अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़, आठ आरोपी गिरफ्तार

तीन सौ से अधिक मोबाइल, दस लाख रुपए नगद जब्त, 30 से ज्यादा बैंक खातों को किया फ्रीज

By: Bhaneshwar sakure

Published: 15 Jun 2021, 09:37 PM IST

बालाघाट. गृह मंत्रालय भारत सरकार और मप्र, झारखंड, आंध्रप्रदेश पुलिस व अन्य राज्यों की पुलिस टीम के वित्तीय फ्रॉड शाखा गृह मंत्रालय द्वारा समन्वित कार्रवाई के दौरान एक अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं उनके पास से तीन सौ से अधिक मोबाइल, दस लाख रुपए नगद, ७५ से अधिक के्रडिट कार्ड, हार्ड डिस्क, लैपटॉप, टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स बरामद किए हैं। वहीं ३० से ज्यादा बैंक खातों को फ्रीज भी किया है। पुलिस ने इस मामले में हुकुम सिंह बिसेन (बालाघाट, मप्र), मनोज राणा (बालाघाट, मप्र), सुशांत अग्रवाल (रांची, झारखंड), प्रभात कुमार (रांची, झारखंड), विकास उर्फ नितिन कुमार सिंह (सरायकेला, झारखंड), संजय मेहतो (देवघर, झारखंड), हरि (चितूर, आंध्रप्रदेश) और श्रवण कुमार (चितूर, आंध्रप्रदेश) को गिरफ्तार किया है। वहीं इनके पास से पुलिस ने तीन सौ से अधिक मोबाइल फोन, दस लाख रुपए नगद, ७५ से अधिक के्रडिट कार्ड, हार्ड डिस्क, लैपटॉप, टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स बतौर साक्ष्य बरामद किए हैं। वहीं पुलिस ने ३० से ज्यादा बैंक खातों को फ्रीज भी किया है।
एसपी अभिषेक तिवारी ने मंगलवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि इस नेटवर्क में सात सौ से अधिक ऑपरेटर थे, जो ओटीपी, क्रेडिट कार्ड, ई-कामर्स धोखाधड़ी, फर्जी आइडी, फर्जी मोबाइल नंबर, फर्जी पता से इस ऑनलाइन मोबाइल की खरीदी-बिक्री को अंजाम दे रहे थे। उन्होंने बताया कि खुफिया इनपुट एमएचए साइबर सेफ पोर्टल द्वारा तैयार किया गया था। जिसमें यह जानकारी मिली थी कि एक मेगा नेटवर्क पूरे भारत में १८ से अधिक राज्यों में सक्रिय है। आर्थिक अपराधों और साइबर अपराधों के खिलाफ अंतरराज्यीय समन्वय के लिए मॉडल की स्थापना करते हुए इन धोखेबाजों के वित्तीय ट्रेल्स को इकठ्ठा करते हुए उनका विशलेषण किया गया। जिसके बाद धोखाधड़ी, कालाबाजारी, कर चोरी का पता चला। इस मामले में पूरे देश में २० करोड़ रुपए से अधिक मनी लॉन्ड्रिग नेटवर्क का खुलासा किया गया। उन्होंने बताया कि इस मामले में सात सौ से अधिक संदेही देश की विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जांच के दायरे में है। इस मामले की जांच के लिए ७ टीमों का गठन किया गया था। उन्होंने बताया कि इस मामले में कोतवाली पुलिस ने धारा ४१३, ४१९, ४२०, ४६७, ४६८ भादवि, ६६ बी, ६६ डी आइटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है। इस मामले के अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम रवाना की गई है।

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