छोड़े जाने पर बालाघाट जिले के गांवों में बाढ़ की स्थिति निर्मित होती है। बावनथड़ी नदी पर बने राजीव सागर बांध से पानी छोड़े जाने की स्थिति में भंडारा जिले के गावों में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो सकती है। मंडला जिले में स्थित थावर डेम से पानी छोड़े जाने पर बालाघाट जिले में ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता है।
छोड़ा जाता रहेगा पानी
बैठक में तय किया गया सिवनी जिले में वैनगंगा नदी पर बने भीमगढ़ बांध एवं बालाघाट जिले में बावनथड़ी नदी पर राजीव सागर बांध तथा गोंदिया जिले में बाघ नदी पर बने सिरपुर, पुजारीटोला व कालीसरार बांध से नदियों में एक साथ पानी नहीं छोड़ा जाएगा। एक बांध से पानी छोड़े जाने पर उसी समय दूसरे बांध से पानी नहीं छोड़ा जाएगा। बांधों से पानी समन्वय बनाकर छोड़ा जाएगा। बाघ नदी पर महाराष्ट्र में बने सिरपुर, पुजारीटोला एवं कालीसरार बांध से वर्षा के दिनों में नियंत्रित रूप से पानी छोड़ा जाता रहेगा। जिससे वैनगंगा नदी में बाढ़ की स्थिति न हो।
कलेक्टर को दी जाएगी सूचना
बैठक में तय किया गया कि बांध के पूर्ण रूप से भर जाने एवं अतिवृष्टि की स्थिति में गेट खोले जाने की सूचना तत्काल आगे वाले जिलों के कलेक्टर को दी जाएगी। संबंधित जिले के कलेक्टर को बताए बगैर नदी में बांध से पानी नहीं छोड़ा जाएगा। भीमगढ़ के संजय सरोवर बांध से पानी छोड़े जाने पर वह 170 किमी. की दूरी तय कर 15 से 20 घंटे में बालाघाट पहुंचता है। अत: समय रहते पानी छोड़े जाने की सूचना मिलने पर प्रभावित हाने वाले क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन के उपाय किए जा सकेंगें।
यह रहे उपस्थित
बैठक में बालाघाट, वारासिवनी, बैहर, लांजी के एसडीएम सिंचाई विभाग के अधीक्षण यंत्री एसएस गहरवार, कार्यपालन यंत्री एके बिनोदिया, प्रदीप गांधी, संजय सरोवर परियोजना सिवनी के कार्यपालन यंत्री आरएस शर्मा, भंडारा के अधीक्षण अभियंता राजेश सोनटेके, कार्यपालन अभियंता पाटबंधारे, भंडारा के मानवटकर, बाघ इटियाडोह परियोजना गोंदिया के कार्यपालन अभियंता एचवाय छपरघरे, केन्द्रीय जल आयोग नागपुर के एसडीओ जितेन्द्र, आमगांव के एसडीओ बीबी बिसेन, मध्यम सिंचाई के उप कार्यपालन अभियंता पीडी बड़वाईक, गोंदिया के एसीएफ एनएच शेंडे, स्वास्थ्य विभाग गोंदिया से डॉ केके त्रिपाठी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

mukesh yadav Reporting
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