जायसवाल एजेंसीज, दवा के निर्माता पर 40 हजार रुपए का जुर्माना

अमानक दवा विक्रय करने का मामला

बालाघाट. अपर जिला दंडाधिकारी न्यायालय बालाघाट द्वारा बिना खाद्य पंजीयन के खाद्य सामग्री का कारोबार करने एवं अमानक दवा का भंडारण व विक्रय करने पर में जायसवाल एजेंसीस मेन रोड बालाघाट के मालिक रविन्द्र जायसवाल व दवा निर्माता कंपनी पर 40 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी शरदचन्द्र साहू द्वारा 6 दिसम्बर 2017 को मेन रोड बालाघाट स्थित जायसवाल एजेंसीस का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान एजेंसी के मालिक रविन्द्र जायसवाल द्वारा स्वयं को दवाईयों और फूड प्रोडक्टस का थोक विक्रेता बताया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी साहू द्वारा खाद्य सामग्री विक्रय करने का लायसेंस मांगा गया तो उनके द्वारा पंजीयन के लिए किए गए आवेदन की प्रति दिखाई गई। इस दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी साहू ने दुकान में विक्रय के लिए रखे बीएनसी सीरप के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला में जांच के लिए भिजवाए थे। जांच रिपोर्ट के अनुसार बीएनसी सीरप मिथ्या छाप पाया गया है। इस पर रविन्द्र जायसवाल के विरूद्ध कार्रवाई के लिए प्रकरण अपर कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।
अपर कलेक्टर न्यायालय में इस प्रकरण की सुनवाई के बाद जायसवाल एजेंसी के मालिक रविन्द्र जायसवाल पर मिथ्याछाप खाद्य सामग्री विक्रय एवं बगैर खाद्य पंजीयन के खाद्य सामग्री विक्रय करने के लिए 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। मिथ्याछाप सीरप के भंडारक एवं वितरक कंपनी देवास नाका इंदौर के मैनेजर पवन तांडी पर 10 हजार रुपए और इस सीरप की निर्माता कंपनी एंग्लोमेड लिमिटेड रायपुर भगवानपुर रूडकी उत्तराखंड पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की यह राशि 30 दिनों के भीतर जमा करने का आदेश दिया गया है।

Bhaneshwar sakure Bureau Incharge
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