डेंगू के लक्षण, बचाव के उपाय की दी जानकारी

डेंगू की रोकथाम के लिए अंतरविभागीय कार्यशाला का हुआ आयोजन

By: Bhaneshwar sakure

Published: 11 Sep 2021, 10:10 PM IST

बालाघाट. प्रदेश के अन्य जिलों में डेंगू का संक्रमण होने और वर्तमान में डेंगू का संक्रमण काल होने के मद्देनजर बालाघाट जिले में डेंगू की रोकथाम के लिए कार्य प्रारंभ कर दिए गए है। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत नगरपालिका परिषद बालाघाट के सभाकक्ष में अंतरविभागीय कार्यशाला का आयोजन कर डोंगू की रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वाथ्य अधिकारी डॉ मनोज पाण्डेय की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में मुख्य नगर पालिका अधिकारी सतीश मटसेनिया, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. मनीषा जुनैजा, डॉ. अंकित असाटी, नगर पालिका के उपयंत्री सुरेन्द्र राहंगडाले उपस्थित थे।
कार्यशाला में जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. मनीषा जुनैजा द्वारा डेंगू के कारण, लक्षण, रोकथाम व नियंत्रण के उपायों लार्वा सर्वे, लार्वा विनिष्टिकरण व स्पेस स्प्रे की जानकारी विस्तार से दी गई। उन्होंने बताया कि डेंगू यह डेन नामक वायरस के कारण होता है जो मच्छर के काटने से फैलता है। इसके लक्षणों में 2 से 7 दिन तक बुखार, सिरदर्द, मांसपेसियों में दर्द, जोड़ों में दर्द, आंखों के आस-पास दर्द, छाती और दोनों हाथों में लाल चकते, ऐसे लक्षण होने पर तत्काल जिला चिकित्सालय में पंहुच कर एलाईजा टेस्ट कराना चाहिए व चिकित्सक की सलाह अनुसार उपचार कराना चाहिए। चूंकि डेंगू का कोई विशेष उपचार नहीं है। अत: बचाव व सावधानी ही मुख्य सुरक्षा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज पांडेय द्वारा कार्यशाला में बताया गया कि डेंगू के लार्वा उत्पन्न होने के स्थान, स्रोतों की सफाई व सावधानियां अपनाकर डेंगू बीमारी से कैसे बचा जा सकता है के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डेंगू से बचाव हम सब की जिम्मेदारी है। डेंगू से बचने के लिए पानी के बर्तनों, टंकियों को अच्छी तरह से ढंककर रखें। घर के आस-पास अनुपयोगी पुराने टायरों, बर्तनों, टंकियों को नही रखें ताकि उनमें पानी जमा न हो सके। घर के आस-पास सभी गड्ढों को मिटटी से भर दे। घर के आस-पास जमा पानी जहां मच्छर पैदा होने की सम्भावना हो वहां जला हुआ ऑयल या मिट्टी का तेल डालें। सोते समय हमेशा मच्छरदानी का उपयोग करे।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी सतीश मटसेनिया ने कहा कि नगरपलिका क्षेत्र बालाघाट में डेंगू नियंत्रण के उपाय निरंतर किए जाते रहेंगें और नगरपालिका का अमला स्वास्थ्य विभाग के अमले के साथ मिलकर कार्य करेगा। उन्होंने बताया कि डेंगू की आंशका को देखते हुए डेंगू प्रभावित वार्डों में लार्वा सर्वे व लार्वा विनिष्टिकरण व नियत्रंण के कार्य करने के लिए दलों का गठन कर लिया गया है। जिससे आवश्यकता अनुसार प्रभावित क्षेत्र में शीघ्र रोकथाम के उपाय किया जा सकेंगे। कार्यशाला में नगरपालिका परिषद व स्वास्थ्य विभाग के संबंधित समस्त अमला उपस्थित रहा।

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