सरकार को वादा याद दिलाने प्रेरक शिक्षकों ने भीख मांग की राशि जमा

बालाघाट. राज्य सरकार को वादा याद दिलाने नाराज संविदा प्रेरक शिक्षकों ने विरोध का अनूठा तरीका अपनाते हुए भीख मांग रुपए जमा किए।

बालाघाट. राज्य सरकार को वादा याद दिलाने नाराज संविदा प्रेरक शिक्षकों ने विरोध का अनूठा तरीका अपनाते हुए भीख मांग रुपए जमा किए। इन रूपयों से केक काटकर एक वर्ष पूर्ण होने पर सरकार को उनका वचन याद दिलाया। संविदा प्रेरक शिक्षक संघ ने भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया और मांग रखी कि उनकी समस्याओं का निराकरण शीघ्र किया जाए नहीं तो आंदोलन किया जाएगा।
प्रेरकों में नाराजगी
साक्षर भारत योजना के तहत प्रेरक शिक्षक भर्ती किए गए थे और उन्हें काफी कम मानदेय दिया जा रहा था। जिन्हें मार्च 2018 से कार्य से बाहर कर दिया गया। जिसके बाद से प्रेरक लगातार अपनी बहाली के लिए संघर्ष कर रहे है। विगत विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने प्रेरक शिक्षकों से वादा किया था कि सरकार प्रदेश में बनती है तो उन्हें बहाल किया जाएगा। कांग्रेस ने चुनाव में बांटे गए वचन पत्र क्रमांक 47.29 में वचन दिया था कि सरकार बनते ही साक्षरता संविदा प्रेरकों की मांगों का 6 माह में निराकरण कर दिया जाएगा। पूरे प्रदेश में 23,००० से अधिक संविदा प्रेरक शिक्षक है जिसमें बालाघाट जिले में करीब १२०० संविदा प्रेरक शिक्षक है। जो अपनी बहाली के लिए लगातार सरकार से मांग कर रहे है। लेकिन मांग पूरी नहीं होने पर सभी में सरकार के प्रति आक्रोश पनप रहा है।
अपना वचन भूल गई सरकार
संविदा प्रेरक शिक्षक संघ के जिला संयोजक राजेश लिल्हारे ने कहा कि सरकार संविदा प्रेरक शिक्षकों को दिए गए वचन को भूल गई है। कांग्रेस ने प्रदेश में सरकार बनते ही 6 माह के भीतर संविदा प्रेरक शिक्षकों के मांगों का निराकरण की बात कही थी। लेकिन सरकार के एक वर्ष पूर्ण हो जाने के बाद भी सरकार हमारी मांगो को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने बताया कि एक साल के अंतराल में मुख्यमंत्री से लेकर प्रशासन तक विभिन्न ज्ञापन के माध्यम से प्रेरक शिक्षक अपनी जायज मांग के निराकरण की मांग कर चुके है लेकिन सरकार हमारी बात नहीं सुन रही है। उन्होंने कहा कि हमारी मांग का निराकरण जल्द नहीं किया जाता है तो आगामी 5 फरवरी से उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

mahesh doune Reporting
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